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क्या फ्रूट्स की नेचुरल शुगर से बढ़ता है डायबिटीज का खतरा? डॉक्टर ने बताया फल खाने का सही तरीका

Published: Wed, 01 Apr 2026 11:23 AM (IST)

फल हमारी अच्छी सेहत के लिए काफी जरूरी हैं। इसलिए डाइट में फलों को शामिल न करना, खतरनाक साबित हो सकता है।

क्या आप रोज खाते हैं सही मात्रा में फल? (AI Generated Image)

क्या आप रोज खाते हैं सही मात्रा में फल? (AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। ज्यादातर लोग फलों को केवल एक ऑप्शनल स्नैक मानते हैं, जिसे मन हुआ तो खा लिया वरना छोड़ दिया। लेकिन फल हमारी सेहत के लिए एक दवा की तरह हैं, जो बीमारियों से लड़ने और स्वस्थ रहने में हमारी मदद करते हैं।

इसलिए अगर आप अपने स्वास्थ्य को बेहतरीन बनाना चाहते हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि आपको रोजाना कितने फल खाने चाहिए। डॉक्टर सुधीर कुमार (MD, DM) फल खाने का सही गणित बता रहे हैं। आइए जानें रोजाना कितनी मात्रा में फल खाने चाहिए।

रोजाना कितने फल खाएं?

एक स्वस्थ वयस्क के लिए हर दिन 2 सर्विंग्स फल खाना चाहिए। अब सवाल उठता है कि 1 सर्विंग का मतलब क्या है? 1 सर्विंग यानी 1 मध्यम आकार का सेब, 1 केला, या आधा कप बेरीज। दिन भर में कम से कम 1.5 कप फल जरूर लें। आप चाहें, तो 4 से 5 सर्विंग भी खा सकते हैं, लेकिन साथ ही डाइट में सब्जियों की मात्रा भी बढ़ा दें। 

फल आपकी सेहत को कैसे सुधारते हैं?

फल हमारे शरीर के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं। इनमें मौजूद पोषक तत्व कई गंभीर बीमारियों से बचाव में हमारी मदद करते हैं, जैसे-

  • फाइबर- यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।
  • पोटैशियम- यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है, जिससे दिल पर दबाव कम होता है।
  • फ्लेवोनोइड्स- ये स्ट्रोक और दिल की बीमारियों के जोखिम को 10-15% तक कम कर सकते हैं।

अगर फल न खाएं, तो क्या होगा? 

फलों को अपनी डाइट में शामिल न करने के कई नुकसान हो सकते हैं, जैसे अगर आप फलों से परहेज करते हैं, तो शरीर में सूजन बढ़ सकती है। इसके अलावा, आंतों के स्वास्थ्य में गिरावट आती है और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। यहां यह समझना जरूरी है कि साबुत फल खाने से डायबिटीज का खतरा कम होता है, न कि बढ़ता।

फलों में मौजूद शुगर नुकसान पहुंचाता है?

अक्सर लोग फलों को इसलिए नहीं खाते क्योंकि उन्हें लगता है कि इसमें शुगर होती है। लेकिन एक कटोरी ब्लूबेरी की तुलना चॉकलेट बार से करना पूरी तरह गलत है। साबुत फलों में मौजूद फाइबर फ्रुक्टोज के अब्जॉर्पशन को धीमा कर देता है। इससे शरीर में इंसुलिन एकदम से नहीं बढ़ता। जब तक आपको कोई स्वास्थ्य समस्या न हो, तब तक फलों की नेचुरल शुगर आपकी दुश्मन नहीं, बल्कि दोस्त है।

रेनबो डाइट अपनाएं

स्वस्थ रहने का सबसे आसान रूल है- ईट द रेनबो। यानी अपनी थाली में अलग-अलग रंगों के फल शामिल करें। रोजाना 2 सर्विंग्स फल खाएं और रंग-बिरंगी सब्जियां डाइट में शामिल करें। यह छोटा सा बदलाव न केवल आपके स्वास्थ्य में सुधार लाएगा, बल्कि भविष्य में होने वाली बीमारियों के खतरे को भी काफी हद तक कम कर देगा।