‘बस एक बाइट और...’ कहते-कहते थक जाते हैं आप? खाने में नखरे करने वाले बच्चों की ग्रोथ पर ऐसा पड़ता है असर
कई बार बच्चे खाने-पीने में इतने नखरे करते हैं कि उन्हें जरूरी पोषण नहीं मिल पाता है।

क्या आपके बच्चे का विकास भी धीमा है? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बच्चों के पीछे खाने की थाली लेकर भागना भारत के लगभग हर घर की कहानी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि खाने में होने वाली यही आनाकानी बच्चों के शारीरिक विकास को रोक सकती है?
'नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे' के ताजा आंकड़े माता-पिता की इसी चिंता को सच साबित करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 5 साल से कम उम्र के करीब 29.3% बच्चों का कद उनकी उम्र के हिसाब से छोटा है, जबकि 31.8% बच्चे अंडरवेट की समस्या से जूझ रहे हैं।
बच्चों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए ग्लोबल हेल्थकेयर कंपनी 'एबट' ने एक खास रिसर्च की है, जिसके नतीजे हर माता-पिता को राहत दे सकते हैं।

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कैसे हुई यह खास रिसर्च?
यह स्टडी 3 से 6 साल के उन 223 भारतीय बच्चों पर की गई, जो खाना खाने में बहुत नखरे करते थे और जिनमें कुपोषण का खतरा मंडरा रहा था।
छह महीने तक चले इस ट्रायल में बच्चों को दो अलग-अलग समूहों में रखा गया। पहले समूह के बच्चों को केवल पौष्टिक खानपान की सलाह दी गई। वहीं, दूसरे समूह को डाइट चार्ट के साथ-साथ एक ओरल न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट भी पीने को दिया गया।
6 महीने बाद दिखे जादुई बदलाव
नतीजे बेहद चौंकाने वाले थे। जिन बच्चों को सप्लीमेंट दिया गया था, उनके शारीरिक विकास में जबरदस्त उछाल देखा गया:
- हाइट में दोगुनी से ज्यादा तेजी: जिन बच्चों ने न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट लिया, उनकी लंबाई सिर्फ डाइट फॉलो करने वाले बच्चों की तुलना में 2.4 गुना ज्यादा तेजी से बढ़ी।
- हड्डियों में आई 35% ज्यादा मजबूती: हड्डियों की जांच के लिए सबसे सटीक माने जाने वाले 'DXA स्कैन' से पता चला कि सप्लीमेंट पीने वाले बच्चों की हड्डियों का घनत्व 35 प्रतिशत तक बढ़ गया।
- मांसपेशियों का बेहतर विकास: इन बच्चों के शरीर में बिना चर्बी वाली मांसपेशियों यानी 'लीन मास' में लगभग 15% की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई।
- ग्रोथ में 4 गुना का उछाल: सप्लीमेंट वाले समूह ने अपने उम्र के हिसाब से वजन और लंबाई के मामले में 4 गुना ज्यादा कैच-अप ग्रोथ दिखाई। साथ ही, उनके कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन खाने की क्षमता में भी पहले से काफी सुधार हुआ।
एक्सपर्ट्स की क्या है राय?
पुणे के जहांगीर क्लिनिकल डेवलपमेंट सेंटर में इस स्टडी की अगुवाई करने वाली डॉ. अनुराधा खादिलकर का कहना है, "कुपोषण की समस्या को शुरुआत में ही पकड़कर दूर करना बहुत जरूरी है। सही पोषण न सिर्फ बच्चे की हाइट और वजन बढ़ाता है, बल्कि यह उसकी हड्डियों और मांसपेशियों को भी भीतर से ताकत देता है।"
इसी बात का समर्थन करते हुए एबट इंडिया की डायरेक्टर, मेडिकल एवं साइंटिफिक अफेयर्स, डॉ. प्रीति ठकोर ने बताया कि बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए सही समय पर न्यूट्रिशन सपोर्ट देना बेहद अहम है।
अगर आपका बच्चा भी ठीक से नहीं खाता है और उसकी ग्रोथ धीमी है, तो डॉक्टर की सलाह पर डाइट के साथ एक सही न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट जोड़ना उसके शारीरिक विकास को एक नई रफ्तार दे सकता है।
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Source: Children and Journal of Clinical Medicine
