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लोगों में हाई वोल्टेज जोश भर देता है गुजरात का ये लोकगीत, डाकला शैली से जुड़ा है रोंगटे खड़े करने वाला ये गाना

Published: Thu, 15 Oct 2026 10:44 AM (IST)

मां के रौद्र रूपों का आह्वान करता है ये डाकला गीत। गरबा के दौरान जरूर गाया जाता है ये खास गीत।

गरबा में जरूर गाया जाता है डाकला गीत (AI Generated Image)

गरबा में जरूर गाया जाता है डाकला गीत (AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गुजरात का नाम लेते ही दिमाग में सबसे पहले गरबा की तस्वीर आती है। गरबा सिर्फ एक नृत्य नहीं है, बल्कि गुजरात की लोक संस्कृति का हिस्सा है। नवरात्र के दौरान लोग पूरी-पूरी रात जागकर गरबा खेलते हैं और मां अंबे की आराधना करते हैं।

गरबा में कई गीत भी गाए या बजाए जाते हैं, जिनमें डाकला गीत घोर अंधारी रे भी शामिल है। ये डाकला गीत गुजरात के नवरात्र और लोक संस्कृति को बहुत खूबसूरती से बयां करता है। आइए जानें इस गीत में क्या कहा जा रहा है। 

क्या कहता है ये गीत? 

डाकला गीतों में मां चंडी या मां काली का आह्वान किया जाता है। इस गीत की शुरुआती में भी यहीं कहा जा रहा है कि घोर अंधेरी रात में मां अपने वाहन पर सवार होकर निकल गई हैं। इस गीत में आगे मां अंबे के अलग-अलग स्वरूप जैसे- मां काली, मां रांदल, मां बहुचर और मां हर्षद का आह्वान किया जा रहा है। 

युद्ध और मां का शृंगार

इस गीत में कहा जा रहा है कि मां रण में यानी युद्ध के लिए मां ने अपने गहने पहन लिए हैं और शृंगार कर लिया है और पापियों का नाश करने के लिए मां युद्ध में उतर रही हैं। मां का हर स्वरूप युद्ध के लिए रण में उतर चुका है। इसलिए गीत में आगे महिलाओं से कहा जाता है कि तुम पूरी रात बेफिक्र होकर गरबा खेलो, क्योंकि मां रक्षा करने के लिए नगर में घूम रही हैं। 

क्यों है ये डाकला गीत खास? 

गरबा गीतों की ताल धीमी होती है और इनमें प्रेम और कोमलता का भाव होता है। लेकिन डाकला में मां के रौद्र रूपों का आह्वान किया जाता है, जो युद्ध में दुष्टों का नाश करती हैं। इसलिए इन गीतों को बहुत तेज ताल और ऊर्जा के साथ गाया जाता है। 

डाकला गीत डाकला की थाप पर गाए जाते हैं। डाकला डमरू जैसा दिखने वाला एक वाद्य यंत्र होता है, जो साइज में थोड़ा बड़ा होता है। माना जाता है कि इसे मां चंडी और उनके दूसरे स्वरूपों के आह्वान के लिए बजाया जाता है। इसकी धुन इतनी मजेदार होती है कि इसके शुरू होते ही, पांव अपने आप थिरकने लगते हैं। 

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