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डिब्बे वाले प्रोटीन से कहीं बेहतर हैं गांव के ये 6 देसी स्नैक्स, कम खर्च में पूरी करेंगे शरीर की जरूरत

Published: Tue, 25 Aug 2026 10:19 AM (IST)

गांव के पारंपरिक खान-पान प्रोटीन से भरपूर हैं और आधुनिक सप्लीमेंट्स से कहीं बेहतर हैं। ये सस्ते, टिकाऊ और आसानी से उपलब्ध होने वाले स्नैक्स हैं।

प्रोटीन से भरपूर हैं ये देसी स्नैक्स (AI Generated Image)

प्रोटीन से भरपूर हैं ये देसी स्नैक्स (AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर आजकल हर दूसरी पोस्ट प्रोटीन के बारे में होती है। कैसे अपनी डाइट में प्रोटीन को शामिल कर सकते हैं जैसी कई वीडियो इंटरनेट पर खूब व्यूज बटोरती हैं। सुपरमार्केट के शेल्फ पर भी अब प्रोटीन बार, शेक, फोर्टिफाइड स्नैक्स जैसी चीजों का भंडार लगा रहता है, लेकिन इस न्यूट्रिशन मार्केटिंग से बहुत पहले से हमारे गांव-देहात में पारंपरिक खाने से रोज की जरूरत का प्रोटीन मिल जाता था। 

दरअसल, एक वयस्क को उसके शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम पर 0.8 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। इसके लिए गांव-देहात के लोग प्रोटीन शेक और बार पर निर्भर नहीं होते थे, बल्कि उनके रोजमर्रा के खाने में ऐसी चीजें शामिल होती थीं, जो प्रोटीन का भंडार हैं। भुने हुए अनाज, डेयरी और दालें इस जरूरत को बहुत ही किफायती तरीके से पूरा करती हैं। आइए जानें गांव के ऐसे ही कुछ पारंपरिक खान-पान के बारे में, जो प्रोटीन से भरपूर हैं और रोज के खान-पान में आसानी से शामिल हो जाते हैं।    

भुना चना

भुना चना प्रोटीन का अच्छा सोर्स है और यह बहुत सस्ता और आसानी से कैरी किया जाने वाला स्नैक भी है। गांव के लोग इसे खेतों में अपने साथ ले जाते थे और काम के बीच भूख मिटाने के लिए इसे खाते थे। भुना चना प्रोटीन के सबसे बेहतरीन वेजिटेरियन सोर्स में से एक है। 

सत्तू

सत्तू देसी प्रोटीन पाउडर माना जाता है। बाजार में बिकने वाले आज के प्रोटीन पाउडर से बहुत पहले से ये ग्रामीण जीवन का हिस्सा रहा है। भुने हुए काले चने को पीसकर बनने वाला सत्तू पानी, नमक और नींबू के साथ मिलाकर पिया जाता था और इसे पराठों में भरकर भी खाया जाता था। ये शरीर को प्रोटीन के साथ-साथ एनर्जी भी देता है। 

अंकुरित मूंग

अंकुरित मूंग पुराने जमाने में खान-पान का अहम हिस्सा हुआ करते थे। ये आसानी से तैयार हो जाते हैं और सलाद के रूप में हल्का मसाला, प्याज और नींबू मिलाकर खाया जाता था। आज भी लोग अंकुरित मूंग को प्रोटीन के लिए बेहतरीन स्नैक मानते हैं।

मूंग दाल चिला

भीगी हुई मूंग दाल को पीसकर बनाया जाने वाला ये नाश्ता प्रोटीन से भरपूर होता है। सालों से लोग इसे अपने घरों में बनाते आए हैं। झटपट बनने वाला ये नाश्ता आज भी पसंद किया जाता है। 

मूंगफली

मूंगफली ग्रामीण खान-पान में हमेशा से शामिल रही है। इसे भुनकर, उबालकर या गुड़ के साथ खाने से प्रोटीन भी मिलता है और पेट भी लंबे समय तक भरा रहता है। इसके पौष्टिक तत्वों के कारण ही इसे गरीबों का काजू भी कहा जाता है। किसान इसे खेतों में ले जाते थे और बच्चे स्कूल ले जाया करते थे। कम खर्च में ये भरपूर प्रोटीन देता है।  

गाढ़ा दही

दही भी ग्रामीण भारत के खाने में हमेशा से शामिल रहा है। एक कटोरी गाढ़ा दही खाने का स्वाद भी बढ़ाता है और शरीर को प्रोटीन भी देता है। साथ ही, ये पाचन के लिए भी काफी अच्छा होता है। 


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