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बच्चे की जिद से पब्लिक में नहीं होगी शर्मिंदगी, बस इन आसान तरीकों से हैंडल करें उनके टैंट्रम्स

Published: Wed, 21 Oct 2026 07:00 AM (IST)

सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की जिद या टैंट्रम्स को संभालना माता-पिता के लिए चुनौती भरा हो सकता है। ऐसी स्थिति को संभालने के लिए शांत रहने की जरूरत होती है।

बच्चे के टैंट्रम्स संभालने के तरीके (AI Generated Image)

बच्चे के टैंट्रम्स संभालने के तरीके (AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब आप अपने बच्चे के साथ किसी मॉल या पब्लिक प्लेस पर होते हैं और बच्चा जमीन पर लेटकर चिल्लाने या रोने लगता है? पेरेंट्स के लिए ये काफी शर्मनाक होता है और गुस्सा भी काफी आता है। हालांकि, ऐसी स्थिति में डांटने से कोई फायदा नहीं होता। 

ऐसी स्थिति में बच्चों को डांटने की जगह समझदारी से स्थिति को संभालना ज्यादा बेहतर होता है। आइए जानें कुछ ऐसे स्मार्ट टिप्स के बारे में, जिन्हें अपनाकर आप बिना डांटे इस स्थिति को संभाल सकते हैं। 

खुद को रखें शांत

पब्लिक प्लेस पर बच्चे के टैंट्रम्स को संभालने के लिए जरूरी है कि आप खुद शांत रहें। जब बच्चा रोता या चिल्लाता है, तो पेरेंट्स अक्सर घबरा आते हैं या गुस्सा करने लगते हैं। बच्चा पहले ही अपनी भावनाओं को संभाल नहीं पाता है और ऐसे में पेरेंट्स का चिल्लाना उन्हें और परेशान कर देता है। इसलिए जरूरी है कि आप खुद को शांत रखें। 

बच्चे का ध्यान भटकाएं 

पब्लिक प्लेस पर बच्चे के जिद करने का सबसे बड़ा कारण है वहां का शोर, भीड़ या उसकी कोई खास डिमांड होती है। इसलिए ऐसी स्थिति में बच्चों के साथ बहस करने या उसे समझाने का समय नहीं होता। इसलिए उनका ध्यान भटकाना जरूरी है। उन्हें कोई नई चीज दिखाएं या कोई मजेदार सवाल पूछें और उनका ध्यान भटकाने की कोशिश करें। 

बच्चे की भावनाओं को समझें 

डांटने या सजा देने के बजाय बच्चे की भावनाओं को स्वीकार करना बहुत जरूरी है। बच्चे रोकर या चिल्लाकर अपना गुस्सा निकालते हैं। ऐसे में बच्चों को नरमी से बात करें और उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश करें। जब बच्चों को महसूस होता है उनकी बात को समझा जा रहा है, तो उनकी जिद्द कम होने लगती है। 

पब्लिक प्लेस पर बच्चों के नखरे या टैंट्रम्स आम बात है, लेकिन पेरेंट्स के लिए जरूरी है कि वो इसे समझदारी से हैंडल करें। अगर आप चिल्लाने की जगह समझदारी से उनकी बात को हैंडल करें, तो बच्चा शांत भी हो जाएगा और उसे भी अपनी भावनाओं को बेहतर तरीके से एक्सप्रेस करने का तरीका समझ आएगा।