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आंतों में पनपने वाली ये दो गांठें 5 गुना बढ़ा देती हैं कैंसर का खतरा, नई रिसर्च में बड़ा खुलासा

Published: Mon, 18 May 2026 09:07 AM (IST)

एक नए अध्ययन से पता चला है कि आंतों में पाए जाने वाले दो विशेष प्रकार के पॉलीप्स कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को पांच गुना बढ़ा सकते हैं।

आंत का कैंसर होने से पहले शरीर में दिखते हैं ये संकेत (Image Source: AI-Generated)

आंत का कैंसर होने से पहले शरीर में दिखते हैं ये संकेत (Image Source: AI-Generated)

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एएनआई, नई दिल्ली। आंत का कैंसर, एक बेहद गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसे मेडिकल भाषा में 'कोलोरेक्टल कैंसर' भी कहा जाता है। हाल ही में हुए एक नए अध्ययन ने इस बीमारी के पनपने के पीछे के एक बड़े कारण का खुलासा किया है। शोध के अनुसार, हमारी आंतों में पनपने वाले दो खास तरह के 'पॉलीप्स' आंत के कैंसर के खतरे को पांच गुना तक बढ़ा सकते हैं।

क्या हैं ये पॉलीप्स और कैसे बनते हैं खतरा?

पॉलीप्स असल में आंत की भीतरी दीवार या परत पर विकसित होने वाली छोटी-छोटी गांठें होती हैं। ज्यादातर कोलोरेक्टल कैंसर की शुरुआत इन्हीं गांठों के रूप में होती है। हालांकि, शुरुआत में इन गांठों से शरीर को तुरंत कोई नुकसान नहीं पहुंचता है, लेकिन अध्ययन बताता है कि 'एडेनोमा' और 'सेरेटेड' नाम के दो विशिष्ट पॉलीप्स में समय के साथ कैंसर में तब्दील होने की क्षमता होती है।

इस कैंसर की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऑस्ट्रेलिया में यह कैंसर से होने वाली मौतों का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। वहीं, सबसे ज्यादा निदान किए जाने वाले कैंसर के मामलों में यह चौथे नंबर पर आता है।

Colon Polyp

(Image Source: AI-Generated)

हैरान करने वाले शोध के नतीजे

यह महत्वपूर्ण शोध फ्लिंडर्स विश्वविद्यालय और फ्लिंडर्स मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया है। इसके लिए उन्होंने 8,400 से अधिक 'कोलोनोस्कोपी' रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच की। जांच में एक चौंकाने वाली बात सामने आई:

  • जिन मरीजों की आंत में 'सेरेटेड' पॉलीप्स थे, उनमें से लगभग आधे मरीजों में 'एडेनोमा' पॉलीप्स भी पाए गए।
  • इन दोनों खतरनाक गांठों का एक साथ होना एक उच्च जोखिम वाला संयोजन है, जो विशेषज्ञों की उम्मीद से कहीं ज्यादा आम निकला है।
  • इस महत्वपूर्ण शोध के निष्कर्षों को 'क्लिनिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड हेपेटोलॉजी' नामक प्रतिष्ठित पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।

बचाव का तरीका क्या है?

शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि आंत के कैंसर और पॉलीप्स के बीच एक गहरा संबंध है। इस अध्ययन के परिणाम इस बात पर विशेष जोर देते हैं कि बीमारी से बचाव के लिए शीघ्र निदान सबसे बड़ा हथियार है। इन खतरनाक पॉलीप्स को समय रहते पहचानने और कैंसर के खतरे को टालने के लिए नियमित रूप से कोलोनोस्कोपी द्वारा निगरानी करवाना बेहद आवश्यक है।

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