क्रिकेट की सुपर पावर है आस्ट्रेलिया, ऐसे ही कंगारू नहीं हैं क्रिकेट के सुल्तान

ICC T20 World Cup 2021 के फाइनल मैच में न्यूजीलैंड को हराकर आस्ट्रेलिया की टीम ने साबित कर दिया है कि आस्ट्रेलिया की टीम ही क्रिकेट की सुपर पावर है। कंगारू टीम को ऐसे ही क्रिकेट का सुल्तान नहीं कहा जाता है क्योंकि वे 8 आइसीसी टूर्नामेंट जीत चुके हैं।

By Vikash GaurEdited By: Publish:Mon, 15 Nov 2021 07:35 AM (IST) Updated:Mon, 15 Nov 2021 07:35 AM (IST)
क्रिकेट की सुपर पावर है आस्ट्रेलिया, ऐसे ही कंगारू नहीं हैं क्रिकेट के सुल्तान
Australia T20 World Cup जीत गई है (फोटो afp)

अभिषेक त्रिपाठी, दुबई। आप मानें या नहीं माने, पर इस बात में कोई दो राय नहीं हैं कि आस्ट्रेलिया विश्व क्रिकेट का सुपर पावर है और रिकार्ड भी इस बात की पुष्टि करते हैं। रविवार को टी20 विश्व कप के फाइनल में आस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को आठ विकेट से हराकर अपनी सुपर पावर को एक बार फिर साबित किया। इस बार पाकिस्तान ने भी किसी विश्व कप मुकाबले में भारत को हराकर इतिहास बदल दिया था, लेकिन न्यूजीलैंड की टीम 40 साल में तीन या उससे ज्यादा टीमों के टूर्नामेंट के नाकआउट मुकाबलों में आस्ट्रेलिया से हारने के रिकार्ड को नहीं बदल पाई। तस्मानियाई लड़ाई में एक बार फिर आस्ट्रेलिया विजेता साबित हुआ और उसने अपना पहला टी-20 विश्व खिताब जीता। इसी के साथ वह वनडे विश्व कप, चैंपियंस ट्राफी और टी-20 विश्व कप जीतने वाले देशों की लिस्ट में शामिल हो गया।

वहीं, न्यूजीलैंड अब तक सिर्फ एक चैंपियंस ट्राफी और पहला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल ही जीत सका है। खास बात यह है कि इस आस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले खिताब का दावेदार नहीं माना जा रहा था, लेकिन डेविड वार्नर के साथ उनके सभी खिलाड़ियों ने फार्म पकड़ी और आखिरकार ट्राफी भी अपने नाम की। फाइनल मुकाबले में मैन आफ द मैच मिशेल मार्श कमाल के रहे। आरोन फिंच के आउट होने के बाद छह चौके और चार छक्के मारकर नाबाद 77 रन बनाए। उन्होंने मैच को एकतरफा कर दिया और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के पास उनका कोई तोड़ नहीं था। एक चीज और आस्ट्रेलिया के पक्ष में गई और वह है फिंच का टास जीतना। उन्होंने टास जीतकर तुरंत गेंदबाजी का फैसला किया। यहां बाद में बल्लेबाजी करना आसान होता है और ऐसा ही हुआ भी।

कमाल का मैच

2015 विश्व कप फाइनल में न्यूजीलैंड को हराने वाली आस्ट्रेलियाई टीम ने 173 रनों के लक्ष्य को 18.5 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। इसमें मुख्य भूमिका वार्नर और मार्श ने निभाई। दोनों ने अर्धशतक दूसरे विकेट के लिए 92 रनों की साझेदारी करके न्यूजीलैंड के हाथों से मैच छीन लिया। वार्नर के बोल्ड होने के बाद मार्श और मैक्सवेल ने कोई विकेट गिरने नहीं दिया और टीम को पहला खिताब दिलाकर ही वापस लौटे। वार्नर ने इस टूर्नामेंट के सात मैचों में तीन अर्धशतक लगाकर 289 रन बनाए। वह रन बनाने के मामले में बाबर आजम (303) के बाद दूसरे नंबर पर रहे।

