40 की उम्र के बाद खुद में दिखे ये बदलाव, तो महिलाएं न करें नजरअंदाज! मेनोपॉज से हो सकता है कनेक्शन
महिलाएं आमतौर पर मेनोपॉज के लक्षणों को उम्र बढ़ने के लक्षण मानकर अनदेखा कर देती हैं।

मेनोपॉज के लक्षण (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। महिलाओं की बढ़ती उम्र का मेनोपॉज एक संकेत है, जिसका सबसे बड़ा बदलाव है साल के 12 महीने पीरियड्स न होना। पर यह स्थिति एकदम से नहीं आती, मेनोपॉज के तीन स्टेज होते हैं, जो यह बताते हैं कि अब किसी महिला की प्रजनन क्षमता खत्म हो रही है।
इस दौरान महिलाओं के शरीर में बहुत से संकेत भी देखने को मिलते हैं, जिन्हें वो अक्सर नजरअंदाज करती नजर आती हैं। आज हम उन सभी संकेतों के बारे में बात करेंगे।
मेनोपॉज के तीन स्टेज कौन-कौन से हैं?
मेनोपॉज का मतलब है पीरियड्स का हमेशा के लिए बंद हो जाना, जो किसी सर्जरी या इलाज का परिणाम नहीं है। ऐसा प्राकृतिक कारणों से होता है। इसकी तीन स्टेज हैं:
पेरीमेनोपॉज
यह मेनोपॉज के शुरू होने से कम से कम 8-10 साल पहले का चरण होता है, जब ओवरीज कम एस्ट्रोजन उत्पादन कर अपनी क्षमता कम करना शुरू कर देती हैं। ज्यादातर मामलों में यह चरण 40 साल के आसपास शुरू होता है।
मेनोपॉज
मेनोपॉज वो स्थिति है जब पीरियड्स पूरी तरह से बंद हो जाते हैं। इस स्टेज में ओवरेज एग्स रिलीज नहीं करती और एस्ट्रोजन का उत्पादन भी नहीं होता।
पोस्टमेनोपॉज
मेनोपॉज के बाद की स्थिति जिसे पोस्टमेनोपॉज कहा जाता है, सारी जिंदगी बनी रहती है। जो महिलायें इस स्टेज में रहती हैं उनमें ऑस्टियोपोरोसिस और दिल की बीमारी का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
मेनोपॉज के लक्षण
मेनोपॉज के तीन चरणों की तरह ही इसके लक्षण भी तीन तरह के दिखाई देते हैं:
शारीरिक लक्षण
इनमें हॉट फ्लैश, रात में पसीना आना, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, थकान, सिरदर्द, ड्राईनेस, नींद न आने की समस्या, वजन का बढ़ना और बाल झड़ना शामिल है।
मानसिक और भावनात्मक लक्षण
मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन, एंग्जायटी, उदासी, किसी काम में ध्यान न दे पाना और चीजें रखकर भूल जाना या लंबे समय तक चीजें याद न कर पाना शामिल है।
यूरोजेनिटल और सेक्शुअल हेल्थ से जुड़े लक्षण
यूरोजेनिटल और सेक्शुअल हेल्थ से जुड़े लक्षणों में वजाइनल ड्राइनेस, अनियमित पीरियड्स, इंटीमेसी के समय असहजता, बार-बार यूरिन आना, यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन का जोखिम और सेक्शुअल डिजायर में बदलाव शामिल हैं।
महिलाएं अक्सर करती हैं इन लक्षणों को अनदेखा
ज्यादातर महिलाएं इन लक्षणों का अनुभव तो करती हैं, पर वो इसे मेनोपॉज से न जोड़कर उम्र बढ़ने का संकेत मां लेती हैं। ऐसे में जरूरी है कि महिलाएं अपने परिवार और काम की जिम्मेदारियों के साथ अपनी सेहत को भी प्राथमिकता देना शुरू करें, ताकि मेनोपॉज में खुद को सेहतमंद रख पाएं।
