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थायरॉइड के लक्षण कहीं Cancer का इशारा तो नहीं? जानिए कब डॉक्टर से सलाह लेना है जरूरी

Published: Mon, 25 May 2026 08:26 AM (IST)

आज 25 मई को विश्व थायरॉइड दिवस मनाया जा रहा है। आइए जानें थायरॉइड ग्रंथि में होने वाले बदलाव और ...और पढ़ें

हल्के में न लें थायरॉइड के लक्षण, हो सकते हैं कैंसर के संकेत (Image Source: AI-Generated)

हल्के में न लें थायरॉइड के लक्षण, हो सकते हैं कैंसर के संकेत (Image Source: AI-Generated)

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अनूप कुमार सिंह, नई दिल्ली। थकान, वजन में बदलाव, दिल की धड़कन तेज होना, घबराहट और एंग्जायटी आदि थायरॉइड से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। हालांकि, मानसिक समस्या एंग्जायटी डिसार्डर के लक्षणों से मिलते-जुलते होने के कारण कई बार मरीज भ्रमित हो जाता है और गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाता है। कुछ मामलों में कैंसर भी हो सकता है।

signs of thyroid problems

(Image Source: AI-Generated)

थायराइड मरीजों के लिए जरूरी सलाह

एम्स के प्रो. डॉ. आर गोस्वामी के अनुसार एंग्जायटी और तनाव के लक्षण कई बार शरीर के हार्मोनल असंतुलन से जुड़े हो सकते हैं। इसलिए केवल मानसिक कारण मानकर इलाज शुरू करना कई बार देरी का कारण बन सकता है। हालांकि, इस मामले में स्वयं से उपचार करना या दवा इत्यादि लेना खतरनाक हो सकता है।

उन्होंने सलाह दी कि ऐसे मामलों में थायरॉइड विशेषज्ञ से संपर्क कर सलाह जरूर लेनी चाहिए, क्योंकि मरीज की जांच करने के बाद वह ही तय करेगा कि मरीज का थायरॉइड फंक्शन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और जरूरत पड़ने पर बायोप्सी आदि में से कौन-सी जांच कराई जाए। इससे स्थिति की सही पहचान की जाती है। डॉ. आर गोस्वामी ने कहा कि अगर गले में सूजन, आवाज में बदलाव, निगलने में कठिनाई या लगातार थकान जैसे लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो तुरंत जांच करानी चाहिए।

लक्षण

  • गले में सूजन या गांठ महसूस होना
  • बिना वजह वजन घटना या बढ़ना
  • लगातार घबराहट, बेचैनी या एंग्जायटी
  • आवाज बैठना या बोलने में बदलाव
  • निगलने में परेशानी और लगातार थकान

अपोलो एथेना विमेंस कैंसर सेंटर लीड, हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी डॉ. अनिल डी'क्रूज ने बताया कि थायरॉइड में हर बदलाव कैंसर नहीं होता, लेकिन कुछ मामलों में थायरॉइड ग्रंथि में गांठ या असामान्य वृद्धि थायरॉइड कैंसर का संकेत कर सकती है। डॉक्टर की सलाह है कि इस कारण लंबे समय तक बने रहने वाले लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर उनकी जांच आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि शुरुआती पहचान से गंभीर बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है। थायरॉइड और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े लक्षणों को अलग-अलग न मानकर समग्र रूप से देखा जाना चाहिए, क्योंकि समय पर निदान ही सुरक्षित इलाज की कुंजी है।

सावधानी

  • लक्षणों को नजरअंदाज न करें
  • बिना डाक्टर सलाह के दवा शुरू न करें
  • गले में गांठ दिखे तो तुरंत जांच कराएं
  • तनाव, नींद और खानपान का ध्यान रखें

सलाह

  • थायरॉइड फंक्शन टेस्ट समय पर कराएं
  • जरूरत पड़ने पर चिकित्सक की सलाह पर अल्ट्रासाउंड और बायोप्सी कराएं
  • एंग्जायटी हो तो हार्मोन जांच भी करवाएं
  • संतुलित आहार व व्यायाम अपनाएं
  • असामान्य लक्षण पर थायरॉइड विशेषज्ञ से अवश्य परामर्श लें

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