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प्लेन में स्मोकिंग बैन, तो वॉशरूम में क्यों होती है ऐशट्रे? इसके पीछे की वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

Published: Sat, 03 Oct 2026 11:32 AM (IST)

हवाई जहाज में स्मोक करना प्रतिबंधित है, लेकिन फिर भी वॉशरूम में ऐशट्रे लगी होती है। इसके पीछे सुरक्षा से जुड़े कारण हैं।

प्लेन में क्यों रखी होती है ऐशट्रे? (Picture Courtesy: Freepik)

प्लेन में क्यों रखी होती है ऐशट्रे? (Picture Courtesy: Freepik)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हवाई जहाज से ट्रैवल करते समय कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना होता है, जिसमें नो स्मोकिंग रूल भी शामिल है। हवाई जहाज के अंदर सिगरेट पीना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि इसके लिए भारी जुर्माना और जेल तक की सजा भी हो सकती है। 

हालांकि, इस नियम के बावजूद प्लेन के वॉशरूम में दरवाजे पर आपने ध्यान दिया हो, तो वहां एक छोटी-सी ऐशट्रे लगी हुई मिलती है। ऐसे में सवाल आता है कि जब प्लेन में स्मोकिंग बैन है, तो फिर एयरलाइंस ने वॉशरूम में ये ऐशट्रे क्यों लगाई हुई है। आइए जानें क्या है इसके पीछे की वजह।

सुरक्षा से जुड़ी वजह

हवाई जहाज में ऐशट्रे रखी होने की सबसे बड़ी वजह है यात्रियों की सुरक्षा। विमान सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि नियम कितने भी सख्त क्यों न हो, कोई न कोई ऐसा जरूर होता है, जो नियम को तोड़ता है। अगर कोई यात्री अपनी सिगरेट पीने की लत पर काबू न पा सके और छुपकर वॉशरूम में स्मोकिंग करने लगे, तो सिगरेट पीने के बाद वह जलती हुई सिगरेट बट कहां फेंकेंगा? 

अगर वॉशरूम में ऐशट्रे न हो, तो पूरी संभावना है कि वह हड़बड़ी में जलती हुई सिगरेट को डस्टबिन में फेंक देगा। जलती सिगरेट डस्टबिन में फेंकने से आग लग सकती है। 30 हजार फीट की ऊंचाई पर प्लेन में आग लगना सबसे खतरनाक हादसों में से एक है। 

इसलिए एयरलाइंस मिनिमम रिस्क के प्रिंसिपल पर काम करती है। नियम तोड़ना अपराध है, लेकिन उसके कारण पूरी प्लेन में आग न लग जाए, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से प्लेन के वॉशरूम में ऐशट्रे रखी होती है।

इतिहास का एक दर्दनाक हादसा

हवाई जहाज में ऐशट्रे रखने का ये नियम यूं ही नहीं बना है। इसके पीछे 1973 की एक दर्दनाक घटना छिपी है। दरअसल, 1973 में एर फ्लाइट ब्राजील से पेरिस जा रही थी, लेकिन लैंडिंग से कुछ समय पहली ही प्लेन के वॉशरूम में आग लग गई। इसके कारण पायलट को आपातकालीन लैंडिंग करवानी पड़ी, लेकिन इस घटना में लगभग 120 लोगों की मौत हो गई। 

प्लेन में आग लगने की असल वजह पता नहीं लग पाई, लेकिन इसके पीछे डस्टबिन में जलती सिगरेट फेंकने को भी एक वजह माना गया और तब से प्लेन के वॉशरू में ऐशट्रे  का होना कानूनी रूप से जरूरी कर दिया गया। इसलिए हवाई जहाज के वॉशरूम में लगा ऐशट्रे देखकर हैरान होने की जरूरत नहीं है। ये सिर्फ फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल का हिस्सा है।