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पुरुषों में भी होते हैं हार्मोनल बदलाव, इन वजहों से तेजी से घट रहा है युवाओं में मेल हार्मोन

Published: Wed, 25 Feb 2026 03:35 PM (IST)

पुरुषों में भी हार्मोनल बदलाव होते हैं, खासकर युवाओं में टेस्टोस्टेरोन का स्तर तेजी से गिर रहा है।

युवा पुरुषों में घट रहा मेल हार्मोन: कारण, बचाव और सामाजिक चुप्पी (Picture Credit- AI Generated)

युवा पुरुषों में घट रहा मेल हार्मोन: कारण, बचाव और सामाजिक चुप्पी (Picture Credit- AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि शरीर के अंदर होने वाले हार्मोनल बदलाव सिर्फ महिलाओं में ही होते हैं। हालांकि, यह धारणा पूरी तरह से गलत है। हार्मोनल बदलाव सिर्फ महिलाओं में ही नहीं, बल्कि पुरुषों में भी होते हैं। 

हैरानी की बात, यह है कि अब सिर्फ बुजुर्गों में ही नहीं, बल्कि 20 से 30 साल के युवा पुरुषों में भी 'टेस्टोस्टेरोन' (मुख्य पुरुष हार्मोन) का स्तर तेजी से गिर रहा है। टेस्टोस्टेरोन सिर्फ सेक्शुअल हेल्थ से ही नहीं जुड़ा है; बल्कि यह पुरुषों की मांसपेशियों, हड्डियों की मजबूती, एनर्जी लेवल, मूड और फर्टिलिटी को भी कंट्रोल करता है। ऐसे आज एलेंटिस हेल्थकेयर, नई दिल्ली में प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग के अध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष डॉ मन्नान गुप्ता से जानेंगे पुरुषों में होने वाले इसी हार्मोनल बदलाव के बारे में विस्तार से- 

क्या है टेस्टोस्टेरोन?

टेस्टोस्टेरोन पुरुषों के शरीर में बनने वाला एक बेहद जरूरी हार्मोन है। जवानी की शुरुआत में शरीर में इसका स्तर सबसे ज्यादा होता है। हालांकि, 30 साल की उम्र के बाद हर साल इसमें करीब 1% की कमी आने लगती है, जो नेचुरली नॉर्मल है, लेकिन आज के समय में युवाओं में यह गिरावट उम्र से कहीं ज्यादा तेजी से हो रही है, जो चिंता का विषय है।

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(Picture Credit- AI Generated)

टेस्टोस्टेरोन कम होने के 4 बड़े कारण

  • आज की भागदौड़ भरी जिंदगी ने हमारे हार्मोनल संतुलन को बुरी तरह बिगाड़ दिया है। इसके मुख्य प्रमुख कारण निम्न हैं:
  • काम का दबाव और घर-परिवार की जिम्मेदारियां शरीर में कोर्टिसोल यानी स्ट्रेस हार्मोन को बढ़ाती हैं, जो सीधा टेस्टोस्टेरोन के प्रोडक्शन को रोक देता है।
  • टेस्टोस्टेरोन मुख्य रूप से तब बनता है, जब हम गहरी नींद में होते हैं। कम सोने वाले युवाओं में इसका स्तर काफी घट जाता है।
  • जंक फूड और मीठे का ज्यादा सेवन पेट की चर्बी बढ़ाता है। शरीर की फालतू चर्बी टेस्टोस्टेरोन को एस्ट्रोजन (फीमेल हार्मोन) में बदलने लगती है।
  • रोजमर्रा की चीजों में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक और खाने में मौजूद कीटनाशक भी हार्मोन्स पर बहुत बुरा असर डालते हैं।

कैसे करें इससे बचाव

शरीर में टेस्टोस्टेरोन कम होने पर घबराने की जरूरत नहीं है। रोजमर्रा की कुछ आदतों में आसान बदलाव करके आप इसे नेचुरली बढ़ाया जा सकता है:

  • वजन उठाने वाले व्यायाम (वेट लिफ्टिंग) हफ्ते में कम से कम 3-4 दिन करें। ऐसा करने से टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने में काफी मदद मिलती है।
  • टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के लिए अच्छी नींद सबसे ज्यादा जरूरी है। इसलिए हर रात 7 से 8 घंटे की अच्छी और गहरी नींद लें।
  • बाहर का जंक फूड और ज्यादा मीठा खाने से बचें ताकि पेट की चर्बी कम हो सके। मोटापा इसका लेवल कम करने का एक प्रमुख कारण है।
  • शरीर में विटामिन-डी की कमी से भी यह हार्मोन गिरता है। इसके लिए रोज सुबह थोड़ी देर धूप में बैठना फायदेमंद होता है।
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(Picture Credit- AI Generated)

इस पर बात क्यों नहीं करते पुरुष?

समाज में अक्सर पुरुषों को लेकर ऐसी धारणा रही है कि वह रो नहीं सकते हैं, क्योंकि वह मजबूत है। अपनी इसी इमेज को बनाए रखने के लिए सामाजिक दबाव (Stigma) के कारण पुरुष अपनी कमजोरी या मानसिक थकान पर खुलकर बात नहीं कर पाते। इस चुप्पी को तोड़ना जरूरी है, क्योंकि सही समय पर इलाज न मिलने से आगे चलकर डिप्रेशन और हड्डियों की कमजोरी जैसी बड़ी बीमारियां हो सकती हैं।