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न तेल का झंझट, न मसाले की जरूरत! ऐसे बनाएं कच्ची हल्दी का औषधीय अचार, महीनों तक नहीं होगा खराब

Published: Wed, 21 Oct 2026 05:00 PM (IST)

कच्ची हल्दी का औषधीय अचार बिना तेल और मसाले के आसानी से बनाया जा सकता है, जो सर्दियों में इम्युनिटी बढ़ाता है और पाचन सुधारता है।

बिना एक बूंद तेल के तैयार करें कच्ची हल्दी का अचार (Image Source: AI-Generated)

बिना एक बूंद तेल के तैयार करें कच्ची हल्दी का अचार (Image Source: AI-Generated)

HighLights

  1. कच्ची हल्दी का औषधीय अचार बिना तेल-मसाले के

  2. इम्युनिटी बढ़ाए, जोड़ों के दर्द और पाचन में सहायक

  3. एक बार बनाकर महीनों तक स्टोर करना आसान

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आयुर्वेद में कच्ची हल्दी को किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं माना गया है। सर्दियों में यह इम्युनिटी बढ़ाती है, जोड़ों के दर्द से राहत दिलाती है और पाचन तंत्र को भी मजबूत रखती है। हालांकि, अक्सर लोग इसे अपनी रोजमर्रा की डाइट में शामिल करने का आसान तरीका नहीं खोज पाते।

अगर आप बाजार के तेल और मसालों से भरे अचार खाने से बचते हैं, तो हल्दी का यह औषधीय अचार आपके लिए एकदम सही है। इस अचार में न तो एक बूंद तेल लगता है और न ही किसी तरह के तीखे मसाले की जरूरत होती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे एक बार बनाकर आप महीनों तक आराम से स्टोर कर सकते हैं।

Raw Turmeric Pickle Recipe

(Image Source: AI-Generated)

कच्ची हल्दी का अचार बनाने के लिए सामग्री

  • कच्ची हल्दी: 250 ग्राम
  • नींबू: 4 से 5 (रस के लिए)
  • नमक या सेंधा नमक: स्वादानुसार
  • अदरक और हरी मिर्च: थोड़ी-सी (ऐच्छिक, स्वाद बढ़ाने के लिए)

कच्ची हल्दी का अचार बनाने का तरीका

  • सबसे पहले कच्ची हल्दी को पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि उसकी सारी मिट्टी निकल जाए। इसके बाद हल्दी को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में या पतले गोल स्लाइस में काट लें। हाथों में पीला रंग न लगे, इसके लिए आप हल्दी काटते समय ग्लव्स पहन सकते हैं। अगर आप अदरक और हरी मिर्च का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उन्हें भी बारीक काट लें।
  • अब एक साफ और पूरी तरह से सूखा हुआ कांच का जार लें। इस बात का खास ध्यान रखें कि जार में बिल्कुल भी नमी या पानी की बूंद न हो, वरना अचार जल्दी खराब हो सकता है। कटी हुई हल्दी और बाकी चीजों को इस जार में डाल दें।
  • जार में स्वादानुसार नमक डालें और ऊपर से ताजे नींबू का रस निचोड़ दें। नींबू का रस इतना होना चाहिए कि हल्दी के टुकड़े उसमें अच्छी तरह डूब जाएं। नींबू और नमक ही इस अचार में प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव का काम करते हैं, जिससे यह बिना तेल के भी महीनों तक बिल्कुल ताजा रहता है।
  • जार का ढक्कन अच्छी तरह बंद करें और उसे हिलाकर सारी सामग्री मिला लें। अब इस जार को 3 से 4 दिन तक धूप में रखें। रोजाना जार को एक बार जरूर हिलाएं ताकि हल्दी नींबू के रस को अच्छे से सोख ले। कुछ ही दिनों में हल्दी नरम हो जाएगी और आपका स्वादिष्ट, सेहतमंद कच्ची हल्दी का अचार बनकर तैयार हो जाएगा।

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