ट्रेन में SLR कोच आखिर किस काम आता है... इसमें यात्री सफर कर सकते हैं या नहीं? पढ़िए रेलवे का नियम
भारतीय रेलवे से आप सभी ने कभी न कभी सफर जरूर किया होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि अक्सर ...और पढ़ें

भारतीय रेलवे का 'SLR' डिब्बा किस काम आता है? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हम अक्सर ट्रेन में अपनी सीट पर बैठकर मंजिल तक का सफर तय कर लेते हैं, लेकिन ट्रेन के हर एक डिब्बे पर हमारी नजर नहीं जाती। जी हां, रेलवे में कई अलग-अलग तरह के कोच होते हैं, जिनमें से एक बेहद दिलचस्प डिब्बा होता है 'SLR'। अगर आप रेलवे के इस खास कोच के बारे में नहीं जानते हैं, तो आइए इस आर्टिकल में डिटेल में इसके बारे में समझते हैं।
क्या होता है SLR का मतलब?
SLR का पूरा नाम 'सेकंड लगेज-कम-गार्ड वैन' (Second Luggage-cum-Guard Van) होता है। आसान शब्दों में कहें तो यह कोई आम यात्री डिब्बा नहीं है, बल्कि इसे ट्रेन के गार्ड और यात्रियों के भारी सामान को सुरक्षित रखने के मकसद से तैयार किया जाता है। इसे 'गार्ड ब्रेक यान' के नाम से भी जाना जाता है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है ताकि रेलवे गार्ड अपनी ड्यूटी बिना किसी परेशानी के कर सकें और लोगों का सामान भी एकदम महफूज रहे।
ट्रेन में यह डिब्बा कहां होता है और अंदर से कैसा दिखता है?
अगर आप इस कोच को बाहर से देखेंगे, तो यह आपको ट्रेन के बाकी डिब्बों जैसा ही नजर आएगा। हालांकि, इसे हमेशा ट्रेन के एकदम शुरुआत या फिर बिल्कुल आखिरी हिस्से में जोड़ा जाता है।
अंदर से इसके दो अलग-अलग हिस्से होते हैं:
- एक हिस्से में गार्ड का केबिन बना होता है।
- दूसरे हिस्से में यात्रियों का बुक किया हुआ लगेज रखा जाता है।
- आपको यह डिब्बा हर लोकल या पैसेंजर ट्रेन में नहीं मिलेगा। यह खास तौर पर एक्सप्रेस, मेल और सुपरफास्ट ट्रेनों का ही हिस्सा होता है।
क्या हम और आप इसमें सफर के लिए टिकट ले सकते हैं?
अगर आपके मन में यह सवाल आ रहा है कि क्या हम इस डिब्बे की टिकट ले सकते हैं, तो इसका जवाब है- बिल्कुल नहीं।
कोई भी आम यात्री इस कोच के लिए टिकट बुक नहीं कर सकता। न तो आप इसके लिए इंटरनेट से ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं और न ही टिकट काउंटर से कोई ऑफलाइन टिकट खरीद सकते हैं। दरअसल, इस डिब्बे में लोगों का कीमती सामान रखा होता है, इसलिए सुरक्षा कारणों की वजह से आम जनता को इसमें बैठने की इजाजत नहीं होती है।
तो फिर इस कोच में आखिर सफर कौन करता है?
आम जनता के लिए भले ही इसमें सफर करने की मनाही है, लेकिन फिर भी इसमें कुछ खास यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होती है। रेलवे के नियमों के अनुसार, इस डिब्बे में कुछ सीटें दिव्यांग यात्रियों के लिए पहले से ही आरक्षित होती हैं। इसके अलावा, ड्यूटी पर मौजूद रेलवे स्टाफ या फिर किसी बड़ी इमरजेंसी में फंसे यात्री ही इस डिब्बे का इस्तेमाल कर सकते हैं।
