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अब वेस्ट फूड से बनेगी गैस, इसी से तैयार होगा रनिंग रूम का खाना

Published: Thu, 25 Jun 2026 11:16 PM (IST)

चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन के रनिंग रूम में 25 लाख की लागत से अत्याधुनिक बायोगैस प्लांट लग रहा है, जिससे गीले ...और पढ़ें

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HighLights

  1. गीले कचरे से बनेगी गैस, एलपीजी का सस्ता विकल्प।

  2. पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता में सहायक होगा यह।

जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर। चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन के समीप स्थित रनिंग रूम में करीब 25 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक बायोगैस प्लांट की स्थापना हो रही है। 
 
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए रेलवे प्रशासन ने महाराष्ट्र के पुणे से 1,000 किलोग्राम क्षमता वाला विशाल बायोगैस भंडारण टैंक मंगवाया है। गुरुवार को इस टैंक को ट्रक के जरिए चक्रधरपुर लाया गया। 
 

रेलवे का कचरा बनेगा ईंधन, घटेगा LPG का खर्च  

इस बायोगैस प्लांट के चालू होने के बाद चक्रधरपुर रेल मंडल मुख्यालय के रनिंग रूम में ठहरने वाले रनिंग रेलकर्मियों (लोको पायलट और सहायक लोको पायलट) के लिए खाना इसी गैस से बनाया जाएगा। 
 
इस प्लांट में रेलवे क्वार्टर, स्टेशन प्लेटफॉर्म और रनिंग रूम के किचन से निकलने वाले गीले कचरे (ऑर्गेनिक वेस्ट) का निपटारा किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से बची हुई सब्जियां, छिलके, अन्य फूड वेस्ट और गाय के गोबर को प्रोसेस कर बायोगैस तैयार की जाएगी।
 
यह बायोगैस घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर का एक बेहतरीन और सस्ता विकल्प साबित होगी। इससे न सिर्फ पर्यावरण का संरक्षण होगा, बल्कि रेलवे परिसर में किचन वेस्ट से होने वाली गंदगी से भी निजात मिलेगी। 
 

अधिकारियों की मौजूदगी में काम शुरू 

बायोगैस प्रोसेसिंग और भंडारण टैंक को स्थापित करने के काम का जायजा लेने के लिए एडीआरएम (ओपी) अनुप पटेल, सीनियर डीईई जनरल चंद्रशेखर, सीनियर डीएमई राजीव रंजन रसिक और आईओडब्ल्यू सहित कई अन्य रेल अधिकारी व कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।

गुरुवार को कम क्षमता की हाइड्रा मशीन होने के कारण सुरक्षा कारणों से टैंक को रनिंग रूम के बगीचे में स्थापित नहीं किया जा सका।
 
रेल अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को पूरी तैयारी के साथ इस भारी टैंक को सावधानीपूर्वक बगीचे में स्थापित कर दिया जाएगा। 
 
रेलवे इस प्रोजेक्ट को एक गेम चेंजर के रूप में देख रहा है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो चक्रधरपुर रेल मंडल के अन्य प्रमुख स्टेशनों और विभागों में भी इस तरह के बायोगैस प्लांट लगाए जाएंगे।

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