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गर्मी में पित्त तो सर्दी में बढ़ता है वात! सेहतमंद रहने के लिए आयुर्वेद के अनुसार बदलें अपनी थाली

Published: Wed, 08 Jul 2026 07:29 PM (IST)

आयुर्वेद में सेहत का मौसम से सीधा कनेक्शन बताया गया है और इसी के हिसाब से दिनचर्या भी तय की गई है।

आयुर्वेदिक तरीके से मौसम के हिसाब से एक व्यक्ति का खानपान (Image Source: AI Generated)

आयुर्वेदिक तरीके से मौसम के हिसाब से एक व्यक्ति का खानपान (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आयुर्वेद में सेहत का मौसम से सीधा कनेक्शन बताया गया है और इसी के हिसाब से दिनचर्या भी तय की गई है। गर्मी में शरीर में पित्त दोष बढ़ जाता है तो सर्दी के मौसम में वात दोष। यही वजह है कि आयुर्वेद मौसम के हिसाब से खाने-पीने और रहन-सहन के बारे में डिटेल में बताता है। अगर आप हेल्दी रहने के लिए ट्रेडिशनल तरीके खोज रहे हैं तो यहां बताया जा रहा है कि कैसे आयुर्वेदिक तरीके से मौसम के हिसाब से एक व्यक्ति का खानपान होना चाहिए। 

गर्मियों में खानपान

  • गर्मी के मौसम में हल्का, चिकनाई वाला और आसानी से पचने वाला खाना खाने की सलाह दी गई है। 

  • ठंडी चीजों के सेवन के साथ दूध, दही और छाछ पीना सेहत के लिए फायदेमंद है। 

  • सब्जियों में करेला, परवल, पके टमाटर, छिल्के सहित आलू, कच्चे केले और सहजन की फली, प्याज, सफेद पेठा, पुदीना, नींबू भी डाइट में शामिल किया जा सकता है। 

  • दालों में मूंग, मसूर और अरहर की दाल खाना अच्छा माना गया है। 

  • वहीं, फलों में रसदार फल जैसे- तरबूज, खरबूजा, आम, अंगूर और संतरे को शामिल किया जा सकता है। 

बारिश के मौसम में खानपान 

  • इस मौसम में हल्के, ताजे लेकिन अच्छे से पके हुए गर्म खाने की बात कही गई है। 

  • वात दोष शांत करने वाली चीजें जैसे- गेहूं, जौ, मक्का खाने में शामिल करें। 

  • सब्जियों में लौकी, भिंडी, पुदीना, टमाटर और खासकर सब्जियों का सूप पीना हेल्दी माना जाता है। 

  • केला, संतरा, अनार, आम और जामुन जैसे मौसमी फलों को शामिल करें। 

शरद ऋतु में खानपान 

  • सितंबर से नवंबर के महीने में भी अलग डाइट बताई गई है। इस मौसम में मीठा और हल्का खाना चाहिए जिसे आसानी से पचाया जा सके। 

  • सब्जियों में बथुआ, लौकी, तोरई, पालक और फूलगोभी जैसी सब्जियां ज्यादा शामिल करनी चाहिए। 

  • आंवला, सिंघाड़े और मुनक्के इस मौसम में खूब खाए जाते हैं। 

  • शहद, मिश्री और गुड़ सेवन करना शरद ऋतु में फायदेमंद माना गया है। 

सर्दियों में खानपान 

  • इस मौसम में मीठे, नमकीन और खटाई वाले फूड खाने की सलाह दी जाती है। खाने में घी, तेल और मक्खन शामिल करें, यह वात दोष को शांत करता है। 

  • गेहूं की रोटी के साथ ही दालों में चने, मूंग, उड़द का सेवन अच्छा माना जाता है। 

  • सर्दियों की सब्जियां जैसे- पालक, बथुआ, मेथी, गाजर और मटर खाएं। 

  • मेवों से बने लड्डू भी इस मौसम में खूब खाए जाते हैं, जो आयुर्वेदिक लाइफस्टाइल का ही तरीका है।