क्या सच में बाजार में बिक रहे हैं प्लास्टिक के अंडे? FSSAI ने बताया पानी वाला सिंपल टेस्ट, तुरंत खुलेगी पोल
इंटरनेट पर वायरल 'प्लास्टिक वाले अंडों' के वीडियो के बीच FSSAI ने अंडों की ताजगी जांचने का आसान वॉटर टेस्ट बताया है।

कहीं आप भी तो नहीं खा रहे 'प्लास्टिक का अंडा'? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। इंटरनेट पर आजकल 'प्लास्टिक वाले अंडों' के वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं। इन्हें देखकर किसी के भी मन में डर बैठ सकता है कि कहीं हम जो अंडे खा रहे हैं, वो नकली तो नहीं (Real vs Fake eggs)?
बाजार में बिकने वाले अंडों की असलियत को लेकर अक्सर लोगों में कन्फ्यूजन रहता है। आपके इसी डर और भ्रम को खत्म करने के लिए भारत के खाद्य सुरक्षा विभाग (FSSAI) ने एक बेहद काम का तरीका शेयर किया है। जी हां, इस आसान से टेस्ट के जरिए आप अपनी रसोई में ही पता लगा सकते हैं कि आपका अंडा ताजा है या फिर पुराना।
घर बैठे पानी से करें असली-नकली का फैसला
FSSAI ने अंडे की सच्चाई परखने के लिए एक बहुत पुराना और कारगर नुस्खा बताया है, जिसे वॉटर टेस्ट कहते हैं। इसके लिए आपको कोई वैज्ञानिक उपकरण नहीं चाहिए। बस एक कांच का गिलास या गहरा बर्तन लें और उसमें पानी भर लें।
Seen claims about “plastic eggs” online? Don’t let food rumours influence your choices. Watch this video to learn a simple way to check whether an egg is fresh or stale at home. Stay informed and don’t let misinformation crack your trust. #FSSAIMythBuster #EggStories https://t.co/p0pCQ0Fo7G
— FSSAI (@fssaiindia) September 26, 2026
अब उस पानी में अपना अंडा डालें और देखें कि क्या होता है:
- ताजा अंडा: अगर अंडा बिल्कुल ताजा और खाने लायक होगा, तो वह सीधे बर्तन के नीचे जाकर सतह पर आराम से टिक जाएगा।
- पुराना अंडा: अगर अंडा बासी या काफी पुराना हो चुका है, तो वह पानी में ऊपर की तरफ तैरने लगेगा या फिर सीधा खड़ा हो जाएगा।
जर्दी और सफेदी का मिलना क्या नकली होने का सबूत है?
सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा फैलाई जाने वाली अफवाह यह है कि अगर अंडे का पीला भाग और सफेद हिस्सा फोड़ते ही आपस में घुल जाएं, तो वह अंडा प्लास्टिक का बना है। FSSAI ने इस दावे को पूरी तरह से निराधार बताया है।
असल में, जैसे-जैसे अंडा पुराना होता है, अंदर से उसकी संरचना और कसावट कमजोर पड़ने लगती है। इसी वजह से जर्दी और सफेदी आसानी से आपस में मिल जाते हैं। यह सिर्फ अंडे के पुराने होने की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, न कि उसके नकली या प्लास्टिक होने का कोई सबूत।
अंडा अंदर से सूख क्यों जाता है और पानी में क्यों तैरता है?
हमें अंडे का बाहरी छिलका काफी सख्त लगता है, लेकिन हकीकत में इसमें अनगिनत बहुत बारीक छेद होते हैं। समय बीतने के साथ, इन्हीं छोटे छेदों से अंडे के अंदर की नमी भाप बनकर उड़ जाती है और उसकी जगह हवा ले लेती है।
हवा का यह बुलबुला अंडे के अंदर बड़ा हो जाता है, जिससे अंडा हल्का होकर पानी में तैरने लगता है। इसी कारण से जब आप किसी बहुत पुराने अंडे को फोड़ते हैं, तो वह आपको अंदर से बिल्कुल सूखा-सूखा सा महसूस होता है।
अब अगर आपको सोशल मीडिया पर कोई ऐसा वीडियो दिखे जो आपको प्लास्टिक के अंडे के नाम पर डराने की कोशिश करे, तो बिना घबराए बस एक गिलास पानी लें और खुद अंडों की जांच कर लें।
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