न इस नाम का कोई लड़का था, न लड़की! फिर क्यों Bobby Pin कहलाती है महिलाओं की यह छोटी-सी हेयर पिन?
क्या आपने कभी सोचा है कि इसे "बॉबी पिन" का नाम कैसे पड़ा... इसे किसने बनाया?

आखिर किस पर रखा गया ‘बॉबी पिन’ का नाम? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आपने आज तक ढेरों बॉबी पिन्स खरीदी होंगी, लेकिन अगर अभी ढूंढने बैठें तो शायद सिर्फ दो-चार ही मिलेंगी। हम अक्सर इन छोटी-छोटी पिन्स को बस उड़ते हुए बालों को सेट रखने वाली एक हेयर पिन मान लेते हैं। हालांकि, सच तो यह है कि आपके बाथरूम की दराज में पड़ी इस 'सुपरहीरो' पिन की कहानी बहुत ही दिलचस्प से भरी है।
आखिर इसे किसने बनाया? इसका नाम 'बॉबी' कैसे पड़ा? और ये पिन्स सुपरमार्केट के फ्री सैंपल्स से भी ज्यादा तेजी से गायब कैसे हो जाती हैं? आइए, इस हेयर पिन का पूरा इतिहास डिटेल में जानते हैं।

(Image Source: AI-Generated)
वो विद्रोही हेयरस्टाइल जिसने बदल दिया इतिहास
1920 के दशक में, प्रथम विश्व युद्ध के बाद महिलाओं ने भारी-भरकम कपड़ों और लंबे बालों की पुरानी परंपराओं को तोड़ना शुरू किया। एक नए बदलाव और आजादी के प्रतीक के रूप में महिलाओं ने अपने बाल छोटे करवाने शुरू कर दिए। इस ठुड्डी तक लंबे हेयरकट को बॉब कट कहा गया। बता दें, 'बॉब' शब्द बेहद पुराना है, जिसका इस्तेमाल सदियों पहले घोड़ों की कटी हुई पूंछ के लिए किया जाता था।
मशहूर डांसर आइरीन कैसल ने सबसे पहले इस लुक को अपनाया था। यह स्टाइल इतना नया और विद्रोही था कि शुरुआत में आम हेयरड्रेसर्स ने इसे काटने से साफ मना कर दिया था। मजबूरन महिलाओं को बाल कटवाने नाइयों के पास जाना पड़ा। यानी यह बात बिल्कुल साफ है कि इस पिन का नाम किसी 'बॉब' नाम के व्यक्ति पर नहीं, बल्कि इसी मशहूर 'बॉब हेयरकट' के नाम पर पड़ा है।
इन्वेंटर ने अपने नाम पर क्यों नहीं रखा 'बॉबी पिन' का नाम?
छोटे बालों के साथ सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि हवा में उन्हें कैसे सेट रखा जाए। पुरानी बड़ी कंघियां और बड़े U-शेप वाले हेयरपिन छोटे बालों पर बिल्कुल काम नहीं करते थे। सैन फ्रांसिस्को के कॉस्मेटिक निर्माता लुइस मार्क्स ने इस परेशानी को समझा और खास तौर पर छोटे बालों के लिए एक स्लीक पिन डिजाइन की।
वो चाहते तो इसे अपने नाम पर 'मार्क्स पिन' कह सकते थे, लेकिन उन्होंने ट्रेंड के हिसाब से इसे 'बॉबिंग पिन' नाम दिया, जो बाद में बोलने में आसान होकर 'बॉबी पिन' बन गया।
पिन का डिजाइन बनाता है इसे खास
यह सिर्फ मुड़ा हुआ मेटल का टुकड़ा नहीं, बल्कि बेहतरीन इंजीनियरिंग का नमूना है। इसके काम करने का तरीका कुछ इस तरह है:
- प्लास्टिक की गोल टिप्स: सिरों पर लगी यह छोटी सी परत सिर की त्वचा को छिलने से बचाती है और बालों को टूटने नहीं देती।
- लहरदार हिस्सा: यह बालों पर मजबूत पकड़ बनाता है। सबसे जरूरी बात कि पिन लगाते समय यह लहरदार हिस्सा हमेशा नीचे की तरफ होना चाहिए, तभी यह बालों को खिसकने नहीं देता।
- सीधा हिस्सा: यह बालों को अपनी जगह पर चपटा और सेट रखता है। लहरदार और सीधे हिस्से का तनाव ही बालों को कसकर रखता है।
- स्प्रिंग जैसा गैप: दोनों हिस्सों के बीच की थोड़ी सी जगह स्प्रिंग की तरह काम करती है, जो बालों में जाते ही खुलती है और फिर कस जाती है।
अगर आप चाहती हैं कि पिन बिल्कुल भी न खिसके, तो पिन को बालों में लगाने से पहले उसके सिरों पर थोड़ी सी आईलैश एडहेसिव लगा लें।
हर जरूरत के लिए है अलग बॉबी पिन
आज के समय में बालों की बनावट के हिसाब से कई तरह की बॉबी पिन्स मौजूद हैं:
- नॉर्मल और मिनी पिन: रोज के कामों, छोटे बालों या आगे के बालों को सेट करने के लिए।
- जंबो या XL पिन: घुंघराले, भारी और मोटे बालों को संभालने के लिए।
- कर्व्ड पिन: यह सिर के आकार के हिसाब से मुड़ी होती है और जूड़े या अपडू हेयरस्टाइल में आसानी से छिप जाती है।
- वेव्ड या रिज्ड पिन: यह खासतौर पर बहुत पतले या तुरंत धुले हुए बालों के लिए होती है, जो बहुत जल्दी फिसलते हैं।
- डिजाइनर पिन: जिनमें मोती या नग लगे होते हैं, जो बालों की शोभा बढ़ाने और दिखाने के लिए इस्तेमाल होती हैं।
अगली बार जब आप अपने उड़ते हुए बालों को सेट करने के लिए यह पिन इस्तेमाल करें, तो याद रखें कि आप महज एक मेटल का पीस इस्तेमाल नहीं कर रही हैं, बल्कि 1920 के दशक के फैशन का एक शानदार ऐतिहासिक हिस्सा अपने बालों में लगा रही हैं।
