सिलेंडर बार-बार भरवाने से खाली हो रही जेब? तुरंत छोड़ दें खाना बनाते समय ये गलतियां, कम होगी LPG की खपत
गैस सिलेंडर के लगातार बढ़ते दामों के बीच, इसे लंबे समय तक चलाने के लिए कई तरीके अपनाए जा सकते हैं।

सिलेंडर गैस की बर्बादी रोकने के टिप्स (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गैस सिलेंडर के लगातार बढ़ते दाम जेब पर सबसे ज्यादा भारी पड़ रहे हैं, क्योंकि हर घर में खाना तो हर रोज ही बनता है। ऐसे में सिलेंडर के खर्चे में कैसे भी करके कटौती नहीं की जा सकती। पर अगर अपके घर में सिलेंडर महीना पूरा होने से पहले ही खत्म हो रहा है, तो कई तरीके हैं जिन्हें फॉलो करके इसे लंबे समय तक चलाया जा सकता है।
बर्नर की सफाई
बर्नर का गंदा होना भी गैस के ज्यादा खर्च होने की वजह बनता है, क्योंकि उसके छेद बंद होने से या गंदगी जमा होने से गैस अपनी पूरी क्षमता के साथ नहीं जलती। इससे बचने के लिए जरूरी है कि हफ्ते में एक बार बर्नर की सफाई याद से की जाए।
प्रेशर कुकर का इस्तेमाल
प्रेशर कुकर में खाना बनाना समय और गैस दोनों की बचत का सबसे अच्छा तरीका है। ऐसे में अगर आप ऐसी कोई सब्जी या पुलाव बना रहे हैं, तो उसके लिए जितना हो सके प्रेशर कुकर का ही इस्तेमाल करें। एक अनुमान के मुताबिक कुकर में खाना पकाने से करीब 30 से 50 प्रतिशत तक गैस की बचत की जा सकती है।
खाना बनाते समय सही बर्तन का चुनाव
यह बहुत कम लोग जानते हैं पर खाना बनाते समय सही बर्तन को चुनना भी बहुत जरूरी है। हमेशा ऐसा बर्तन चुनें जिसका निचला हिस्सा टेढ़ा-मेढ़ा न होकर एकदम समतल हो। दरअसल, समतल बर्तन में बर्नर गर्मी सही से सोख लेता है और उससे एलपीजी की बचत होती है। इसके साथ ही, छोटे बर्तन को न तो बड़े बर्नर पर रखें और न ही बड़े बर्तन को छोटे बर्नर पर।
मध्यम आंच पर खाना पकाएं
कुछ लोगों को लगता है कि अगर खाना तेज आंच पर पकाया जाएगा, तो इससे खाना भी जल्दी बनेगा और गैस भी बचेगी। पर यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है, क्योंकि मध्यम या छीमी आंच पर गैस की बचत ज्यादा होती है और खाना भी सही से पक जाता।
लीकेज चेक करें
कई बार गैस सिलेंडर खत्म होने की वजह हमारी खाना बनाने की लापरवाही न होकर, उसमें हो रही लीकेज होती है। इसके लिए पाइप को अच्छे से चेक करें कि कहीं उसमें दरार तो नहीं पड़ गई। इसके साथ ही रेगुलेटर की जांच की जानी भी जरूरी है।
