कमर दर्द हो या अचानक लगी चोट, गर्म सिकाई करें या ठंडी? समझ लीजिए दर्द से राहत पाने का सही तरीका
ठंडी सिकाई नई चोट और सूजन के लिए है, जबकि गर्म सिकाई पुराने दर्द और मांसपेशियों की जकड़न में राहत देती है।

ठंडी और गर्म सिकाई में समझें फर्क (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। डॉक्टर अक्सर चोट को जल्दी भरने या सूजन को कम करने के लिए सिकाई की सलाह देते हैं, पर हम अक्सर समझ नहीं पाते कि इसके लिए ठंडी सिकाई बेहतर है या गर्म। अगर आप भी हर समय इस बात को लेकर कन्फ्यूजन में रहते हैं, तो आइए इन दोनों के बीच का फर्क जान लेते हैं।
कब करनी है बर्फ की सिकाई?
आपका दर्द नया है या पुराना, इस बात पर निर्भर करता है कि उसे किस तरह एके थेरेपी की जरूरत है। बर्फ की सिकाई चोट लगने के 24-48 घंटे के भीतर ही असरदार है, क्योंकि बर्फ की मदद से डैमेज ब्लड वेसल्स सिकुड़ने लगती हैं और थोड़े समय के लिए वो हिस्सा सुन्न पड़ जाता है। इससे चोट की सूजन और दर्द कम होने के साथ ही लालिमा भी कम होने लगती है। इन स्थितियों में बर्फ सिकाई असरदार हो सकती है:
अचानक चोट लगना
सिर दर्द और माइग्रेन
बुखार
खून का बहाव रोकने के लिए
गठिया का दर्द
सही तरीका
इसके लिए आप आइस पैक का इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर ठंडे पानी में तौलिया भिगोकर उपयोग में लाएं।
चोट या दर्द वाले हिस्से पर कम से कम 5-10 मिनट तक रखने के बाद एक से दो घंटे के अंतराल में इसे दोहराएं।
इस बात का खास ध्यान रखें कि अगर बहुत ज्यादा ठंडक या सुन्न लगे तो तुरंत पैक को तुरंत हटा लें।
कब करनी है गर्म सिकाई?
गर्म सिकाई यानी हीट थेरेपी हमेशा 72 घंटे से पुरानी चोट पर करनी चाहिए। जब आपका कमर दर्द पुराना हो, उसमें जकड़न बनी हुई हो और दर्द में राहत नहीं मिल रही हो, तब मांसपेशियों को आराम देने के लिए गर्म सिकाई की मदद ली जाती है। इससे मसल्स में ब्लड फ्लो बढ़ता है, जिससे दर्द, खिंचाव और कठोरता में कमी आती है। इन स्थितियों में गर्म सिकाई करना फायदेमंद हो सकता है:
मांसपेशियों की ऐंठन और गांठ
गठिया में जोड़ों की स्थिति के आधार पर गर्म सिकाई
स्ट्रेस से होने वाला सिर दर्द
पीरियड्स में पेट दर्द और ऐंठन
सही तरीका
हीट थेरेपी के लिए सबसे ध्यान देने वाली बात कि हीट पैक या बोतल का पानी बहुत ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए।
इसे माध्यम तापमान पर ही गर्म करना है, यह थेरेपी के लिए काफी है।
दर्द वाले हिस्से पर 3-4 मिनट तक रखने के बाद चेक करें कि लाल निशान तो नहीं पड़े। इसके अलावा, जलन हो तो भी थेरेपी तुरंत रोक दें।
हीट थेरेपी को दिन में दो बार दोहराया जा सकता है।
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Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
