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अश्वगंधा खाने से पहले हो जाएं सावधान! FSSAI ने दी चेतावनी, पत्तियों का इस्तेमाल पड़ सकता है भारी

Published: Wed, 22 Apr 2026 07:18 PM (IST)

FSSAI ने अश्वगंधा के इस्तेमाल को लेकर सख्त एडवाइजरी जारी की है, जिसमें सप्लीमेंट्स में केवल इसकी जड़ों के इस्तेमाल की अनुमति है और पत्तों पर प्रतिबंध लगाया गया है।

अश्वगंधा के इस्तेमाल पर FSSAI की सख्त चेतावनी (Picture Credit- AI Generated)

अश्वगंधा के इस्तेमाल पर FSSAI की सख्त चेतावनी (Picture Credit- AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपको भी रात में करवटें बदलते हुए नींद नहीं आती? दिनभर ऑफिस का तनाव और शारीरिक थकान आप पर हावी रहता है? आजकल इन आम परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए लोग धड़ल्ले से अश्वगंधा का इस्तेमाल कर रहे हैं। 

कभी सिर्फ आयुर्वेद के पुराने पन्नों तक सीमित रहने वाली यह देसी जड़ी-बूटी आज दुनिया भर में छा गई है। भारत में स्ट्रेस रिलीफ कैप्सूल से लेकर विदेशों में नींद लाने वाली 'स्लीप कैंडी' तक, हर जगह अश्वगंधा का जलवा है। लोग इसे एक 'जादुई उपाय' मानकर अपनी डेली डाइट का हिस्सा बना रहे हैं, लेकिन जरा रुकिए! अगर आप भी बिना सोचे-समझे अश्वगंधा का सेवन कर रहे हैं, तो आपको सतर्क होने की जरूरत है।

लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही अश्वगंधा से जुड़े सप्लीमेंट्स शक के घेरे में आ गए हैं। हाल ही में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक सख्त एडवाइजरी जारी कर इसके सेवन का सही तरीका बताया है।

क्या है FSSAI की चेतावनी

FSSAI ने अपने ऑफिशियल स्टेटमेंट में साफ कहा कि कंपनियों को हेल्थ सप्लीमेंट्स और न्यूट्रास्यूटिकल्स में सिर्फ अश्वगंधा की 'जड़ों' (Roots) और उसके अर्क का ही इस्तेमाल करना चाहिए। कई निर्माता इसके 'पत्तों' का भी इस्तेमाल कर रहे हैं, जिस पर अब पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर अश्वगंधा की पत्तियों पर रोक लगाने की वजह क्या है और यह कैसे सेहत को नुकसान पहुंचाता है। 

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आखिर पत्तों पर इतनी सख्ती क्यों है? 

डॉ. निधिन मोहन (सीनियर कंसल्टेंट, जनरल मेडिसिन, नारायण हेल्थसिटी, बेंगलुरु) बताती हैं कि अश्वगंधा की जड़ ही सबसे सुरक्षित और औषधीय गुणों से भरपूर होती है। वहीं, इसके पत्तों और तनों में एल्कलॉइड नामक तत्व की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। इन पत्तों का लगातार सेवन पेट और आंतों में गंभीर जलन की वजह बन सकता है और यह लिवर के लिए बहुत ज्यादा जहरीला (टॉक्सिक) साबित हो सकता है।

ओवरडोज भी है खतरनाक

अश्वगंधा बेशक तनाव कम करने, नींद की क्वालिटी सुधारने और शारीरिक ताकत बढ़ाने में मददगार है, लेकिन एक्सपर्ट चेतावनी देते हैं कि यह एक औषधि है। "ज्यादा खाने से ज्यादा फायदा होगा" वाली सोच आपको नुकसान पहुंचा सकती है।

मेडिकल रिसर्च के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए दिन भर में जड़ के अर्क की 300 से 600 मिलीग्राम या जड़ के पाउडर की 3 से 6 ग्राम मात्रा ही सुरक्षित है। अगर आप इससे ज्यादा की डोज लेते हैं, तो इसके गंभीर साइड इफेक्ट्स दिखने लगते हैं, जिसमें निम्न शामिल हैं- 

  • पेट खराब होना
  • उल्टी
  • लो ब्लड प्रेशर
  • अत्यधिक सुस्ती आना

इतना ही नहीं लंबे समय तक बिना डॉक्टर की सलाह के ज्यादा मात्रा में इसका सेवन आपके लिवर को डैमेज कर सकता है और थायरॉइड के संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ सकता है।

इन लोगों को नहीं खाना चाहिए अश्वगंधा?

जरूरी नहीं कि नेचुरल चीजें हर किसी के लिए फायदेमंद हो। डॉक्टर्स की मानें, तो गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और ऑटोइम्यून बीमारियों से जूझ रहे लोगों को इससे बिल्कुल दूर रहना चाहिए। इसके अलावा, अगर आपको लिवर की कोई समस्या है या आप ब्लड प्रेशर और थायरॉइड की नियमित दवाएं ले रहे हैं, तो बिना डॉक्टर की सलाह के अश्वगंधा भूलकर भी न खाएं।