UP के आजमगढ़ में फेमस है समोसे की तरह दिखने वाली ये खस्ता-रसीली मिठाई, एक बार खाएंगे; तो नहीं भूल पाएंगे स्वाद
सोचिए... आप एक मिठाई का टुकड़ा तोड़ते हैं, हल्की-सी 'कड़क' की आवाज आती है, और अगले ही पल अंदर भरा ...और पढ़ें

चाशनी में डूबी खस्ता परत और मावे का स्वाद! (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में मिठाइयों का अपना एक अलग ही रुतबा है। हर शहर की कोई न कोई खास मिठाई जरूर होती है। अगर आप उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ या पूर्वांचल के आस-पास जाएं, तो वहां आपको दुकानों पर एक बेहद अनोखी मिठाई सजी हुई मिलेगी।
पहली नजर में यह आपको बिल्कुल किसी छोटे समोसे या चौकोर कचौड़ी जैसी लगेगी, लेकिन जब आप इसे खाएंगे, तो इसका रसभरा स्वाद आपको इसका दीवाना बना देगा। इस मशहूर और शाही मिठाई का नाम है- 'लौंगलता'।

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क्या है लौंगलता और कैसे पड़ा इसका नाम?
लौंगलता सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि स्वाद का एक बेहतरीन तजुर्बा है। इसका नाम 'लौंगलता' इसलिए पड़ा क्योंकि इसके बीचों-बीच एक लौंग लगाई जाती है। यह लौंग सिर्फ सजावट के लिए नहीं होती, बल्कि यह मिठाई के अंदर अपनी एक भीनी-भीनी खुशबू और हल्का-सा तीखापन छोड़ देती है। जब यह लौंग का स्वाद चाशनी की मिठास के साथ मिलता है, तो मुंह में एक गजब का जादू सा होता है।
अंदर से रसीली, बाहर से एकदम खस्ता
इस मिठाई को बनाने का तरीका बड़ा ही दिलचस्प है। मैदे की छोटी सी परत बेलकर उसके अंदर शुद्ध मावा, चीनी, इलायची और ड्राई फ्रूट्स की शानदार स्टफिंग भरी जाती है। फिर इसे चारों तरफ से मोड़कर एक पॉकेट जैसा आकार दिया जाता है और इसे सील करने के लिए बीच में एक लौंग गाड़ दी जाती है। इसके बाद इसे घी में एकदम कुरकुरा होने तक डीप फ्राई किया जाता है और अंत में गरमागरम चाशनी में डुबो दिया जाता है।
क्यों हैं लोग इसके इतने दीवाने?
लोग लौंगलता के इतने दीवाने इसलिए हैं क्योंकि इसमें आपको एक ही बाइट में कई स्वाद मिलते हैं। बाहर से यह एकदम खस्ता होती है और अंदर से चाशनी और खोये से लबालब भरी हुई। जैसे ही आप इसे खाते हैं, अंदर का मीठा रस मुंह में घुल जाता है। आजमगढ़ और आस-पास के जिलों में लोग इसे नाश्ते में जलेबी के साथ या शाम की चाय के साथ बड़े चाव से खाते हैं। होली, दीवाली या शादी-ब्याह के मौके पर तो यह वहां की सबसे खास मिठाई बन जाती है।
घर पर बनाने के लिए आसान रेसिपी
अगर आजमगढ़ की मशहूर लौंगलता की बातें सुनकर आपके मुंह में भी पानी आ गया है, तो आपको इसे खाने के लिए यूपी जाने की जरूरत नहीं है। आप इस शाही और खस्ता मिठाई को बहुत ही आसानी से अपनी रसोई में बना सकते हैं। आइए जानते हैं इसे बनाने के लिए किन चीजों की जरूरत होगी और क्या है इसे बनाने का सही तरीका।

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लौंगलता बनाने के लिए सामग्री
आटा गूंथने के लिए:
- मैदा - 2 कप
- शुद्ध घी (मोयन के लिए) - 4 से 5 बड़े चम्मच
- पानी - आटा गूंथने के लिए
स्टफिंग के लिए:
- खोया - 1 कप
- पिसी हुई चीनी - 3 से 4 बड़े चम्मच
- बारीक कटे हुए मेवे (काजू, बादाम, पिस्ता) - 2 बड़े चम्मच
- इलायची पाउडर - आधा छोटा चम्मच
- लौंग - 10 से 12 (मिठाई को बंद करने के लिए)
चाशनी के लिए:
- चीनी - 1.5 कप
- पानी - 1 कप
- इलायची पाउडर - चुटकी भर
- तलने के लिए - शुद्ध घी या रिफाइंड तेल
लौंगलता बनाने की विधि
- एक बड़े बर्तन में मैदा छान लें और उसमें मोयन के लिए घी डालें। इसे हाथों से अच्छी तरह मिलाएं ताकि घी मैदे में मिल जाए। ध्यान रहे, मुट्ठी बांधने पर मैदा बंधना चाहिए, यही इसके खस्ता होने का राज है। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए हल्का सख्त आटा गूंथ लें। आटे को सूती कपड़े से ढककर 20 मिनट के लिए सेट होने के लिए रख दें।
- एक पैन में मावे को धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भून लें और फिर गैस बंद कर दें। जब खोया पूरी तरह से ठंडा हो जाए, तो इसमें पिसी हुई चीनी, कटे हुए मेवे और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें। आपकी रसीली स्टफिंग तैयार है।
- एक बर्तन में चीनी और पानी डालकर गैस पर रखें। इसे तब तक उबालें जब तक कि चीनी पूरी तरह घुल न जाए और एक चिपचिपी चाशनी तैयार न हो जाए। स्वाद और खुशबू के लिए इसमें थोड़ा सा इलायची पाउडर डाल दें और गैस बंद कर दें।
- गुंथे हुए आटे से छोटी-छोटी लोइयां तोड़ लें। एक लोई को पूरी की तरह गोल बेल लें। इसके बिल्कुल बीच में एक या डेढ़ चम्मच खोये वाली स्टफिंग रखें। अब पूरी के किनारों पर हल्का सा पानी लगाएं। पहले दाएं-बाएं से मोड़कर स्टफिंग को ढकें, फिर ऊपर-नीचे से मोड़कर एक चौकोर पॉकेट का आकार दें। इसे अच्छे से सील करने के लिए इसके बीचों-बीच एक लौंग गाड़ दें। इसी तरह सारी लौंगलता तैयार कर लें।
- एक कड़ाही में घी या तेल डालकर हल्का गर्म करें। अब तैयार लौंगलता को कड़ाही में डालें और बिल्कुल धीमी से मध्यम आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें। धीमी आंच पर तलने से ये अंदर तक खस्ता बनेंगी।
- सुनहरा होने के बाद इन्हें तेल से निकालें और तुरंत हल्की गर्म चाशनी में डाल दें। 4 से 5 मिनट तक इन्हें चाशनी में डूबा रहने दें ताकि ये अंदर तक मिठास सोख लें। बस, आपकी गरमागरम और खस्ता लौंगलता बनकर बिल्कुल तैयार है। इसे प्लेट में निकालें और अपने परिवार के साथ इस शाही मिठाई का लुत्फ उठाएं।
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