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सुबह से रात तक कैसी रहती है PM मोदी की दिनचर्या, 76 की उम्र में भी एक्टिव रहने का क्या है राज?

Published: Thu, 17 Sep 2026 03:52 PM (IST)

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 76 वर्ष के हो गए हैं। इस उम्र में भी उनकी गजब की ऊर्जा और ...और पढ़ें

थकान क्या होती है, 76 के हो चुके पीएम मोदी को देखकर लगता ही नहीं! (Image Source: AI-Generated)

थकान क्या होती है, 76 के हो चुके पीएम मोदी को देखकर लगता ही नहीं! (Image Source: AI-Generated)

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि इस उम्र में भी पीएम इतनी भागदौड़ कैसे कर लेते हैं? इतनी व्यस्त दिनचर्या और जिम्मेदारियों के बावजूद उनकी ऊर्जा देखने लायक होती है। यही वजह है कि हर कोई उनकी इस फिटनेस का राज जानना चाहता है।

बता दें, प्रधानमंत्री की इस तंदुरुस्ती का राज किसी खास मशीन या हैवी वर्कआउट में नहीं, बल्कि बेहद सादी और अनुशासित जीवनशैली में छिपा है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का भी यही मानना है कि उम्र बढ़ने पर भारी कसरत से ज्यादा जरूरी यह है कि आप अपनी फिटनेस रूटीन में कितने रेगुलर हैं। आइए, इस आर्टिकल में समझते हैं पीएम मोदी के वे 5 नियम, जिन्हें अपनाकर आप भी खुद को चुस्त-दुरुस्त रख सकते हैं।

योग और प्राणायाम से करें दिन की शुरुआत

प्रधानमंत्री मोदी के लिए योग सिर्फ एक कसरत नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा है। वे हर दिन ध्यान, प्राणायाम और योगासन करते हैं। इससे शरीर तो लचीला रहता ही है, साथ ही दिमाग शांत और फोकस मजबूत होता है। योग के फायदों पर उनका इतना भरोसा है कि एक बार उन्होंने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के लिए भी खास तौर पर एक योगा एक्सपर्ट की व्यवस्था करवाई थी।

शरीर को हमेशा एक्टिव रखें

फिटनेस की शुरुआत मशीन उठाने से नहीं, बल्कि खुद को एक्टिव रखने से होती है। प्रधानमंत्री की दिनचर्या में नियमित सैर और हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधियां शामिल हैं। दिन भर शरीर को किसी न किसी तरह एक्टिव रखने से आलस दूर रहता है और एनर्जी लेवल हमेशा हाई रहता है।

'कम खाएं, सादा खाएं' का फॉर्मूला

आप जो खाते हैं, वही आपका शरीर बनता है। पीएम मोदी बिल्कुल साधारण और शुद्ध शाकाहारी भोजन करते हैं। उनका एक सख्त नियम है-कभी भी जरूरत से ज्यादा नहीं खाना। हल्का और सादा भोजन करने से पाचन तंत्र हमेशा सही रहता है और शरीर भारीपन महसूस नहीं करता।

उपवास और खाने का एक तय समय

शरीर को अंदर से साफ करने के लिए प्रधानमंत्री नियमित रूप से उपवास रखते हैं। इसके अलावा, वे दिन भर कुछ न कुछ खाने के बजाय एक निश्चित समय-सीमा के भीतर ही अपना भोजन करते हैं। यह तरीका मेटाबॉलिज्म को तेज और बीमारियों को दूर रखता है।

अच्छी नींद और रूटीन में निरंतरता

हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि 70 पार की उम्र में सबसे ज्यादा काम आती है आपकी निरंतरता। आप जो भी नियम बनाएं, उसे रोज मानें। इसके साथ ही, गहरी नींद लेना और तनाव को खुद पर हावी न होने देना पीएम मोदी की फिटनेस का सबसे बड़ा हथियार है।

डॉक्टर की ये बात हमेशा याद रखें

मैरिंगो एशिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो एंड स्पाइन (MAIINS) के चेयरमैन डॉक्टर प्रवीण गुप्ता के अनुसार, पीएम मोदी की फिटनेस दिनचर्या हमें सिखाती है कि बढ़ती उम्र में भी योग, सैर और सही खानपान से कैसे स्वस्थ और एक्टिव रहा जा सकता है।

हालांकि, हर इंसान का शरीर और उसकी जरूरतें अलग होती हैं। इसलिए किसी और के रूटीन की हूबहू नकल करने से बचें। हमेशा अपनी उम्र, सेहत और क्षमता के हिसाब से ही व्यायाम करें। स्वस्थ जीवन का असली आधार है- रोजाना हल्की कसरत, अच्छी नींद, पौष्टिक खाना और तनाव से दूर रहना

अगर आपको कोई बीमारी है या आप दवाएं लेते हैं, तो उपवास रखने या डाइट में कोई बड़ा बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। ध्यान रहे, किसी दूसरे व्यक्ति की फिटनेस रूटीन को कॉपी करने के बजाय, अपनी जिंदगी में छोटी-छोटी अच्छी आदतें अपनाएं और उन्हें रोज फॉलो करें।

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