खाना बनाते समय चावल के मांड का देसी जुगाड़ जान लेंगे, तो पानी नहीं करेंगे बर्बाद; रसोई में आएगा बार-बार काम
चावल का मांड, जो पारंपरिक रूप से चावल पकाते समय निकलता है, खाना पकाते समय भी आपकी बड़ी मदद कर सकता है।

कुकिंग में चावल के मांड का इस्तेमाल (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कई भारतीय घरों में आज भी खाना पकाने के पारंपरिक तौर-तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, इसमें से एक है चावल को कुकर के बजाय भगोने में पकाना। इस तरह से चावल बनाने पर उसमें से जो पानी निकलता है, वह मांड कहलाता है।
यह गाढ़ा पानी शरीर, त्वचा और बालों की देखभाल के साथ ही पौधों की सेहत का बहुत अच्छे से ख्याल रखता है, तो वहीं इसे रसोई में भी इसे कई तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है। आइए इन तरीकों के बारे में विस्तार से जानते है।
आटा गूंधने के लिए
गरमा गरम रोटियां नरम भी हों तो खाने का स्वाद ही डबल हो जाता है और इस काम में चावल का पानी आपकी बड़ी मदद कर सकता है। स्टार्च से भरपूर इस मांड से आटा गूंधने पर रोटियां मुलायम बनने के साथ ही लंबे समय तक नरम रहती हैं।
सब्जी-दाल की ग्रेवी गाढ़ी करने के लिए
कई बार जब हम सब्जी या दाल बनाते हैं तो वह ज्यादा ही पतली हो जाती है, ऐसे में सबसे पहले हमें कॉर्नफ्लोर ही याद आता है। जबकि चावल का पानी भी यह काम बहुत अच्छे से कर सकता है। वहीं, आप सब्जी या दाल बनाते समय पानी डालने के बजाय मांड डाल सकते हैं। यकीन माने इसका थिक और क्रीमी टेक्सचर आपको निराश नहीं करेगा।
सूप बनाएं
सूप बनाते समय उसे गाढ़ा करने के लिए लंबे समय तक आंच पर पकाना पड़ता है या फिर उसमें सब्जियों को ब्लेन्ड करके डालना पड़ता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि मांड डालने पर यह काम आधा हो सकता है।
चिप्स या पापड़ बनाएं
सुबह-शाम के नाश्ते में अगर घर के बने स्वादिष्ट और खस्ता पापड़-चिप्स मिल जाएं तो मजा ही आ जाता है। इसके लिए आप चावल का बचा हुआ पानी निकालकर उसमें आधा कप चावल, सूजी या मैदा मिलाएं। इस मिश्रण में जीरा, नमक और मिर्च डालकर अच्छे से मिलाएं। फिर इसके बाद इस गाढ़े मिश्रण को प्लास्टिक में रखकर पापड़ और चिप्स तैयार कर लें।
दलिया या खिचड़ी में डालें
मांड विटामिंस और मिनरल्स से भरपूर होता है, इसी वजह से इसे बच्चों के खाने में शामिल करना फायदेमंद है। छोटे बच्चों के लिए दलिया या खिचड़ी बनाते समय मांड डालें या फिर मांड में ही जीरे का तड़का लगाकर उन्हें खिलाएं।
