आप भी दिनभर बोलते हैं फारसी और अरबी भाषा! यकीन न हो तो पढ़ लें 'हिंदी' माने जाने वाले इन शब्दों की लिस्ट
रोजमर्रा की बातचीत में हम कई ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें हम हिंदी समझते हैं, लेकिन वो किसी दूसरी भाषा से आए हैं।

हिंदी के नहीं हैं ये शब्द (AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। हिंदी भाषा के लिए लोगों को जागरूक बनाने और इसके प्रचार के लिए हर साल ये दिन मनाया जाता है। हिंदी देवनागरी लिपी में लिखी जाती है और भारत की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है।
हालांकि, क्या आप जानते हैं रोज आप कई ऐसे शब्द बोलते हैं, जिन्हें आप शुद्ध हिंदी समझकर बोलते हैं, लेकिन वो असल में किसी दूसरी भाषा से लिए गए हैं? ऐसे शब्दों की गिनती काफी लंबी है। आइए जानें ऐसे ही कुछ शब्दों के बारे में, जिन्हें हम हिंदी भाषा का मानते हैं, लेकिन वो किसी दूसरी भाषा से लिए गए हैं।
फारसी शब्द
फारसी भाषा का हिंदी पर गहरा प्रभाव है। आज हम कई ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जो फारसी से लिए गए हैं। मुगल काल और उससे पहले के समय में भारत में फारसी भाषा का चलन काफी बढ़ा था और इसके कई शब्द आज भी हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं, जैसे- दोस्त, नौजवान, आवारा, सुस्त, होशियार, नाराज, चाय, बाजार, कमरा, किनारा, दीवार, जादू, जहर, आमदनी, गिरफ्तार, मुफ्त, बेईमानी, ईमानदार, हफ्ता, हरदम, खराब। ऐसे और भी कई शब्द हैं, जो फारसी भाषा के हैं और हम उन्हें हिंदी समझकर बोलते हैं।
अरबी शब्द
फारसी के साथ-साथ अरबी भाषा का भी हिंदी पर काफी प्रभाव है। अरबी के ढेर सारे शब्द हमारी रोज की बोलचाल का हिस्सा हैं और हम उनके बारे में जानते भी नहीं हैं, जैसे- किताब, जवाब, तारीख, अखबार, तमीज, अजीब, आदत, औरत आदि। ये शब्द हमारी रोजमर्री का हिस्सा हैं, लेकिन इनकी जड़ें अरबी से जुड़ी हैं।
पुर्तगाली शब्द
पुर्तगाली जब भारत आए, तो वो अपने साथ अपनी भाषा भी लेकर आए। धीरे-धीरे पुर्तगाली भाषा के कई शब्द हिंदी का हिस्सा बनते गए, जिनका आज हम धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं, जैसे- चाबी, तौलिया, मेज, वरांदा, अलमारी, अन्नानास, तंबाकू, बाल्टी, फीता आदि।
अंग्रेजी और तुर्की शब्द
ब्रिटिश हुकूमत के दौर में अंग्रेजी भाषा के कई शब्द हमारी रोजमर्रा की बातचीत का हिस्सा बन गए। ये शब्द जुबान पर ऐसे चढ़े की अंग्रेज तो चले गए, लेकिन ये शब्द यही रह गए, जैसे- नंबर, बस, क्रिकेट, टिकट, ट्रेन, स्टेशन, पास, फेल, डॉक्टर, इंजीनियर, अफसर, टाइम, बैटरी, लाइट, साइकिल, बिल, रसीद, पोस्टर, पर्स, सैंडल आदि। आज हम कई अंग्रेजी शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें हिंदी में क्या कहते हैं, इस बारे में हम सोचते भी नहीं हैं।
इसी तरह तुर्की भाषा के शब्द भी हमारी बोलचाल का हिस्सा बनें, जैसे- फकीर, कालीन, तोप, जालिम, दीवार, दुश्मन आदि।
ये शब्द किसी और भाषा के हैं, लेकिन हमारी रोजमर्री की हिंदी में ऐसे घुले-मिले हैं कि कई लोग जानते भी नहीं कि वे जिसे हिंदी समझकर बोल रहे हैं, वो असल में एक विदेशी भाषा है।
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