क्यों 'मां' का फिट रहना है पूरे घर के लिए जरूरी? एक्सपर्ट ने कहा- बच्चों की आदतों पर पड़ता है सीधा असर
मां की फिटनेस सिर्फ उनकी अपनी जरूरत नहीं, बल्कि पूरे परिवार के सुनहरे भविष्य की गारंटी है। जब घर की ...और पढ़ें

क्यों एक स्वस्थ मां ही खुशहाल परिवार की असली नींव है? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर घरों में देखा जाता है कि महिलाएं सुबह से लेकर रात तक पूरे परिवार की जरूरतों का ख्याल रखती हैं, लेकिन जब बात खुद के आराम, खानपान या फिटनेस की आती है, तो वे उसे सबसे आखिर में रखती हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह आदत बदलनी चाहिए... क्योंकि एक मां की अच्छी सेहत सिर्फ उनकी पर्सनस हेल्थ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार की खुशहाली के लिए बेहद जरूरी है।
जी हां, डॉ. अनीता कांत (चेयरमैन, ओबीजी सर्विसेज एंड रोबोटिक सर्जरी, स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग, एशियन हॉस्पिटल) का कहना है कि जब एक मां शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहती है, तो पूरे घर का माहौल पॉजिटिव एनर्जी से भर जाता है।

(Image Source: AI-Generated)
बच्चों की पहली रोल मॉडल
डॉक्टर का मानना है कि बच्चे सबसे ज्यादा अपने घर के माहौल और अपनी मां की आदतों से सीखते हैं। मां की फिटनेस से ही परिवार में एक हेल्दी लाइफस्टाइल की शुरुआत होती है:
- आदतों का विकास: अगर मां नियमित रूप से एक्सरसाइज करती है, समय पर खाती है और एक हेल्दी रूटीन फॉलो करती है, तो बच्चे भी धीरे-धीरे इन अच्छी आदतों को अपना लेते हैं।
- खानपान में सुधार: घर के खाने की आदतों में मां की सबसे बड़ी भूमिका होती है। जब वह ताजे फल, हरी सब्जियों और बैलेंस डाइट को तरजीह देती है, तो बच्चे जंक फूड की बजाय हेल्दी भोजन की तरफ आकर्षित होते हैं।
- बीमारियों से बचाव: खाने-पीने की सही आदतों से पूरे परिवार में मोटापा और लाइफस्टाइल से जुड़ी अन्य बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
मानसिक स्वास्थ्य और रिश्तों पर प्रभाव
"महिलाएं परिवार की देखभाल में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि खुद की सेहत पर ध्यान नहीं दे पातीं, लेकिन फिट और खुश मां बच्चों की बेहतर परवरिश कर पाती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।"
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि खुद को समय न दे पाने के कारण महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है:
- तनाव और थकान: लगातार काम का दबाव, नींद की कमी और अनियमित दिनचर्या से थकान बढ़ती है।
- चिड़चिड़ापन: लंबे समय तक रहने वाले मानसिक दबाव का सीधा असर महिलाओं के व्यवहार और परिवार के आपसी रिश्तों पर पड़ता है।
- समाधान: मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए महिलाओं को पर्याप्त नींद लेनी चाहिए और थोड़ा समय रिलैक्सेशन के लिए निकालना चाहिए।

(Image Source: AI-Generated)
फिटनेस के लिए आसान कदम
महिलाओं के लिए अपनी व्यस्त दिनचर्या में से थोड़ा समय खुद के लिए निकालना बहुत जरूरी है। डॉक्टरों के अनुसार, रोजमर्रा की ये हल्की फिजिकल एक्टिविटीज बहुत फायदेमंद हो सकती हैं:
- मॉर्निंग वॉक और योग: रोज सुबह टहलने या योग करने से शरीर एक्टिव रहता है।
- स्ट्रेचिंग या डांस: ये गतिविधियां न केवल वजन को कंट्रोल में रखती हैं, बल्कि शरीर में ऊर्जा बनाए रखती हैं।
- हार्मोनल संतुलन: नियमित एक्सरसाइज करने से महिलाओं में तनाव कम होता है और हार्मोनल संतुलन भी सही बना रहता है।
परिवार का सपोर्ट है सबसे जरूरी
स्वस्थ रहने की जिम्मेदारी सिर्फ मां की नहीं है, बल्कि विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसके प्रति संवेदनशील होना चाहिए।
- घर के बाकी लोगों को चाहिए कि वे जिम्मेदारियों को आपस में बांटें।
- महिलाओं को आराम करने और फिटनेस पर ध्यान देने के लिए पर्याप्त समय दें।
- परिवार के सहयोग से महिलाएं खुद को ज्यादा ऊर्जावान और स्वस्थ महसूस करती हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, एक स्वस्थ मां घर की सिर्फ देखभाल करने वाली सदस्य नहीं है, बल्कि वह पूरे घर के संतुलन और ऊर्जा का मुख्य केंद्र होती है। इसलिए, परिवार के एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य के लिए, मां की फिटनेस को नजरअंदाज करने के बजाय उसे सबसे पहली प्राथमिकता बनाना अनिवार्य है।