29 जनवरी 1981 को जेफ होवर्ट की कप्तानी में न्यूजीलैंड ने बेंसन एंड हेजेस विश्व सीरीज कप के पहले फाइनल में आस्ट्रेलिया को 78 रनों से हराया था। इसके जेरेमी कोने, जेफ क्रो, जान राइट, मार्टिन क्रो, इयान स्मिथ, केन रदरफोर्ड, ली जर्मन, स्टीफन फ्लेमिंग, डियोन नैश, डेनियल विटोरी, रास टेलर, ब्रेंडन मैकुलम, टाम लाथम और केन विलियमसन कीवी कप्तान बने, लेकिन बहुद्देशीय टीमों के नाकआउट मुकाबलों में आस्ट्रेलिया को नहीं हरा सके।

फिर भी दिल जीता

कभी छुक-छुक करती रेलगाड़ी को जेट प्लेन बनते देखा है, कभी 303 राइफल को एके-47 बनते देखा है, कभी कैंडलस्टिक फोन को आइफोन-13 प्रो बनते देखा है या कभी टाइपराइटर को लैपटाप बनते देखा है.. नहीं देखा है ना, देख भी नहीं सकते, लेकिन केन विलियमसन की इस पारी में हमने कछुए को खरगोश बनते देखा है। विलियमसन भले ही अपनी टीम को विश्व कप ट्राफी नहीं दिला पाए हों, लेकिन उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से सबका दिल जीता। न्यूजीलैंड जब पहले बल्लेबाजी करने उतरी तो उसने 8.3 ओवर में सिर्फ 43 रन बनाए थे।

विलियमसन 14 गेंद पर सिर्फ आठ रन बनाकर खेल रहे थे। सब कह रहे थे कि ये टेस्ट मैच नहीं, टी20 है, लेकिन इसके बाद उन्होंने रौद्र रूप दिखाया। 11वें ओवर की चौथी गेंद पर हेजलवुड ने फाइन लेग पर विलियमसन का कैच छोड़ा। इस समय विलियमसन 21 गेंद पर 21 रन बनाकर खेल रहे थे और न्यूजीलैंड का स्कोर एक विकेट पर 61 रन था। इसके बाद केन ने अगली गेंद पर लांग आफ की ओर गोली शाट खेला। इसके बाद 147 किलोमीटर प्रति घंटे से कमर के ऊपर से आई गेंद पर उन्होंने लांग आन और डीप मिडविकेट के बीच से चौका मारा।

स्टार्क के इस ओवर में 19 रन गए। अगले ओवर में उन्होंने मैक्सवेल पर दो छक्के लगाए। 16वें ओवर में तो विलियमसन ने स्टार्क का धागा खोल दिया। उन्होंने चार चौके और एक छक्का मारकर 22 रन बनाए। शार्ट थर्ड, थर्ड मैन, स्कवायर लेग, प्वाइंट और फिर थर्ड मैन की तरफ गेंद को मार बाउंड्री के पार पहुंचाया। 144 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही गेंदों को वह जिस तरह फ्रंट फुट और बैक फुट पर जाकर मार रहे थे उससे कोई मोहित हो सकता था। टीम ने 16 ओवर में दो विकेट पर 136 रन बना लिए।

ऐसा लगने लगा था कि न्यूजीलैंड 180 का स्कोर पार कर लेगी, लेकिन हेजलवुड ने 18वें ओवर में दो विकेट लेकर ऐसा नहीं होने दिया। इससे पहले न्यूजीलैंड की शुरुआत काफी खराब हुई थी। पिछले मैच के हीरो डेरिल 11 रन बनाकर आउट हुए। न्यूजीलैंड ने चोटिल कोन्वे की जगह सीफर्ट को खिलाया, लेकिन वह आठ रन ही बना सके। 10 ओवर तक विलियमसन ने 19 गेंद पर 94.73 के स्ट्राइक रेट से 19 रन बनाए थे और इसके बाद उन्होंने 29 गेंद पर 231.03 के स्ट्राइक रेट से 67 रन बनाए। शुरुआती 10 ओवर में 57 रन बनाने वाली कीवी टीम ने आखिरी 10 ओवर में 115 रन बनाए।

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