कैंसर सिर्फ तंबाकू-शराब से नहीं होता! शरीर में छिपे ये 5 इन्फेक्शन भी बढ़ा देते हैं बीमारी का खतरा
एक नई रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में कैंसर के हर आठवें मामले का कारण इन्फेक्शन है, जिसमें 2024 में 23 लाख नए मामले सामने आए हैं।

क्या एक मामूली इन्फेक्शन भी बन सकता है कैंसर की वजह? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब हम कैंसर के कारणों के बारे में सोचते हैं, तो सबसे पहले तंबाकू, शराब, खराब लाइफस्टाइल या खानदानी बीमारियों का ख्याल आता है। हालांकि, क्या आपने कभी सोचा है कि एक साधारण सा वायरस या बैक्टीरिया भी आपको कैंसर का शिकार बना सकता है?
मशहूर मेडिकल जर्नल 'द लैंसेट ऑन्कोलॉजी' की एक ताजा रिपोर्ट ने मेडिकल जगत में हलचल मचा दी है। इस स्टडी के आंकड़े बताते हैं कि दुनिया भर में कैंसर के हर आठवें मामले की जड़ असल में एक इन्फेक्शन है।
इन्फेक्शन को हल्के में लेने की न करें भूल
इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने अपनी हालिया रिसर्च में पाया है कि साल 2024 में दुनिया भर में 23 लाख नए कैंसर के मरीज सिर्फ इन्फेक्शन की वजह से सामने आए। आसान भाषा में समझें तो दुनिया के कुल कैंसर मामलों में से 12 प्रतिशत के पीछे सीधे तौर पर इन्फेक्शन का हाथ था।
ये 5 खतरनाक वायरस और बैक्टीरिया बन रहे हैं जानलेवा
रिसर्चर्स ने 12 ऐसे संक्रामक तत्वों की जांच की, जो इंसानों में कैंसर पैदा कर सकते हैं। हालांकि, इनमें से 5 नाम ऐसे हैं जिन्होंने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है:
- एच. पाइलोरी (H. pylori): यह बैक्टीरिया पेट में पाया जाता है और सबसे बड़ा खतरा है। इसकी वजह से लगभग 7,60,000 कैंसर के मामले सामने आए।
- एचपीवी (HPV): यह वायरस सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है। इसके अलावा यह प्राइवेट पार्ट्स और सिर-गर्दन के कैंसर से भी जुड़ा है। इस वायरस ने करीब 7,50,000 लोगों को कैंसर का शिकार बनाया।
- हेपेटाइटिस बी (HBV): मुख्य रूप से लिवर कैंसर का कारण बनने वाले इस वायरस से लगभग 3,60,000 मामले जुड़े पाए गए।
- एपस्टीन-बार वायरस (EBV): पेट और गले के आसपास के कैंसर के साथ-साथ कुछ खास लिंफोमा पैदा करने वाले इस वायरस के कारण 2,60,000 मामले दर्ज हुए।
- हेपेटाइटिस सी (HCV): इस वायरस ने लगभग 1,60,000 लोगों को अपना शिकार बनाया, जिसमें सबसे ज्यादा मामले लिवर कैंसर के थे।
शरीर में इन्फेक्शन कैंसर कैसे बन जाता है?
यहां एक बात समझना बहुत जरूरी है कि हर इन्फेक्शन कैंसर में नहीं बदलता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि इन्फेक्शन शरीर में कितने समय से है और आपका इम्यून सिस्टम कैसा है।
जब कोई इन्फेक्शन शरीर में लंबे समय तक टिका रहता है, तो वह हमारी कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगता है। इससे शरीर के अंदर लगातार सूजन बनी रहती है। यही पुरानी सूजन धीरे-धीरे कोशिकाओं में ऐसे बदलाव करती है जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले लेते हैं। जैसे- हेपेटाइटिस लिवर को नुकसान पहुंचाता है, और एच. पाइलोरी पेट में लगातार सूजन पैदा करके कैंसर को न्यौता देता है।
गरीब और विकासशील देशों पर मंडराता बड़ा खतरा
IARC की वैज्ञानिक डॉ. हेरिएट रुमगे ने एक चिंताजनक बात भी बताई। उन्होंने कहा कि इन्फेक्शन से होने वाले इन कैंसर का 77 प्रतिशत बोझ कम और मध्यम आय वाले देशों पर है। इसका सीधा कारण यह है कि इन देशों में अभी भी समय पर जांच, टीकाकरण और इलाज की सुविधाओं में काफी कमी है।
क्या है बचाव का रास्ता?
अच्छी खबर यह है कि इन इन्फेक्शन और इनसे होने वाले कैंसर को सही समय पर रोका जा सकता है।
- वैक्सीन है असरदार: एचपीवी और हेपेटाइटिस बी दोनों के लिए बेहद प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध हैं, जो सर्वाइकल और लिवर कैंसर से बचा सकती हैं।
- सही इलाज: हेपेटाइटिस सी के लिए भले ही कोई वैक्सीन नहीं है, लेकिन बेहतरीन एंटीवायरल दवाइयों से इस इन्फेक्शन को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
- नियमित स्क्रीनिंग: समय-समय पर जांच कराने से कोशिकाओं के कैंसर में बदलने से पहले ही खतरे को पहचाना और खत्म किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, अगर हम अपनी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं और इन्फेक्शन कंट्रोल पर ध्यान दें, तो कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी के इस बड़े हिस्से को आसानी से मात दी जा सकती है।
