यूपी-राजस्थान ही नहीं, कोलकाता की 'क्लब कचौड़ी' भी है देशभर में मशहूर; हींग वाला तड़का बनाता है इसे खास
कोलकाता की मशहूर 'क्लब कचौड़ी' अपने हींग वाले खास तड़के के लिए खूब पसंद की जाती है।

नाम में 'क्लब' है, लेकिन स्वैग एकदम ठेठ देसी! (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब भी कचौड़ी का नाम आता है, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले राजस्थान की 'प्याज की कचौड़ी' या फिर यूपी की 'खस्ता कचौड़ी' की तस्वीर उभरकर आती है। हालांकि, क्या आपने कभी कोलकाता की मशहूर 'क्लब कचौड़ी' का स्वाद चखा है?
अगर आप खाने-पीने के शौकीन हैं, तो आपको यह जरूर पता होना चाहिए कि बंगाल की यह छोटी-सी कचौड़ी अब सिर्फ कोलकाता तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है।
क्या है इस कचौड़ी की खासियत?
बाकी कचौड़ियों के मुकाबले, कोलकाता की क्लब कचौड़ी आकार में काफी छोटी और एकदम गोल-मटोल होती है। आप इसे दो-चार बाइट में ही खा सकते हैं। बता दें, इसका साइज भले ही छोटा हो, इसका स्वाद बहुत दमदार होता है। इसे सबसे अलग और खास बनाता है इसके गुंथे हुए आटे में मिलाई जाने वाली उड़द की दाल और हींग का तड़का। जी हां, जब यह कचौड़ी गरमागरम तेल में छनकर बाहर आती है, तो हींग की वह लाजवाब खुशबू किसी का भी मन ललचाने के लिए काफी होती है।
बिना प्याज-लहसुन वाली आलू की सब्जी का कमाल
क्लब कचौड़ी को खाने का असली मजा इसके साथ मिलने वाली रसदार आलू की सब्जी में है। हैरानी की बात यह है कि इस सब्जी में प्याज और लहसुन का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं होता। फिर भी टमाटर, हरी मिर्च और कुछ खास मसालों के मेल से यह इतनी चटपटी बनती है कि आप उंगलियां चाटते रह जाएंगे। इसे अक्सर मिट्टी के कुल्हड़ या साल के पत्तों से बनी कटोरी में परोसा जाता है, जो इसके देसीपन और स्वाद को दोगुना कर देता है।
कोलकाता की सुबह की असली शान
माना जाता है कि कोलकाता के लोग मीठे के दीवाने होते हैं, लेकिन वहां सुबह की शुरुआत रसगुल्ले से नहीं, बल्कि इसी चटपटी क्लब कचौड़ी से होती है। शहर की हर छोटी-बड़ी मिठाई और नमकीन की दुकान पर सुबह-सुबह इसे खाने वालों की लंबी लाइन लग जाती है। हींग की महक और आलू की सब्जी का तीखापन नींद खोलने के लिए एकदम परफेक्ट है।
क्लब कचौड़ी बनाने के लिए सामग्री
- मैदा: 1 कप
- उड़द की दाल: 1/4 कप (3-4 घंटे पानी में भीगी हुई)
- अदरक और हरी मिर्च: 1 इंच अदरक का टुकड़ा और 2 हरी मिर्च
- हींग: 2 चुटकी
- सौंफ: आधा चम्मच
- नमक: स्वादानुसार
- तेल: मोयन के लिए और तलने के लिए
आलू की सब्जी के लिए:
- उबले हुए आलू: 3-4 (हाथ से रफली फोड़े हुए)
- टमाटर: 2 (बारीक कटे हुए)
- अदरक-हरी मिर्च: बारीक कटी हुई
- मसाले: हींग, जीरा, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला और नमक
- हरा धनिया: सजावट के लिए
क्लब कचौड़ी बनाने की आसान विधि
सबसे पहले भीगी हुई उड़द की दाल का पानी निकाल लें। अब मिक्सी में दाल, अदरक और हरी मिर्च डालकर उसे पीस लें। ध्यान रहे, पेस्ट बहुत ज्यादा बारीक नहीं करना है, हल्का दरदरा रखना है। अब एक बड़े बर्तन में मैदा लें। उसमें दाल का पेस्ट, कुटी हुई सौंफ, हींग, नमक और 2 चम्मच तेल डाल दें। सबको हाथों से अच्छे से मिलाएं। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए पूरी के आटे जैसा हल्का सख्त आटा गूंथ लें। इसे 15-20 मिनट के लिए गीले कपड़े से ढककर आराम करने दें।
जब तक आटा सेट हो रहा है, सब्जी बना लेते हैं। एक कड़ाही में 2 चम्मच तेल गरम करें। इसमें थोड़ा सा जीरा और हींग डालें। अब कटी हुई हरी मिर्च और अदरक डालकर हल्का सा भूनें। इसके बाद कटे हुए टमाटर डालें और तब तक पकाएं जब तक टमाटर गल न जाएं। अब इसमें हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और नमक डालकर मसाले को भूनें। जब मसाला तेल छोड़ने लगे, तो उबले और फोड़े हुए आलू डाल दें। 1-2 कप पानी डालें और सब्जी को 5-7 मिनट तक मध्यम आंच पर उबलने दें। अंत में गरम मसाला और बारीक कटा हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें। सब्जी तैयार है।
अब गूंथे हुए आटे की छोटी-छोटी लोइयां तोड़ लें। बेलन की मदद से इन्हें छोटी और गोल पूरियों की तरह बेल लें। एक कड़ाही में तेल गरम करें। तेल के अच्छे से गरम होने पर कचौड़ियों को डालें और मीडियम आंच पर सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तल लें। ये तेल में जाते ही गोल-मटोल फूलने लगेंगी।
लीजिए, आपकी गरमागरम क्लब कचौड़ी बिल्कुल तैयार है। इसे एक प्लेट में निकालें और साथ में उस चटपटी, मसालेदार और रसेदार आलू की सब्जी को परोसें।
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