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नवरात्र में व्रत से घटता है वजन या बढ़ती है कमजोरी? सेहत से जुड़े इन मिथकों की समझें सच्चाई

By Shivani KandwalEdited By: Shweta Chauhan
Published: Fri, 16 Oct 2026 12:08 PM (GMT+05:30)

नवरात्र व्रत के दौरान शरीर के डिटॉक्स होने और वजन घटने जैसी बातों का सच कुछ और है।

नवरात्र में व्रत रखने से जुड़े मिथक (Image Source: AI Generated)

नवरात्र में व्रत रखने से जुड़े मिथक (Image Source: AI Generated)

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समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। नवरात्र एक ऐसा समय जब लोग व्रत रखकर अपने खानपान में बड़ा बदलाव करते हैं, क्योंकि कुछ दिनों तक उनकी थाली में कुट्टू, राजगिरा, समक चावल, फल, शकरकंद और डेयरी प्रोडक्ट्स जैसी चीजें शामिल होती हैं। 

वैसे तो व्रत का भक्ति से संबंध है, लेकिन कई लोग नवरात्र को अपने शरीर के डिटॉक्स करने के अवसर के रूप में भी देखते हैं। उनकी नजर में वजन कम करने के लिए इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता, लेकिन सेहत के लिहाज से ऐसी बहुत सी चीजें हैं जिन्हें समझे जाने की जरूरत है। 

मिथक: नवरात्र में शरीर डिटॉक्सिफाई होता है

नवरात्र में व्रत रखने को लेकर सबसे बड़ा मिथक यह है कि इन दिनों में हमारी बॉडी डिटॉक्सिफाई होती है। जबकि सच्चाई यह है कि हमारे शरीर के पास खुद का डिटॉक्स करने का अपना एक सिस्टम होता है। इसमें लिवर और किडनी की सबसे बड़ी भूमिका होती है। 

ऐसे में यह समझने की भूल न करें कि इस दौरान व्रत करने से हमारे शरीर से किसी खास तरह से टॉक्सिंस निकल रहे हैं। हां, ताजे फल-सब्जियां, नट्स और संतुलित आहार खाना हमारे पोषक तत्वों की गुणवत्ता को बढ़ा सकता है। 

मिथक: व्रत रखने से वजन कम होता है? 

लोगों के बीच एक आम धारणा यह भी है कि व्रत करने से वजन आसानी से कम किया जा सकता है। इसमें कोई शक नहीं कि कुछ दिनों तक अपना कैलोरी इंटेक कम करने से कुछ समय तक वजन कम हो सकता है, लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि व्यक्ति ने इस दौरान क्या और कितना खाया। 

अगर व्रत में भी व्यक्ति जरूरत से ज्यादा फ्राइड फूड्स, व्रत वाली नमकीन, मिठाई और ज्यादा कैलोरी वाली चीजें खाता है, तो इससे किसी भी लिहाज से वजन कम नहीं होगा। इसके अलावा, जान लेने वाली बात यह भी है कि अचानक वजन कम हो जाने से बॉडी फैट घटने के बजाय शरीर में पानी की कमी हो सकती है। 

मिथक: भूखे रहने से जल्दी नतीजे मिलेंगे 

लोग एक आम गलती यह भी करते हैं कि व्रत में लंबे समय तक भूखे रहते हैं, उन्हें लगता है खाना छोड़ देने से नतीजे जल्दी देखने को मिलेंगे। उनका यह तरीका थकान, सिर दर्द, एसिडिटी, डिहाइड्रेशन और एक बार में ज्यादा खाने की समस्या को जन्म दे सकता है। वहीं, डायबिटीज के मरीज, प्रेग्नेंट महिला, बुजुर्गों और मेडिकल कंडीशन वाले लोगों को व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। 

व्रत रखने का क्या है सही तरीका? 

व्रत रखने के सबसे हेल्दी अप्रोच है संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीने और खाने के सही पोर्शन पर ध्यान देना। दिनभर में खुद को एनर्जेटिक रखने और भूख मिटाने के लिए के लिए दूध, दही, पनीर, नट्स के साथ फल-सब्जियां शामिल करें। इस बात को समझें कि व्रत करने का मतलब शॉर्टकट से वजन कम करना या डिटॉक्स करना नहीं है। 

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(शिवानी कंडवाल, न्यूट्रीवाइब्स वेलनेस क्लिनिक में क्लीनिकल डाइटिशियन, डायबिटीज एजुकेटर, & NLP प्रैक्टिशनर हैं)