सोना लेने गए थे, आलू लेकर लौटे, क्यों 8000 साल पहले ‘गरीबों का खाना’ और जहरीली कहलाती थी ये सब्जी
आलू, जिसे आज हम हर व्यंजन में इस्तेमाल करते हैं, कभी गरीबों का खाना और जहरीली सब्जी माना जाता था।

विदेश की देन है आलू (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज आलू के बिना हम किसी भी डिश को बनाने के बारे में सोच भी नहीं सकते, ऐसा लगता है कि सारी दुनिया में सब्जियों का एक ही राजा है और वो है आलू। पर क्या आप इस सब्जी का इतिहास जानते हैं? क्या आपको पता है कि कभी यह आलू गरीबों का खाना कहलाता था? आइए आपको आज इससे जुड़ी दिलचस्प कहानी बताते हैं।
विदेश की देन है आलू
आलू जिसे भारतीय पकवानों में खूब इस्तेमाल किया जाता है, एक विदेशी सब्जी है। इसका अंग्रेजी शब्द पोटैटो स्पेनिश के 'पटाटा' से निकला है। इतिहास कहता है कि आलू को पोटैटो नाम दो भाषाओं से मिलाकर दिया गया है। कहा जाता है कि कैरेबियाई क्षेत्र की ताइनो जनजाति के लोग इसे बटाटा कहते थे, जबकि दक्षिण अमेरिका के लोग इसे ‘पापा’, फिर स्पेनिश लोगों ने इन दोनों शब्दों के मेल से पोटैटो शब्द बनाया।
आलू दुनिया की नजरों में कैसे आया?
जेब के लिए सबसे किफायती और आसानी से पकने वाली कंदमूल सब्जी आलू का इतिहास बड़ा ही रोचक है। इसकी सबसे पहले खोज 8000 ईसा पूर्व और 5000 ईसा पूर्व के बीच पेरू में हुई थी। दक्षिण अमेरिका की इंका सभ्यता के लोग आलू की घरेलू खेती किया करते थे। वो सिर्फ इसे खाते नहीं थे, इसकी पूजा भी करते थे।
सोने की तलाश में हो गई आलू की खोज
इतिहास पर नजर डालें तो हम पाते हैं कि स्पेनिश लोग जिनका पूरा यूरोप में दबदबा था, सोने की तलाश में पेरू पहुंचे थे। उन्हें यहां सोना तो नहीं मिला लेकिन आलू के बारे में पता जरूर चल गया। स्पेनिश लोग सोने के बदले इसी आलू को अपनी सेना का पेट भरने के लिए स्पेन ले गए। देखते ही देखते आलू उनकी सेनाओ की खास रसद बन गया क्योंकि इसे खाकर उनके सैनिक विटामिन सी की कमी वाली स्कर्वी बीमारी से पीड़ित नहीं होते थे।
गरीबों का खाना माना जाता था आलू
जब स्पेन के माध्यम से आलू यूरोप तक पहुंचा, तो ऊंचे वर्ग के लोग इस जड़ वाले आलू को जहरीली, अजीब और पशुओं के चारे वाली सब्जी के तौर पर देखते थे। इसी वजह से इसे पूरे यूरोप में पहुंचने में एक लंबा वक्त लगा। 1570-80 के दशक में आलू धीरे-धीरे इटली, फ्रांस, ऑस्ट्रिया और बेल्जियम तक अपनी पहुंच बनाने लगा था, लेकिन इसे जहरीला और खतरनाक बताकर बैन लगा दिया। कहा जाता है कि आलू ने इन्हीं अफवाहों के चलते इतिहास में अपने ऊपर कई प्रतिबंध देखे हैं।
