Chaibasa Murder Case: खाना नहीं बनाने पर पत्नी की हत्या कर घर में शव गाड़ने वाला पति गिरफ्तार, पुलिस ने किया खुलासा
पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में एक पति ने खाना न बनाने पर अपनी पत्नी की हत्या कर दी और शव को घर के अंदर गाड़ दिया।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया और शव बरामद कर मामले का खुलासा किया।
HighLights
पति ने खाना न बनाने पर पत्नी की बेरहमी से हत्या की।
शव को घर के अंदर जमीन में गाड़कर सबूत छिपाने का प्रयास।
पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर शव बरामद किया।
संवाद सहयोगी, चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पांड्राशाली ओपी अंतर्गत तुगी गांव में पत्नी की हत्या कर घर के अंदर शव गाड़ देने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, समय पर खाना नहीं बनाने से नाराज पति राम हांसदा (49) ने गत 17 अक्टूबर की रात अपनी पत्नी गुरबारी हांसदा की बेरहमी से हत्या कर दी थी।
इसके बाद साक्ष्य छिपाने की नीयत से अगले दिन शव को घर के अंदर ही जमीन में गाड़ दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।
उसकी निशानदेही पर शव बरामद करने के साथ हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और खून लगी मिट्टी के नमूने भी जब्त कर लिए हैं।
प्रशिक्षु आईपीएस राज कुमार जेयराजू ने रविवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक अमित रेणु के निर्देशानुसार एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया था।
टीम ने प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी सह खूंटपानी के अंचल अधिकारी फुलेश्वर साव की मौजूदगी में आरोपी की निशानदेही पर घर के भीतर से शव को सुरक्षित बाहर निकाला।
घटनास्थल से पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए रांची से विशेष फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया था। मृतका की बेटी नागीश्री गागराई (30), जो खरसावां के बड़ासारगेय में रहती है, के लिखित आवेदन पर आरोपी पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने आरोपी राम हांसदा को गिरफ्तार कर रविवार को चाईबासा मंडल कारा (जेेल) भेज दिया है। पुलिस पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है और वर्ष 2018 में घटित एक अन्य मामले में आमदा ओपी में भी उसका नाम दर्ज है।
इस सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में पांड्राशाली ओपी प्रभारी मेघनाथ मंडल और ओपी के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
