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गरीब तो गरीब करोड़पति भी रहते हैं घास-फूस के बने कच्चे मकानों में, दिलचस्प है इस ‘बेस्ट टूरिस्ट विलेज’ की कहानी!

Published: Thu, 16 Jul 2026 12:45 PM (IST)

लग्जरी चीजों की तरफ भागते इस मॉडर्न जमाने में राजस्थान का अनोखा गांव जहां सभी मकान कच्चे हैं।

राजस्थान के देवमाली गांव की कहानी (Image Source: AI Generated)

राजस्थान के देवमाली गांव की कहानी (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत गांवों का देश कहलाता है, जिसे महात्मा गांधी देश की आत्मा भी कहा करते थे। पर आधुनिक और शिक्षित होती यह दुनिया शहरों की तरफ भाग रही है, बड़े-आलीशान घरों का सपना देख रही है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि इसी भारत में एक ऐसी जगह है जहां एक भी पक्का मकान नहीं? क्या आप जानते हैं उस गांव के बारे में जहां रहने वाले करोड़पति भी कच्चे घरों में रह रहे हैं? चलिए भारत के इस अनोखे गांव पर बात करते हैं। 

भारत का इकलौता कच्चे मकान वाला गांव 

राजस्थान की राजधानी जयपुर से करीब 186 किलोमीटर दूर ब्यावर जिले में देवमाली गांव है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां लोग मिट्टी से बने घरों में रहते हैं। इस गांव में लोग पक्के मकान बनवाते ही नहीं है, फिर चाहे वो गरीब तबके के लोग हों या करोड़पति। 

देवमाली गांव में कच्चे मकान से जुड़ी कहानी 

देवमाली गांव में कच्चे मकान होने के पीछे की कहानी एक वचन से जुड़ी हुई है। पीढ़ियों से गांव के लोग इस परंपरा को एक वचन के चलते निभा रहे हैं। गांव वालों की गहरी आस्था भगवान देवनारायण से जुड़ी है। ऐसी मान्यता है कि हजारों साल पहले गांव के लोगों ने भगवान देवनारायण को वचन दिया था कि भगवान यहां विराजमान हैं तो यहां रहने वाले लोग पक्के मकान नहीं बनाएंगे। तब से ही इस गांव में रहने वाले सभी लोग इस वचन को निभाते आ रहे हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि एक बार किसी ने इस गांव में पक्का मकान बनाने की कोशिश की थी, लेकिन धीरे-धीरे उनका परिवार ही खत्म हो गया। 

पूरा गांव वेजिटेरियन 

इस गांव की एक और सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां रहने वाले सभी लोग शाकाहारी हैं और शराब तक का सेवन नहीं करते। लोगों का मानना है कि इस गांव को उनके पूर्वजों ने बसाया है और वो एक ही पूर्वज की संतान हैं। 

गांव के लोग नहीं लगाते ताला 

देवमाली गांव में पिछले 50 सालों से लोग अपने घरों में ताला नहीं लगाते। सबसे खास बात दरवाजे खुले रखने के बावजूद यहां कभी चोरी नहीं हुई और न किसी से कभी कोई विवाद या झगड़ा। 

‘बेस्ट टूरिस्ट विलेज’

देवमाली गांव की इन्हीं सब खासियत को देखते हुए भारत सरकार ने साल 2024 में इसे ‘बेस्ट टूरिस्ट विलेज’ घोषित किया था। यह भी बताते चलें कि इस गांव को पर्यटन मंत्रालय से सम्मान भी मिल चुका है।

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