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बर्फ की सफेद चादर में लिपटी हैं ये लोकेशन्स, शिमला-मनाली भी इनके आगे फेल; इस विन्टर सीजन जरूर करें एक्सप्लोर

Published: Sat, 17 Oct 2026 02:10 PM (IST)

सर्दियों में बर्फबारी का आनंद लेने के लिए शिमला-मनाली से हटकर कुछ अनोखी जगहों की तलाश है? तो ये लोकेशन्स देखें।

शिमला-मनाली से हटकर भारत की 6 छिपी हुई लोकेशन्स (Image Source: AI Generated)

शिमला-मनाली से हटकर भारत की 6 छिपी हुई लोकेशन्स (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम आते ही घूमने-फिरने के शौकीन लोग बर्फ देखने के लिए पहाड़ों का रुख करने लगते हैं। उनकी लिस्ट में शिमला-मनाली या गुलमर्ग हमेशा ही टॉप पर होते हैं, पर अगर आप इस विन्टर सीजन कुछ अलग मजा लेना चाहते हैं, तो आइए आपको इन लोकेशन्स से हटकर खास जगहों के बारे में बताते हैं। 

चितकुल, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में चितकुल नाम का एक बहुत खूबसूरत गांव है, जिसके सामने शिमला-मनाली भी फेल है। इस गांव की एक और दिलचस्प बात है कि यह भारत-तिब्बत सीमा का सबसे अंतिम छोर है। यहां आसपास बने लकड़ी के घर और बहती पर्वतीय नदी बस्पा किसी भी प्रकृति प्रेमी को मंत्रमुग्ध कर सकती है। 

कल्पा, हिमाचल प्रदेश

कल्पा भी शिमला से करीब 260 किलोमीटर की दूरी पर किन्नौर जिले में स्थित है। कहते हैं कि 19 वीं सदी में लॉर्ड डलहौजी की यात्रा के बाद इसके बारे में लोगों को पता चला। इस लोकेशन से भगवान शिव के शीतकालीन निवास किन्नर कैलाश पर्वत शृंखला का भी सुंदर दृश्य देखने को मिलता है। अगर आप सर्दियों में घूमने का सोच रहे हैं, तो यकीन माने इससे बेस्ट लोकेशन नहीं हो सकती। 

मुनस्यारी, उत्तराखंड 

आपने उत्तर और दक्षिण भारत के कश्मीर के बारे में जरूर सुना होगा, लेकिन क्या आप उत्तराखंड के कश्मीर के बारे में जानते हैं? मुनस्यारी ही वो जगह है जो अपने बर्फीले और ठंडे मौसम के लिए यहां का कश्मीर कहलाती है। यह जगह पिथौरागढ़ जिले में करीब 2,200 से 2,300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। आप यहां से हिमालय की पांच बर्फीली चोटियों को देख सकते हैं। 

तवांग, अरुणाचल प्रदेश 

तवांग समुद्र तल से लगभग 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पर दुनिया का दूसरा बड़ा और भारत का सबसे बड़ा बौद्ध मठ स्थित है। बस जान लेने वाली बात यह है कि तवांग में स्नो का नजारा देखने के लिए आपको इनर लाइन परमिट जरूरत होगी। 

मेचुका, अरुणाचल प्रदेश 

अरुणाचल प्रदेश के मेचुका के चर्चे इतने ज्यादा नहीं, पर यह जगह इतनी मनमोहक है कि यहां से जाने का मन ही नहीं करेगा। बता दें कि मेचुका मैकमोहन रेखा से करीब 29–30 किलोमीटर की दूरी पर ही स्थित है। मेचुका के मतलब पर जाएं तो इसमें ‘मे’ का मतलब औषधि,‘चु’ का मतलब पानी और ‘का’ का मतलब बर्फ होता है। 

जुलुक, सिक्किम 

पूर्वी सिक्किम के पाकयोंग जिले में स्थित जुलुक पुराने सिल्क रूट पर स्थित एक खास लोकेशन है। यह जगह न सिर्फ हमें विन्टर सीजन का शानदार अनुभव कराती है, बल्कि इतिहास के बारे में जानने पर भी मजबूर करती है। यहां का सबसे बड़ा आकर्षण जिगजैग रोड है।