क्या सच में टेंशन लेने से सफेद होते हैं बाल? उम्र से पहले बालों की सफेदी रोकने के लिए करें ये काम
ज्यादा तनाव का असर आपके बालों पर भी पड़ता है। इसके कारण बाल समय से पहले सफेद होने लगते हैं।

स्ट्रेस कर रहा है समय से पहले आपके बाल सफेद (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर हम बड़े-बुजुर्गों को कहते सुनते हैं कि ज्यादा टेंशन मत लो, बाल सफेद हो जाएंगे, लेकिन क्या सचमुच स्ट्रेस के कारण बाल सफेद हो सकते हैं? आज के समय में जब हम हमेशा काम के या पर्सनल लाइफ के स्ट्रेस में ही रहते हैं, यह सवाल और भी जरूरी हो जाता है।
इस बारे में डॉ. कपिल सिंघल (डायरेक्टर,न्यूरोलॉजी, इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज, मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा) बताते हैं कि स्ट्रेस के कारण सचमुच बाल सफेद हो सकते हैं। आइए जानें ऐसा क्यों होता है और इससे कैसे बच सकते हैं?
बालों को कैसे नुकसान पहुंचाता है स्ट्रेस?
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में यह पाया गया कि लंबे समय तक रहने वाला स्ट्रेस उन सेल्स को नुकसान पहुंचाता है जो बालों को उनका प्राकृतिक रंग देने के लिए जिम्मेदार होती हैं। एक बार जब ये पिगमेंट बनाने वाले सेल्स डैमेज हो जाते हैं, तो बालों का अपना असली रंग प्राकृतिक रूप से वापस पाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
आसान शब्दों में कहें तो, तनाव सिर्फ हमारे दिमाग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह शरीर पर भी अपने लक्षण दिखाने लगता है। इतना ही नहीं, तनाव के कारण शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस भी बढ़ता है, जिससे बालों की जड़ें कमजोर होती हैं और मेलेनिन का प्रोडक्शन कम हो जाता है।

(AI Generated Image)
लाइफस्टाइल भी है जिम्मेदार
आज की हर वक्त भागती-दौड़ती जिंदगी लोगों को उम्र से पहले बूढ़ा बना रही है। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन देखना, नींद की कमी, काम का लगातार दबाव और गैजेट्स का ज्यादा इस्तेमाल न सिर्फ हमारे मानसिक स्वास्थ्य को बिगाड़ रहा है, बल्कि इसका सीधा असर हमारे बालों पर भी दिख रहा है।
अक्सर देखा जाता है कि 25 से 30 वर्ष की उम्र के युवा बहुत तेजी से सफेद होते बालों की समस्या का सामना कर रहे हैं। हालांकि, बालों के सफेद होने में जेनेटिक्स की भी भूमिका होती है, लेकिन अनहेल्दी आदतें और मानसिक तनाव इस प्रक्रिया को बहुत ज्यादा बढ़ा देते हैं।
बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
- पूरी नींद लें- हर रात कम से कम 7 से 8 घंटे की अच्छी और सुकून भरी नींद जरूर लें।
- स्क्रीन टाइम कम करें- देर रात तक मोबाइल फोन और लैपटॉप का इस्तेमाल करने से बचें।
- बुरी आदतों से दूरी- स्मोकिंग और शराब से परहेज करें।
- हेल्दी डाइट- अपनी डाइट में प्रोटीन, हरी सब्जियां, ताजे फल, ड्राई फ्रूट्स, विटामिन बी12 और आयरन से भरपूर चीजों को शामिल करें।
- एक्सरसाइज- रोजाना 30 से 40 मिनट एक्सरसाइज, वॉक या योग जरूर करें।
- डिजिटल डिटॉक्स- लगातार ऑनलाइन रहने की आदत से ब्रेक लें और अपने दिमाग को आराम दें।
- मदद लेने में न हिचकिचाएं- अगर आप लगातार तनाव, एंग्जायटी या नींद न आने की समस्या से जूझ रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें।
