श्रीनगर के आधा दर्जन गांवों की नहीं बदली है तस्वीर

पूर्णिया। प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सिंघिया पंचायत के पटनारहिका प्रेमनगर मेघनाटोल जितिया घाट च

By JagranEdited By: Publish:Thu, 04 Apr 2019 12:03 AM (IST) Updated:Thu, 04 Apr 2019 12:03 AM (IST)
श्रीनगर के आधा दर्जन गांवों की नहीं बदली है तस्वीर
श्रीनगर के आधा दर्जन गांवों की नहीं बदली है तस्वीर

पूर्णिया। प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सिंघिया पंचायत के पटनारहिका, प्रेमनगर, मेघनाटोल, जितिया घाट, चनका पंचायत के कोला गाव, चनका वार्ड नंबर दो सहित आधा दर्जन गावों की तस्वीर नहीं बदल सकी है। यह इलाका आज भी विकास की रोशनी से कोसों दूर हैं। सिंघिया पंचायत के आधा दर्जन गाव बरसात के दिनों में टापू बन कर रह जाते हैं। गाव के पश्चिम में कारी कोसी व पूर्व में मछलकी धार दोनों में से किसी भी नदी पर पुल नहीं रहने के चलते यहा के लोग बरसात के दिनों में गाव में कैद होकर रह जाते हैं। गाव में आवागमन को लेकर कच्ची सड़क व पगडंडी ही एक मात्र सहारा है। रात में अगर कोई बीमार पर जाए तो उसे अस्पताल तक ले जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। गाव के विकास के लिए अच्छी खासी राशि खर्च की गई है लेकिन एक भी योजना धरातल पर नजर नहीं आ रही है। इन गाव के लोगों को प्रखंड मुख्यालय पहुंचना भी परेशानी का सबब बन जाता है। पंचायत के ग्रामीण बेचन ऋषि, नंदलाल ऋषि, नवल ऋषि, फनीलाल ऋषि, तालामय देवी आदि का कहना है कि कारी कोसी व मछलकी धार में पुल बन जाता तो क्षेत्र के लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं होती। रास्ते के कारण अपने उपज को औने पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। आज आजादी के इतने दिन बीत जाने के बावजूद भी हमलोग विकास की रोशनी से कोसों दूर है। जब चुनाव का समय आता है, सभी नेता वोट लेने के लिए पहुंच जाते हैं। जबकि हमारे गाव में आने के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। फिर भी इन नेताओं को जीतने से मतलब रहता है। हम ग्रामीणों को क्या चाहिए। उससे इन्हें कोई लेना देना है। वहीं पंचायत के मुखिया गंगाराम टुड्डू कहते हैं पंचायत की योजना से जितना कार्य होगा। वह हम कर रहे हैं।

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