राजेंद्र दूधिया मशरूम की खेती साबित हो रहा वरदान, इससे अच्छी आमदनी कर सकते किसान

किसान घर में रहकर ही इस मशरूम की खेती कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा समस्तीपुर के वैज्ञानिक दे रहे सालाह।

By Ajit KumarEdited By: Publish:Mon, 31 Aug 2020 09:30 AM (IST) Updated:Mon, 31 Aug 2020 09:30 AM (IST)
राजेंद्र दूधिया मशरूम की खेती साबित हो रहा वरदान, इससे अच्छी आमदनी कर सकते किसान
राजेंद्र दूधिया मशरूम की खेती साबित हो रहा वरदान, इससे अच्छी आमदनी कर सकते किसान

समस्तीपुर, [पूर्णेंदु कुमार] । खेती के पारंपरिक तौर-तरीकों में लगातार बदलाव हो रहा है। आधुनिक तरीके से नकदी फसलों की खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है। मशरूम उत्पादन भी उन्हींं में से एक है। यह अच्छी आय का साधान है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा, समस्तीपुर के मशरूम वैज्ञानिक डॉ. दयाराम इसे उगाने की सलाह देते हैं। वे कहते हैं कि लॉकडाउन की इस अवधि में किसान घर बैठे आसानी से राजेंद्र दूधिया मशरूम की खेती कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।

अक्टूबर तक इसकी खेती का समय

डॉ. दयाराम के मुताबिक राजेंद्र दूधिया मशरूम की खेती करने का यह उपयुक्त समय है। अक्टूबर तक इसकी खेती की जा सकती है। इसके बढिय़ां उत्पादन के लिए 28 से लेकर 38 डिग्री सेल्सियस का तापक्रम आदर्श होता है।

उत्पादन का यह है तौर- तरीका

- कुट्टी या भूसे को आठ से 10 घंटे तक पानी में भिगोकर रखें। इसके पश्चात कुटिया भूसे को गर्म पानी से भाप निकलने तक लगभग आधे घंटे तक उपचारित करें।

- स्वच्छ पक्के फर्श पर अथवा पॉलीथिन बिछाकर कुट्टी या भूसे को बिखेर दें और इसका अतिरिक्त जल सुखाएं।

- अब कुट्टी भूसे में राजेंद्र मशरूम दूधिया का 10 फीसद बीज मिलाएं और 60 गुणा 30 सेंटीमीटर आकार वाले पॉलीथिन के थैले में भरकर मुंह बांधकर उत्पादन कक्ष में बने रैक पर रखें।

- समुचित नमी बनाए रखने के लिए दीवार एवं फर्श पर पानी का छिड़काव करें।

12 से 15 दिन बाद करें केसिंग

- बोआई के 12 से 15 दिन बाद संपूर्ण कुट्टी या भूसा कवक जाल से ढंक जाता है, तब इसकी केसिंग करते हैं।

- बगीचे की मिट्टी या खेत की दोमट मिट्टी तथा बराबर मात्रा में बालू उपचारित करने के पश्चात कवक जाल को 1.5 इंच उपचारित मिट्टी से ढकें तथा आवश्यकता अनुसार जल का छिड़काव करते रहें।

- केसिंग के 15 से 20 दिन बाद मशरूम निकलना प्रारंभ हो जाएगा तथा इसके अगले पांच से सात दिनों में तोडऩे योग्य हो जाएगा।

बीज की कमी नहीं, लॉकडाउन में कमाएं लाभ

डॉ. दयाराम बताते हैं कि एक क्विंटल भूसा एवं 10 किलो बीज से लगभग 50 से 60 किलोग्राम मशरूम का उत्पादन किया जा सकता। अगर, बीज एवं भूसे की कीमत सहित दो हजार भी खर्च आते हैं तो मशरूम का कुल उत्पादन मूल्य मात्र 25 दिनों में 75 सौ रुपये हो जाएंगे। डॉ. दयाराम ने बताया कि बीज की कोई कमी नहीं है। पूसा में केंद्र पर बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। लॉकडाउन में अपनी आय बढ़ाने के लिए किसान इसके बीज की खरीदारी करें।

chat bot
आपका साथी