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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वजन को कम करने और नियंत्रण में रखने के लिए अच्छा खानपान और व्यायाम जरूरी, रखें इन बातों का ध्यान

By Sanjay PokhriyalEdited By:
Published: Thu, 23 Jun 2022 01:58 PM (IST)

शोधकर्ताओं के मुताबिक हमारा अध्ययन बताता है कि मोटापे को कम करने और उस वजन को बनाए रखने के लिए ...और पढ़ें

दवाएं और सही जीवनशैली का संयोजन कम करेगा मोटापा।
दवाएं और सही जीवनशैली का संयोजन कम करेगा मोटापा।

वाशिंगटन, एएनआइ : वर्तमान में मोटापा एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। हमारा खान-पान और अनियमित दिनचर्या इसकी सबसे बड़ी वजहों में शामिल हैं। मोटापा कई बीमारियों की वजह भी बनता है। यही वजह है कि चिकित्सक वजन को नियंत्रण में रखने की सलाह देते हैं, लेकिन अक्सर मोटापा कम करना काफी कठिन लगता है। यदि आप मोटापे से छुटकारा और स्लिम बाडी पाना चाहते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। हाल ही में किए गए एक शोध में पाया गया है कि अधिक वजन वाले और मोटे लोगों ने मोटापा रोधी दवाओं के इस्तेमाल के साथ जीवनशैली में बदलाव कर तीन से पांच वषों में अपने शरीर का औसतन 10.6 प्रतिशत वजन कम किया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि मोटापे को कम करने और वजन को नियंत्रण में रखने के लिए दवाओं से भी ज्यादा महत्वपूर्ण अच्छी जीवनशैली है।

शोधकर्ताओं ने अटलांटा, गा में एंडोक्राइन सोसाइटी की वार्षिक बैठक, इएनडीओ 2022 में बीते दिनों अपने शोध के निष्कर्ष प्रस्तुत किए हैं। इसके तहत बताया गया है कि 10 प्रतिशत से अधिक वजन घटाने से महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।न्यूयार्क, एनवाई में वेइल कार्नेल मेडिसिन के प्रमुख शोधकर्ता माइकल ए. वेनट्राब ने कहा, दुनिया में लंबे समय तक वजन घटाने के रखरखाव के लिए मोटापा रोधी दवाओं की प्रभावशीलता पर डाटा एक से दो साल तक सीमित कर दिया गया है। हमारा अध्ययन काफी प्रभावशाली है, क्योंकि हमने अधिक वजन और मोटापे से ग्रस्त 400 से अधिक वयस्कों में तीन से पांच वषों में वजन घटाने के रखरखाव का विश्लेषण किया है। ये सभी वजन घटाने वाली दवाएं ले रहे थे।

अध्ययन ने एक अकादमिक वजन प्रबंधन केंद्र में 428 रोगियों के डाटा की समीक्षा की। सभी रोगियों को उनके कार्यालय के दौरे के दौरान मोटापा दवा विशेषज्ञ द्वारा कम ग्लाइसेमिक आहार और व्यायाम पर केंद्रित परामर्श प्राप्त हुआ। मरीजों को एक पंजीकृत आहार विशेषज्ञ (डाइटीशियन) के साथ अतिरिक्त परामर्श की भी पेशकश की गई। इसमें एफडीए से एप्रूव मेडिकल थेरेपी और वजन घटाने वाली दवाएं शामिल थीं। इसमें उपयोग की जाने वाली सबसे आम दवाएं मेटफार्मिन, फेंटरमाइन और टोपिरामेट थीं। मरीज वजन प्रबंधन के लिए औसतन दो दवाएं ले रहे थे। शोधकर्ताओं के मुताबिक, मरीज तीन से पांच साल से मेडिकल थेरेपी के अलावा अपनी जीवनशैली में बदलाव कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने औसतन 10.6 किलो वजन घटाया और इसे कायम रखा। 10 प्रतिशत वजन घटाना चिकित्सकीय रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मधुमेह, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्राल और प्रतिरोधी स्लीप एपनिया जैसे हृदय जोखिम कारकों में सुधार के साथ-साथ गतिशीलता और जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार से जुड़ा है।

अमेरिका में स्थिति खराब: अमेरिका में मोटापे की दर 40 प्रतिशत के करीब पहुंच रही है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, मोटापा रोधी दवाएं मोटापे के इलाज के लिए एक कम इस्तेमाल किया जाने वाला विकल्प हैं और मधुमेह और हृदय रोग सहित मोटापे से संबंधित बीमारियों को रोक सकती हैं।

क्या निकाला निष्कर्ष: शोधकर्ताओं के मुताबिक, हमारा अध्ययन बताता है कि मोटापे को कम करने और उस वजन को बनाए रखने के लिए सिर्फ दवाओं पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। एक अच्छी जीवनशैली बहुत जरूरी है। इसके तहत अच्छा खानपान और व्यायाम बहुत जरूरी है। इसके बिना दवाएं उतनी कारगर साबित नहीं हो सकती हैं।

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