Wrestler Narsingh Yadav case: दिल्ली HC ने सीबीआइ को जांच के लिए दिया और समय

पहलवान नरसिंह ने पिछले वर्ष 24 दिसंबर को प्रधानमंत्री को ट्वीट कर अपील की थी कि सीबीआइ की जांच जल्द पूरी कराई जाए। नरसिंह ने कहा है उनका कोई कसूर नहीं है, फिर भी सजा भुगत रहे हैं।

By JP YadavEdited By: Publish:Fri, 01 Feb 2019 04:41 PM (IST) Updated:Sat, 02 Feb 2019 07:59 AM (IST)
Wrestler Narsingh Yadav case: दिल्ली HC ने सीबीआइ को जांच के लिए दिया और समय
Wrestler Narsingh Yadav case: दिल्ली HC ने सीबीआइ को जांच के लिए दिया और समय

नई दिल्ली, जेएनएन। चार वर्ष का प्रतिबंध झेल रहे भारतीय पहलवान नरसिंह पंचम यादव की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को मामले की जांच के लिए और अधिक समय प्रदान किया है। अब इस मामले में 8 मार्च को सुनवाई होगी। 

इससे पहले सीबीआइ द्वारा की जा रही धीमी जांच के मुद्दे पर नरसिंह यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय मांगा था। इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में अर्जी लगाई है। नरसिंह का कहना है कि सीबीआइ जांच में देरी होने कारण उनका कुश्ती करियर बर्बाद हो रहा है।

वाराणसी के पहलवान नरसिंह ने पिछले वर्ष 24 दिसंबर को प्रधानमंत्री को ट्वीट कर अपील की थी कि सीबीआइ की जांच जल्द पूरी कराई जाए। नरसिंह ने कहा है उनका कोई कसूर नहीं है, फिर भी वह सजा भुगत रहे हैं। जांच में देरी होने से उनका करियर बर्बाद हो रहा है। 2016 में रियो ओलंपिक से ठीक पहले नरसिंह डोपिंग में फंस गए थे। इसको लेकर काफी बवाल मचा था। उन्होंने इसके लिए भारत के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार पर आरोप भी लगाया था। इसके बाद राष्ट्रीय डोपिंग रोधक एजेंसी (नाडा) की विशेष समिति ने नरसिंह को बरी कर दिया था और रियो ओलंपिक में खेलने की इजाजत दे दी थी लेकिन रियो में विश्व डोपिंग रोधक एजेंसी (वाडा) ने उनके खेलने पर रोक लगाने के साथ चार वर्ष का प्रतिबंध भी लगा दिया था।

नरसिंह ने कहा कि 2016 में सीबीआइ जांच के आदेश दिए गए थे लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं आया है जबकि सीबीआइ जैसी एजेंसी के लिए यह छोटा सा मामला है। कुछ माह में जांच पूरी हो जानी चाहिए थी। जांच पूरी नहीं होने के कारण कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स मेरे हाथ से निकल गया। अब टोक्यो ओलंपिक बचा है। यह सब सीबीआइ जांच पर निर्भर है कि कितने दिनों में जांच पूरी होती है।

रियो ओंलपिक की तैयारी के लिए वर्ष जनवरी 2016 में भारतीय पहलवानों का प्रशिक्षण शिविर सोनीपत-बहालगढ़ साई सेंटर में चल रहा था। तभी नाडा ने पहलवानों के सैंपल लिए थे और नरसिंह का सैंपल फेल मिला था। नरसिंह का कहना है कि साजिश के तहत उनके खाने में प्रतिबंधित दवा डाली गई जिससे मैं रियो न जा सकूं। इसके खिलाफ राई-सोनीपत थाने में नरसिंह ने एक पहलवान के खिलाफ पुलिस शिकायत भी दी थी।

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