कश्मीरी पंडितों का लोकगीत है आलिया भट्ट का ये सुपरहिट गाना, वानवुन शैली में गाकर करते हैं बेटियों को रुखसत
फिल्म राजी का मशहूर गाना 'दिलबरो' असल में एक सदियों पुराने कश्मीरी लोकगीत 'खानमूज कूर' पर आधारित है।

कश्मीरी लोकगीत ‘खानमूज कूर’ से निकला है दिलबरो गाना (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बेटी की विदाई के पलों को फिर से जीवंत करने और सभी को भावुक कर देने वाला फिल्म राजी का ‘दिलबरो’ गाना आपने बहुत बार सुना होगा, पर यह सिर्फ एक फिल्मी गीत नहीं है। जी हां, यह गीत बॉलीवुड के जरिए जरूर मशहूर हुआ हो, लेकिन इसकी जड़ें कश्मीर की सदियों पुरानी विदाई परंपरा से जुड़ी हुई हैं। आइए आपको इस कश्मीरी लोकगीत से जुड़ी दिलचस्प बातें बताते हैं।
कश्मीरी लोकगीत ‘खानमूज कूर’ से निकला है दिलबरो गाना
साल 2018 में आई आलिया भट्ट की ‘राजी’ फिल्म के मशहूर दिलबरो गाने का आधार कश्मीरी लोकगीत ‘खानमूज कूर’ है। जिसके बोल कुछ इस प्रकार हैं:
‘ब छसे खानमूज कूर
द्यु म रुखसात म्यान बोय जानो
मै छुय वरिव स्था दोर
त्यूर हो यज़ुम लगेयो पार जानो
दियु मै रुक्सत म्यौने भाइजानो…
बाब ते मौज गये परेशान,
येलि हा पोरहुम वरिवुक सामान…’
इस गीत में विदाई के समय एक लड़की अपने भाई से कह रही है कि मैं इस घर की शीशे जैसी नाजुक बेटी हूं, अब मुझे यहां से विदा करो मेरे प्यारे भाईजान। इसके बाद वो अपने ससुराल के लंबे और दूर के रास्ते का भी जिक्र करती है, फिर अपने माता-पिता और भाई-बहन के प्रति अपना प्यार भी जाहिर करती नजर आती है। यह गीत विदाई के उन भावुक पलों को बड़ी ही खूबसूरती से बयां करता है।
कश्मीरी पंडितों की शादियों का पारंपरिक विदाई गीत
यह गीत कश्मीरी पंडितों की शादियों से जुड़ी परंपरा का एक अहम हिस्सा है। जिस तरह उत्तर भारत में शादियों की कई रस्म होती हैं, उसी तरह कश्मीर की पारंपरिक शादियों में भी कई दिन चलने वाले कार्यक्रमों की एक पूरी शृंखला होती है। इनमें हर एक रस्म का अपना अलग 'वानवुन' संगीत भी होता है, जो उस समय के मूड के हिसाब से बनाया गया है।
'वानवुन' की 'बट-ए-वानवुन' शैली में गया गया है गीत
'वानवुन' का मतलब होता है एक समूह में गीत गाना। हम सभी जानते हैं कि कश्मीर में रहने वाले लोग दो समुदायों में बंटे हुए है। ऐसे में उनकी गायन शैली भी दो हैं 'बट-ए-वानवुन' और 'मुसलमान वानवुन'। इनमें से 'बट-ए-वानवुन' कश्मीरी पंडितों की शैली है, जिसमें संस्कृति शब्दों की बहुलता देखने को मिलती है।
इसी 'बट-ए-वानवुन' शैली में खानमूज कूर गया गया है, जिसका मतलब घर की लाडली बेटी होता है। जब बेटी घर से विदा हो रही होती है, तब घर की सभी महिलाएं समूह में इस गीत को गाकर अपनी भावनाएं व्यक्त करती हैं।
