जिम और रनिंग छोड़िए, फिटनेस का नया फॉर्मूला बन रही है रकिंग वॉक; पर फायदों के साथ न भूलें ये सावधानियां
रकिंग वॉक, जिसमें पीठ पर भारी बैग लेकर चला जाता है, आजकल फिटनेस का नया ट्रेंड बन रहा है।

फिटनेस की दुनिया में रकिंग वॉक का नया ट्रेंड (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सेहतमंद रहने के लिए रोजाना वॉक करने की सलाह दी जाती रही है। यही वजह है कि युवाओं से बड़े-बुजुर्गों तक, सबके डेली रूटीन में कोई एक्सरसाइज हो न हो वॉक जरूर शामिल होती है। पर बीते कुछ समय से रकिंग वॉक का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है, जिससे सेहत को फायदे तो मिलते हैं लेकिन इसके साथ ही कुछ सावधानियां भी बरते जाने की जरूरत है।
ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि आखिर क्या है रकिंग वॉक और इसे करते से कौन सी बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
क्या है रकिंग वॉक?
रकिंग वॉक सामान्य पैदल चलने से बहुत अलग है क्योंकि इसमें चलते तो हैं, पर पीठ पर भारी वजन का बैग लेकर। इसकी शुरुआत सेना से हुई थी, जब सैनिक भारी वजन का बैग लेकर पैदल मार्च किया करते थे। इन दिनों हाइकर्स लंबाई चढ़ाई करके इस ट्रेंड को आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसे में अगर आप ट्रेक या वर्कआउट को एक साथ करना चाहते हैं, तो रकिंग वॉक एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। रकिंग वॉक के लिए आपको अपने बैग में किताबें या सामान भर लेना है और फिर इसे पीठ पर लादकर आप तैयार हैं।
सेहत को होने वाले फायदे
रकिंग वॉक के बहुत से फायदे हैं जो इसे सामान्य वर्कआउट से बेहतर बनाते हैं:
तेजी से कैलोरी बर्न करे
पैदल चलना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, लेकिन जब इसमें रकिंग वॉक को जोड़ा जाता है तो इससे कैलोरी को तेजी से बर्न किया जा सकता है।
शारीरिक क्षमता बढ़ाए
कई स्टडीज यह दावा करती हैं कि पीठ पर भार रखने वाली वॉक को अगर 10 हफ्तों तक नियमित रूप से कर लिया जाए, तो इससे शारीरिक क्षमता भी बढ़ती है।
बेहतर बोन डेन्सिटी
वजन लेकर पैदल चलने से न सिर्फ खुद को एक्टिव रखा जा सकता है, बल्कि इससे बोन डेन्सिटी भी बिल्ड होती है। यह खासकर महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद है, क्योंकि मेनपॉज के बाद हड्डियों की समस्या सबसे ज्यादा उन्हें ही होती है।
किन बातों का रखें खास ध्यान?
अगर आप पहले से हेवी वर्कआउट नहीं करते हैं तो वॉक को धीरे-धीरे कम वजन के साथ शुरू करें।
रकिंग वॉक से पहले पैदल चलने की आदत डालें, ताकि पहले दिन रकिंग वॉक करना भारी न लगे।
इस वॉक का फायदा तभी है, जब आप कम से कम 30 मिनट तक बिना थके और सांस फूले सामान्य तरीके से चल पाएं।
शुरू-शुरू में वॉक को 15-20 तक या अपने शरीर की क्षमता के साथ ही शुरू करें।
अपने कंधों और गर्दन पर खास ध्यान दें कि चलते समय वहां कैसा महसूस हो रहा है।
इससे पहले स्ट्रेचिंग और एरोबिक मूवमेंट्स को अपने एक्सरसाइज रूटीन में शामिल करना जरूरी है।
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