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तेजी से फैलने वाले लंग कैंसर पर नई स्टडी, दो दवाओं के कॉम्बिनेशन से 58% तक कम हुआ मौत का खतरा

Published: Mon, 26 Oct 2026 08:12 AM (IST)

फेफड़ों के कैंसर के इलाज में नई उम्मीद जगी है। एमजेन की दवा इमडेल्ट्रा और एस्ट्राजेनेका की इमफिन्जी के कॉम्बिनेशन से मरीजों की मृत्यु का खतरा 58% कम हुआ।

लंग कैंसर में कैसे काम करती है यह बाइस्पेसिफिक एंटीबॉडी थेरेपी? (Image Source: AI-Generated)

लंग कैंसर में कैसे काम करती है यह बाइस्पेसिफिक एंटीबॉडी थेरेपी? (Image Source: AI-Generated)

HighLights

  1. फेफड़ों के कैंसर के इलाज में नई उम्मीद, मौत का खतरा घटा

  2. क्लिनिकल ट्रायल में सामने आए सकारात्मक परिणाम

  3. एक साल बाद करीब 80 प्रतिशत मरीज जीवित

रॉयटर्स, नई दिल्ली। फेफड़ों के एक गंभीर और तेजी से फैलने वाले कैंसर के इलाज में नई उम्मीद जगी है। अमेरिकी दवा कंपनी एमजेन की दवा इमडेल्ट्रा को एस्ट्राजेनेका की इम्यूनोथेरेपी दवा इमफिन्जी के साथ देने से मरीजों की मृत्यु का खतरा केवल इमफिन्जी देने की तुलना में 58 प्रतिशत तक कम हुआ।

यह अध्ययन एक्सटेंसिव-स्टेज स्माल सेल लंग कैंसर से पीड़ित मरीजों पर किया गया। यह फेफड़ों के कैंसर का एक आक्रामक प्रकार है, जो तेजी से फैलता है और जिसका इलाज करना चुनौतीपूर्ण होता है। जिन मरीजों का कैंसर शुरुआती कीमोथेरेपी के बाद नहीं बढ़ता, उनके लिए इमफिन्जी को आगे के उपचार में इस्तेमाल करना वर्तमान में मानक चिकित्सा पद्धति का हिस्सा है।

जीवित रहने की अवधि में बढ़ोतरी

अध्ययन में 563 मरीजों को शामिल किया गया। परिणामों के अनुसार, दोनों दवाएं लेने वाले मरीजों के जीवित रहने की औसत अवधि 21.1 महीने रही, जबकि केवल इमफिन्जी लेने वाले मरीजों में यह अवधि 12.7 महीने थी। एक साल बाद दोनों दवाओं का संयोजन लेने वाले करीब 80 प्रतिशत मरीज जीवित थे, जबकि केवल इमफिन्जी लेने वाले मरीजों में यह आंकड़ा 53 प्रतिशत रहा। मरीजों की निगरानी अभी जारी है। एमजेन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी पाल बर्टन ने कहा कि इमडेल्ट्रा का इस्तेमाल जितनी जल्दी उपचार प्रक्रिया में किया जाता है, उतना ही अधिक चिकित्सकीय लाभ मिलने की संभावना है। उन्होंने इन नतीजों को इस प्रकार के फेफड़ों के कैंसर के उपचार में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

कैसे काम करती हैं दोनों दवाएं?

इमडेल्ट्रा एक विशेष प्रकार की दवा है, जिसे बाइस्पेसिफिक एंटीबाडी कहा जाता है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली की टी-कोशिकाओं को कैंसर कोशिकाओं के संपर्क में लाने में मदद करती है, ताकि वे कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर सकें। वहीं, इमफिन्जी इम्यूनोथेरेपी है, जो ट्यूमर की उस प्रक्रिया को रोकती है, जिसके जरिए वह प्रतिरक्षा प्रणाली से बचने की कोशिश करता है। इमडेल्ट्रा को अमेरिका में उन वयस्क मरीजों के इलाज के लिए मंजूरी मिली हुई है, जिनका स्माल सेल लंग कैंसर कीमोथेरेपी के बावजूद बढ़ गया हो। पहले के आंकड़ों में इस दवा से मृत्यु का खतरा 40 प्रतिशत कम होने की बात सामने आई थी।

दुष्प्रभावों पर भी ध्यान जरूरी

अध्ययन में दोनों दवाएं लेने वाले 20.9 प्रतिशत मरीजों में गंभीर दुष्प्रभाव सामने आए, जबकि केवल इमफिन्जी लेने वाले समूह में यह आंकड़ा 10.8 प्रतिशत था। कम सफेद रक्त कोशिकाएं होना भी गंभीर दुष्प्रभावों में शामिल था। इमडेल्ट्रा लेने वाले 49.6 प्रतिशत मरीजों में साइटोकाइन रिलीज सिंड्रोम (सीआरएस) की स्थिति देखी गई।

इलाज की लागत भी बड़ी चुनौती

अमेरिका में इमडेल्ट्रा की सूचीबद्ध कीमत प्रति उपचार चक्र करीब 30,000 डालर है। एक साल का खर्च 390,000 डालर से अधिक हो सकता है। एलएसइजी के आंकड़ों के अनुसार, बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि वर्ष 2030 तक इस दवा की सालाना बिक्री 2.5 अरब डालर से अधिक हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के अनुसार, दुनिया भर में हर साल स्माल सेल लंग कैंसर के करीब 2.5 लाख नए मामले सामने आते हैं। फेफड़ों के कैंसर के कुल मामलों में लगभग 15 प्रतिशत तक इसी प्रकार के होते हैं।

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