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सिर्फ हाथ कांपना नहीं है 'पार्किंसंस', नई स्टडी में सामने आए ये 4 खतरनाक और छिपे हुए लक्षण

Published: Thu, 19 Mar 2026 08:11 AM (IST)

हाल ही में, पार्किंसंस डिजीज को लेकर एक नई स्टडी सामने आई है, जिसमें इसके लक्षणों और जोखिम कारकों के बारे में कई बातें सामने आई हैं।

पार्किंसंस डिजीज के बारे में सामने आई चौंकाने वाली बातें (Picture Courtesy: Freepik)

पार्किंसंस डिजीज के बारे में सामने आई चौंकाने वाली बातें (Picture Courtesy: Freepik)

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संक्षेप में पढ़ें

प्रेट्र, एडिलेड (ऑस्ट्रेलिया)। पार्किंसंस रोग सबसे तेजी से बढ़ता न्यूरोलाजिकल विकार है, जिसके विश्वभर में एक करोड़ से अधिक मामले सामने आए हैं। वर्तमान में लगभग डेढ़ लाख आस्ट्रेलियाई इस रोग से ग्रसित हैं और प्रतिदिन 50 नए मामले सामने आते हैं।

पार्किंसंस से ग्रसित लोगों की संख्या 2020 से 2050 के बीच तीन गुना से अधिक होने का अनुमान है। हाल में किए गए एक बड़े पैमाने के अध्ययन में लगभग 11,000 आस्ट्रेलियाई लोगों के पार्किंसंस रोग के लक्षणों, जोखिम कारकों और पुरुषों और महिलाओं पर उनके प्रभाव के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई है। आइए एक नजर डालते हैं।

पार्किंसंस रोग क्या है?  

पार्किंसंस रोग में मस्तिष्क के एक हिस्से "सब्स्टेंशिया निग्रा" में डोपामाइन नामक रासायनिक संदेशवाहक का उत्पादन करने वाली कोशिकाएं मरने लगती हैं। इसके साथ ही मस्तिष्क में कई अन्य बदलाव भी होते हैं। यह आमतौर पर गति से जुड़ा विकार है। लक्षणों में आराम की अवस्था में कंपन, धीमी गति ( ब्रैडीकाइनेसिया), मांसपेशियों में अकड़न और संतुलन संबंधी समस्याएं शामिल हैं।

नए शोध से क्या जानकारी मिलती है? 

यह अध्ययन क्यूआईएमआर बर्गहोफर मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा संचालित आस्ट्रेलियाई पार्किंसंस जीनटिक्स अध्ययन के तहत एकत्रित डेटा का उपयोग करता है। 2020 में एक पायलट अध्ययन के बाद इसे 2022 में एक निरंतर, राष्ट्रीय शोध परियोजना के रूप में लांच किया गया था। लगभग 10,929 आस्ट्रेलियाई लोगों का सर्वेक्षण किया गया और आनुवंशिक विश्लेषण के लिए लार के नमूने प्रदान किए गए। अध्ययन में पाया गया कि लक्षणों की शुरुआत की औसत आयु 64 वर्ष थी व निदान की औसत आयु 68 वर्ष थी।

Parkinson_s disease symptoms

प्रमुख प्रारंभिक निष्कर्ष थे?

गति के अलावा लक्षण सामान्य हैं। अध्ययन में गंध का खोना (52 प्रतिशत), स्मृति में परिवर्तन ( 65 प्रतिशत), दर्द ( 66 प्रतिशत) और चक्कर आना (66 प्रतिशत) सभी सामान्य रूप से रिपोर्ट किए गए हैं। विशेष रूप से 96 प्रतिशत प्रतिभागियों ने नींद बाधा का अनुभव किया।

लिंग के बीच भिन्नताएं 

यह रोग पुरुषों में 1.5 गुना अधिक सामान्य है। नए अध्ययन में 63 प्रतिशत प्रतिभागी पुरुष थे। पार्किंसंस पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग तरीके से प्रकट और विकसित होता है। अध्ययन में पाया गया कि महिलाओं की लक्षणों की शुरुआत की उम्र पुरुषों की तुलना में कम थी (63.7 बनाम 64.4 वर्ष) और निदान की उम्र भी कम थी ( 67.6 बनाम 68.1 वर्ष) और पुरुषों की तुलना में दर्द (70 प्रतिशत बनाम 63 प्रतिशत) और गिरने की घटनाओं ( 45 प्रतिशत बनाम 41 प्रतिशत) का अनुभव करने की अधिक संभावना थी। पुरुषों ने महिलाओं की तुलना में अधिक स्मृति परिवर्तन (67 प्रतिशत बनाम 61 प्रतिशत) और आवेगपूर्ण व्यवहार, यौन व्यवहार (56 प्रतिशत बनाम 19 प्रतिशत) का अनुभव किया। हालांकि अधिकांश प्रतिभागियों ने हल्का आवेगशीलता प्रदर्शित की।

जीन और पर्यावरण दोनों का योगदान

अध्ययन में चार में से एक व्यक्ति (25 प्रतिशत) का पार्किंसंस का पारिवारिक इतिहास था। केवल 10-15 प्रतिशत पार्किंसंस के मामलों का कारण या विशेष जीन में म्यूटेशन से मजबूत संबंध है। यह महत्वपूर्ण है कि परिवार केवल जीन साझा नहीं करते हैं बल्कि अक्सर उनका पर्यावरण भी साझा करते हैं।