चावल का मांड किसी संजीवनी से कम नहीं, स्किन-बालों से लेकर पौधों तक में आता है काम
चावल का मांड त्वचा, बालों, स्वास्थ्य और पौधों को कई अद्भुत फायदे दे सकता है।

चावल के मांड की अलग-अलग जरूरतें (Image Source: AI Generate)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। चावल पकाने के बाद उसका पानी जिसे मांड कहते हैं, उसे अक्सर बेकार समझकर फेंक दिया जाता है। जबकि दादी-नानी के जमाने से ही यह मांड सेहत का खजाना कहा जाता रहा है। आज इसका इस्तेमाल ज्यादातर के-ब्यूटी प्रोडक्ट में ग्लास स्किन के लिए किया जा रहा है, लेकिन इसके और भी कई उपयोग हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।
स्किन और हेयर केयर में इस्तेमाल
राइस से निकलने वाला यह स्टार्च स्किन के साथ-साथ बालों को भी उतना ही फायदा देता है:
ग्लास स्किन के लिए मांड
चेहरे पर चावल का पानी ग्लास स्किन पाने में मदद कर सकता है। इसक लिए आपको 1 चम्मच एलोवेरा जेल में 3-4 चम्मच मांड और विटामिन-ई कैप्सूल मिलाना है। आपकी मांड से बनी नेचुरल फेस क्रीम तैयार है, इसे सुबह-शाम चेहरे पर अप्लाई करें।
बालों के लिए नेचुरल कंडीशनर
बालों का रूखापन कम करने और उसमें चमक बढ़ाने के लिए मांड को कंडीशनर की तरह उपयोग में लाएं। जब बाल धोएं तो उसके बाद चावल के मांड को 10-15 मिनट तक बालों में लगाए रखने के बाद सादे पानी से धो लेना है।
सेहत के लिए फायदेमंद
आयुर्वेद की माने तो मांड कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है, ऐसे में इसके सेवन से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है। इसके अलावा, इसका हल्कापन पेट की सेहत के लिए भी बड़ा फायदेमंद है। यह आसानी से पच जाता है और पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
वहीं, अगर किसी को डायरिया की शिकायत हो तो उसमें भी चावल का पानी फायदा दे सकता है। इसका पानी शरीर में डिहाइड्रेशन जैसी समस्या से बचाता है।
पौधों के लिए संजीवनी
आपको शायद पता न हो पर चावल का मांड एक बेहतरीन ऑर्गेनिक लिक्विड फर्टिलाइजर है, क्योंकि यह पोटेशियम, नाइट्रोजन, फास्फोरस, कैल्शियम और कई तरह के मिनरल्स से रिच होता है। मांड को ठंडा करने के बाद उसमें थोड़ी मात्रा में पानी मिलाकर उसके गाढ़ेपन को पतला कर लें।
फिर इस पानी को हफ्ते में 1-2 बार पौधों की जड़ों में डालें। इस बात का खास ध्यान रखें कि गाढ़ा मांड पौधों में नहीं डालना है, वरना इससे मिट्टी पर ऊपर एक परत जम सकती है। इससे जड़ों तक हवा नहीं पहुंच पाएगी और नतीजतन उसमें फंगस लगने का डर रहेगा।
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Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
