डेटिंग ऐप्स छोड़िए, यहां लगता है जीवनसाथी का बाजार; पेरेंट्स घूम-घूमकर तलाशते हैं अपने बच्चों के लिए परफेक्ट मैच
चीन में एक ऐसा बाजार लगता है जहां लोग अपने बच्चों के लिए परफेक्ट पार्टनर तलाशते हैं।

चीन की शंघाई मैरिज मार्केट (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जहां एक तरफ मॉडर्न दुनिया में लोग अपना जीवनसाथी तलाश करने के लिए डेटिंग एप्स और मैट्रिमोनियल साइट्स का सहारा ले रहे हैं, तो वहीं दुनिया में एक ऐसी भी जगह है जहां पार्टनर का बाजार लगता है। जी हां, इससे पहले हमने वियतनाम में एक्स से मिलने वाली लव मार्केट की बात की थी, आज हम जीवनसाथी के लिए लगने वाली इस अनोखी मंडी की बात करेंगे।
चीन की शंघाई मैरिज मार्केट
यह बात सुनकर कोई भी चौंक सकता है कि चीन का सबसे बड़ा शहर शंघाई सिर्फ व्यापार के लिए ही मशहूर नहीं है, यह एक अनोखी जीवनसाथी के लिए लगने वाली मार्केट के लिए भी जाना जाता है। बताते चलें कि शंघाई के एकदम बीचों-बीच स्थित पीपुल्स पार्क में हर हफ्ते एक बाजार लगता है, जिसे वहां लोग मैरिज मार्केट के नाम से जानते हैं।
इस बाजार में पेरेंट्स अपने बच्चों की फोटो, उम्र, लंबाई, प्रॉपर्टी और सैलरी से जुड़ी सारी जानकारी कभी शीट पर चिपकाते हैं, कभी छतरी पर टांग देते हैं तो कभी पेपर पर लिखकर जमीन सजा देते हैं। ऐसा इसलिए ताकि उनके बच्चों को एक परफेक्ट मैच मिल पाए।
फिर पूरे बाजार में घूमकर जीवनसाथी तलाशते हैं
यह प्रोसेस यहीं पर खत्म नहीं होता, इसके बाद पेरेंट्स पूरे बाजार में घूम-घूमकर दूसरों की प्रोफाइल भी देखते हैं। जैसे ही कोई रिश्ता उन्हें कोई रिश्ता पसंद आता है, वो तुरंत बातचीत शुरू कर देते हैं। यह प्रोसेस अपने एजुकेशन और स्किल्स के आधार पर नौकरी ढूंढने जैसा ही है।
30 सालों से चली आ रही है परंपरा
शादी के लिए परफेक्ट मैच ढूंढने से जुड़ी यह परंपरा पिछले 30 सालों से यानी साल 1996 से चली आ रही है। शंघाई की मैरिज मार्केट इस बात का साफ सबूत है कि लोग विकसित और आधुनिक होने के दौर में भी अपनी जड़ों को भूलें नहीं हैं और शादी के लिए पुरानी परंपराओं को निभा रहे हैं, जिसमें माता-पिता की मर्जी भी शामिल है।
शादी अब मजबूरी नहीं बल्कि एक विकल्प
चीन में युवा शादी को एक मजबूरी की तरह नहीं देख रहे, जिसे करना बेहद जरूरी है। यहां के युवाओं के लिए करियर ही उनकी प्राथमिकता है और शादी एक विकल्प बन चुका है। वहीं, जब से चीन ने वन चाइल्ड पॉलिसी को अपनाया, उसकी वजह से जनसंख्या में भी असंतुलन पैदा हो गया। ऐसे में यह मार्केट चीन के लोगों के लिए उम्मीद की एक किरण समान है।
