केला खाते ही आएगा वनीला आइसक्रीम का स्वाद; आम केले से बिल्कुल अलग है ये अनोखा फल
इस अनोखे 'आइसक्रीम बनाना' या ब्लू जावा केले का स्वाद वनीला आइसक्रीम जैसा होता है।

आइसक्रीम उर्फ ब्लू जावा बनाना (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हमारे यहां पके केले को ज्यादातर बनाना शेक और कच्चे केले को सब्जियों के साथ ही अलग-अलग व्यंजन बनाकर खाया जाता है। पर क्या अगर हम कहें कि एक ऐसा भी केला मिलता है, जिसका स्वाद एकदम वनीला आइसक्रीम की तरह होता है?
हम किसी वनीला और बनाना फ्लेवर आइसक्रीम की बात नहीं कर रहे, यहां आइसक्रीम बनाना नाम की केले की एक किस्म की बात हो रही है। आइए आपको इस अनोखे केले के बारे में बताते हैं।
आइसक्रीम उर्फ ब्लू जावा बनाना
आइसक्रीम बनाना कहे जाने वाले इस केले की किस्म का नाम ब्लू जावा है, यह अनोखा फल दक्षिण-पूर्व एशिया, हवाई और मध्य अमेरिका के कुछ हिस्सों में उगता है। पकने से पहले इस केले के छिलके का रंग सिल्वर ब्लू टिंट रंग में दिखाई देता है, पर जब यह पूरी तरह से पक जाता है, तो अपने क्रीमी पीले रंग में आ जाता है।
क्या इसका स्वाद वनीला जैसा है?
इस केले के रंग के अलावा स्वाद इसे खास बनाता है, आपको शायद पता न हो पर इसके अंदर का टेक्स्चर सामान्य केले से भी ज्यादा मुलायम और क्रीमी सा होता है। इसमें हल्की मिठास के साथ वनीला जैसी खुशबू और स्वाद भी आता है। इसी वजह से लोग इसकी तुलना वनीला आइसक्रीम से भी करते नजर आते हैं।
ठंडा करने के बाद स्वाद और बनावट बेहतर
वैसे तो इस फल को ताजा कहा सकते हैं, लेकिन अगर इसे फ्रिज में थोड़ा ठंडा कर लिया जाए तो इस फल का स्वाद और टेक्स्चर पहले से भी बेहतर हो जाता है। इसके टुकड़ों को स्मूदी या आइसक्रीम में खाने का भी अपना अलग ही मजा है।
क्या यह सामान्य केले से ज्यादा हेल्दी?
इसका स्वाद और टेक्स्चर भले ही सामान्य केले से अलग हो, लेकिन इसमें पोषक तत्व उतने ही हैं। वही एनर्जी देने वाला कार्बोहाइड्रेट, पोटेशियम, विटामिन बी-6, विटामिन-सी और अच्छी खासी मात्रा में पाया जाने वाला फाइबर। ऐसे में लोगों की यह फल पसंद करने की वजह इसके पोषक तत्व नहीं, इसका अलग सा स्वाद है।
भारत में भी उग सकता है वनीला आइसक्रीम केला
भारत में गर्म और नम वाली जलवायु में इस फल को उगाया जा सकता है। दक्षिण भारत के इलाके इस फल के लिए सबसे अनुकूल जगह हैं। बता दें कि केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक के कुछ इलाकों में तो इसे उगाने का प्रयोग भी किया जा रहा है।
