बार-बार चश्मा बदलने की जरूरत नहीं! इन 8 गलतियों से बचाकर बढ़ाएं इसकी उम्र
चश्मे की सही देखभाल न करने से उसकी उम्र कम हो सकती है और बार-बार नया चश्मा बनवाने का खर्च ...और पढ़ें

चश्मे की लंबी उम्र के लिए भूलकर भी न करें ये गलतियां (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
चश्मे के ग्लास को कपड़ों से साफ करने से बचें, निशान पड़ सकते हैं
चश्मे को हमेशा उसके बॉक्स में रखें, पलटकर रखने से स्क्रैच आते हैं
चश्मे को गर्म जगहों पर न छोड़ें और दोनों हाथों से उतारें
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जिन लोगों को नजर का चश्मा लगा हुआ है उन्हें पता है इसके बिना उनकी जिंदगी आसान नहीं है। ऐसे में चश्मे की सही केयर ना करना उसकी लाइफ कम कर सकती है और नया चश्मा बनवाने पर हर बार हजारों रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। अगर आप भी चाहते हैं आपका चश्मा सालोंसाल स्क्रैच फ्री और सही कंडीशन में रहे तो ये गलतियों करने से बचें।
किसी भी कपड़े से ग्लास साफ करना
चश्मा पहनने वाले ज्यादातर लोगों की आदत होती है कि वो पहने हुए कपड़ों से ही चश्मे के ग्लास को साफ करते रहते हैं। कुछ फैब्रिक ऐसे होते हैं, जो कि ग्लास पर निशान छोड़ देते हैं। ऐसा लगातार होने से निशानों का दायरा बढ़ता जाता है ग्लास से साफ दिखना बंद हो जाता है।
चश्मे को पलटकर रखना
भले ही सरफेस कितना भी समतल और साफ क्यों न हो लंबे समय तक ग्लास से रगड़ खाने पर स्क्रैच छोड़ता ही है। इसलिए हर बार चश्मा उतारने के बाद उसे उसके बॉक्स में ही रखें।
गर्म जगह पर छोड़ देते हैं
कई बार ऐसा होता है कि चश्मे को हम गलती से कार में ही भूल जाते हैं जिससे चश्मे के फ्रेम और ग्लास दोनों को ही नुकसान पहुंचता है। जब भी गाड़ी से बाहर निकलें अपने चश्मे का बॉक्स अपने साथ ही रखें।
सिर पर चढ़ा लेते हैं
अक्सर पास की नजर का चश्मा पहनने वाले लोगों को ऐसा करते हुए देखा जा सकता है। उन्हें यह सुविधाजनक लगता है लेकिन इससे फ्रेम जरूरत से ज्यादा फैल जाती है। ऐसा लगातार करने पर आपके चश्मे का अलाइनमेंट बिगड़ता है और आपको ऑप्टिशयन के पास उसे लेकर जाना पड़ता है।
एक हाथ का इस्तेमाल
चश्मा उतारने के एक ही हाथ का इस्तेमाल करने से फ्रेम पर दबाव पड़ता है और वक्त के साथ वह ढीला पड़ने लगता है। लगातार ऐसा करने से कई बार फ्रेम का स्क्रू निकलकर गिर जाता है। इसलिए चश्मा हमेशा दोनों ही हाथों से उतारें।
बॉक्स में नहीं रखते
चश्मे का काम खत्म हो जाने के बाद हम उसे साइड टेबल पर या फिर अपने वर्क स्टेशन पर यूं ही छोड़ देते हैं। बॉक्स या केस के बिना आपके चश्मे का ग्लास सरफेस से, उसके आस-पास रखी चीजों से या फिर धूल-मिट्टी के संपर्क में आने से घिसने लगता है।
एडजस्ट नहीं करवाते
रोजाना इस्तेमाल से समय के साथ आपके चश्मे की पॉजिशन वैसी नहीं रह जाती है, जैसी ऑप्टिशियन बनाकर देता है। यदि चश्मा थोड़ा ढीला हो या फिर आपकी नाक पर नीचे की तरफ टिका रहे तो उससे आपके विजन पर असर पड़ सकता है। इसलिए, कुछ महीनों के अंतराल पर अपने चश्मे का एडजस्टमेंट सही करवाते रहें।
