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बार-बार आंख फड़कने को न करें इग्नोर: हो सकता है तनाव, थकान और नसों की कमजोरी का बड़ा संकेत

By Niharika PandeyEdited By: Harshita Saxena
Published: Thu, 02 Jul 2026 09:06 AM (IST)

आंखों का फड़कना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन बार-बार या लगातार ऐसा होना सेहत से जुड़ी समस्या की तररफ भी इशारा करता है।

बार-बार आंख फड़कने के कारण, लक्षण और बचाव के उपाय (Picture Credit- AI Generated)

बार-बार आंख फड़कने के कारण, लक्षण और बचाव के उपाय (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. आंखों का फड़कना अक्सर तनाव, थकान या कैफीन से होता है

  2. बिनाइन एसेंशियल ब्लेफेरोस्पाज्म बार-बार आंख फड़कने का मुख्य कारण

  3. लगातार फड़कना पार्किंसन्स जैसी गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आंखों का फड़कना चिंता की बात नहीं होती और जिन लोगों को ऐसा बार-बार होता है वह बिनाइन एसेंशियल ब्लेफेरोस्पाज्म (BEB) की वजह से हो सकता है। वैसे कुछ रेयर केसेस में यह किसी बीमारी का भी संकेत हो सकता है। ऐसा क्यों होता है, इसके क्या लक्षण क्या हैं और कब यह परेशानी का कारण बन सकता है, जानेंगे इस आर्टिकल में।

क्या होती है यह परेशानी

अचानक एक या दोनों ही पलकें फड़कने लगती हैं। यह सामान्य प्रक्रिया है लेकिन गंभीर होने पर आंखों की रोशनी को भी प्रभावित कर सकती है। वैसे तो यह किसी के साथ भी हो सकता है, लेकिन मिडिल एज या बुजुर्ग महिलाओं को ज्यादा होता है।

क्या हैं कारण

थकान, ज्यादा कैफीन या तनाव इसकी वजह हो सकता है। लगातार आंखों का फड़कना बिनाइन एसेंशियल ब्लेफेरोस्पाज्म की परेशानी होती है, जिसमें दोनों ही आंख एक ही समय पर फड़कती है। हालांकि, रिसर्च में ऐसा होने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन आंखों के आस-पास के मसल ग्रुप में समस्या होने पर ऐसा हो सकता है। कुछ लोगों में जेनेटिक्स की वजह भी आंखें ज्यादा फड़कती हैं। कई बार ब्रेन या नर्वस सिस्टम से जुड़ी ये परेशानियां भी आंखों के फड़कने का कारण बनती हैं:

  • पार्किंसन्स डिजीज
  • ब्रेन डैमेज या स्ट्रोक
  • मेंटल हेल्थ की कोई खास दवा
  • मल्टीपल स्केलरोसिस
  • बेल पाल्सी
  • हेमिफेशियल स्पाज्म

मैग्नीशियम की कमी भी बन सकता है कारण

आंखों के मसल में होने वाली फड़कन मैग्नीशियम की कमी की वजह से भी हो सकता है। डाइट का सही ना होना या पोषक तत्वों के एब्जॉर्ब ना होने की स्थिति में भी ऐसा हो सकता है।

इन्हें होता है ज्यादा खतरा

  • सिर पर कोई चोट लगी हो
  • यदि परिवार में किसी को यह समस्या हो
  • मेंटल हेल्थ की कोई दवाई ले रहे हों

ऐसे नजर आते हैं लक्षण

  • आंखों में जलन
  • बार-बार आंखें झपकना
  • रोशनी से सेंसिटिविटी
  • ड्राई आइज
  • लगातार आंख फड़कने पर देखने में परेशानी

अगर क्रॉनिक हो आंखों का फड़कना

यदि आंखों के फड़कने की समस्या गंभीर हो तो पलकों और आंख के आस-पास के हिस्से को स्थायी रूप से नुकसान पहुंच सकता है। ऐसी परेशानियां हो सकती हैं:

  • पलकें सामान्य से ज्यादा नीचे आ सकती हैं
  • आइब्रोज सामान्य से ज्यादा नीचे हो सकती हैं
  • आंख के ऊपरी या निचले हिस्से में एक्स्ट्रा स्किन इकट्ठी हो सकती है
  • पलकें असामान्य रूप से फोल्ड हो सकती हैं

इस तरह कर सकते हैं बचाव

  • कैफीन कम से कम लें
  • नींद पूरी करें
  • तनाव से बचें
  • डॉक्टर की सलाह पर आईड्रॉप का इस्तेमाल करें
  • धूप में सनग्लास लगाएं

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