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क्या बथुआ खाने से रिवर्स हो सकता है Fatty Liver? पढ़िए क्या कहती है रिसर्च

Published: Mon, 02 Feb 2026 12:25 PM (IST)

क्या आपको मालूम है कि बथुआ फैटी लिवर जैसी गंभीर बीमारी को रोकने में मदद कर सकता है? शोध बताते ...और पढ़ें

लिवर को डिटॉक्स कर देगा बथुआ का साग (Image Source: Freepik)

लिवर को डिटॉक्स कर देगा बथुआ का साग (Image Source: Freepik)

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सर्दियों के मौसम में हम अक्सर सरसों या पालक का साग बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन इस भीड़ में बथुआ अक्सर पीछे रह जाता है। ज्यादातर लोग इसे पराठे या रायते का स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह साधारण-सा दिखने वाला हरा पत्ता पोषण के मामले में किसी सुपरफूड से कम नहीं है?

सबसे बड़ी बात यह है कि विज्ञान अब यह मान रहा है कि बथुआ फैटी लिवर जैसी गंभीर बीमारी को रोकने और उसे रिवर्स करने में भी मदद कर सकता है (Bathua Benefits)। आइए, विस्तार से जानते हैं पूरी बात।

bathua benefits

(Image Source: Instagram)

एक साइलेंट खतरा है 'फैटी लिवर'

जब लिवर की कोशिकाओं में एक्स्ट्रा फैट जमा होने लगता है, तो उसे फैटी लिवर कहते हैं। थोड़ा बहुत फैट होना सामान्य है, लेकिन अगर यह लिवर के वजन का 5% से 10% से ज्यादा हो जाए, तो यह खतरे की घंटी है। जी हां, अगर समय रहते इस ओर ध्यान न दिया जाए, तो इससे सूजन, लिवर सिरोसिस और यहां तक कि लिवर फेल भी हो सकता है।

हालांकि, अच्छी बात यह है कि लिवर हमारे शरीर का एक ऐसा अंग है जो खुद को रिपेयर या 'रीजेनरेट' कर सकता है। इसमें हेल्दी डाइट बहुत बड़ा रोल प्ले करती है।

लिवर के लिए क्यों फायदेमंद है बथुआ?

बथुआ सिर्फ एक सब्जी नहीं, बल्कि एक नेचुरल डिटॉक्सिफायर है। हमारा लिवर शरीर का मुख्य फिल्टर है, जो कभी-कभी फैट और टॉक्सिन्स की वजह से 'क्लॉग' या जाम हो जाता है। बथुआ में ऐसे खास तत्व होते हैं जो लिवर को इन फैट्स को तोड़ने में मदद करते हैं (Bathua Leaves Benefits)। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि बथुआ लिवर के बढ़े हुए एंजाइम्स को वापस सामान्य स्तर पर लाने में मदद करता है। आइए जानते हैं कैसे।

लिवर को सुरक्षा देने वाले गुण

'रिसर्च जर्नल ऑफ फार्मेसी एंड टेक्नोलॉजी' और 'जर्नल ऑफ ड्रग डिलीवरी एंड थेराप्यूटिक्स' जैसे अध्ययनों में पाया गया है कि बथुआ की पत्तियों का अर्क लिवर की सुरक्षा करता है। जब लिवर डैमेज होता है, तो ALT और AST जैसे एंजाइम खून में मिल जाते हैं। बथुआ इन्हें वापस सही लेवल पर लाने में मदद करता है, जो इस बात का संकेत है कि लिवर की सेल्स ठीक हो रही हैं।

फाइबर का शानदार खजाना

लिवर की सेहत के लिए फाइबर बहुत जरूरी है। 'जर्नल ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी' के मुताबिक, बथुआ डायटरी फाइबर का बेहतरीन स्रोत है। यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे लिवर पर कचरा साफ करने का बोझ कम हो जाता है। साथ ही, यह वजन कंट्रोल करने और इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारने में भी मददगार है।

Bathua

(Image Source: Instagram)

एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर

प्रदूषण और गलत खान-पान से शरीर में 'ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस' बढ़ता है, जो फैटी लिवर का एक बड़ा कारण है। 'जर्नल ऑफ फार्माकोग्नॉसी एंड फाइटोकेमिस्ट्री' के अनुसार, बथुआ में ऐसे फेनोलिक कंपाउंड्स होते हैं जो शरीर के लिए हानिकारक फ्री रेडिकल्स को खत्म करते हैं। इससे लिवर की सूजन कम होती है।

गट को रखे हेल्दी

शोध बताते हैं कि बथुआ जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में मौजूद पोषक तत्व हमारे गट माइक्रोबायोम को बढ़ाते हैं। ऐसे में, जब पेट स्वस्थ रहता है, तो कम टॉक्सिन्स लिवर तक पहुंचते हैं, जिससे लिवर को बाहरी सूजन से लड़ने के बजाय जमा फैट को बर्न करने का मौका मिलता है। 'जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव मेडिसिन एंड होलिस्टिक हेल्थ' में प्रकाशित एक अध्ययन इस बात पर जोर देता है कि बथुआ जैसी पारंपरिक जड़ी-बूटियां फैटी लिवर की बीमारी को बढ़ने से रोक सकती हैं।

बथुआ खाने का सही तरीका

फैटी लिवर को रिवर्स करने के लिए बथुआ का नियमित सेवन जरूरी है। इसे आप कई तरीकों से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, जैसे- बथुआ का जूस, रायता या साग आदि।

ध्यान रहे, कोई भी एक भोजन जादू की तरह काम नहीं करता। बथुआ भी आपके लिवर को फैट घटाने और खुद को रिपेयर करने के लिए जरूरी ताकत देता है। इसलिए, यह सोचना गलत होगा कि सिर्फ बथुआ खाने से फैटी लिवर ठीक हो जाएगा।

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