डीजल छिड़ककर जलाया मां-बेटी का शव, गुफा में दफनाया; पश्चिमी सिंहभूम से 7 आरोपित गिरफ्तार
पश्चिमी सिंहभूम के मंझारी में मां-बेटी की हत्या के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। (जागरण)
HighLights
मां-बेटी की हत्या में सात आरोपी गिरफ्तार।
जमीन विवाद और पारिवारिक रंजिश मुख्य वजह।
शवों को जलाकर पहाड़ की गुफा में दफनाया।
संवाद सहयोगी, चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम)। मंझारी थाना क्षेत्र के बड़ा तोरलो गांव में मां-बेटी की हत्या के मामले में पुलिस ने सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
इनमें मुख्य साजिशकर्ता यदुनाथ बिरुवा उर्फ यादु (31), लादुरा बिरुवा (50), राजाराम बिरुवा (34), चेदरे बिरुवा उर्फ चंद्र बिरुवा, माहती बिरुवा (35), दुई कोडाकेल उर्फ लखन कोडाकेल (32) और त्रिभुवन बिरुवा (36) शामिल हैं।
सभी बड़ा तोरलो गांव और उसके टोलों के निवासी हैं। मामले में अन्य छह आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपितों को शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कार्रवाई में सदर एसडीपीओ बहामन टुटी, मंझारी थाना प्रभारी दिलीप साय मांझी, अनुसंधानकर्ता जितेंद्र कुमार सहित मंझारी थाना के सशस्त्र बल शामिल थे।
जमीन विवाद व पारिवारिक रंजिश बनी हत्या की वजह
प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह जमीन विवाद और पारिवारिक रंजिश सामने आई है। पुलिस के अनुसार, मां कुनी कुई (68) और बेटी नामसी बिरुवा (27) को रास्ते से हटाकर उनकी जमीन पर कब्जा करने के लिए 13 लोगों ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी।
हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए दोनों के शवों को दावबुरु पहाड़ की गुफा में ले जाकर डीजल छिड़ककर जलाया गया और फिर वहीं दफना दिया गया।
दावबुरु पहाड़ की गुफा से शवों की हड्डियां बरामद
गिरफ्तार सात आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने गुफा से जले हुए शवों की हड्डियां बरामद की हैं। सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टुटी ने बताया कि 27 अक्टूबर को मंझारी थाना पुलिस को बड़ा तोरलो गांव के टोपासाई टोला निवासी कुनी कुई और उनकी बेटी नामसी बिरुवा के लापता होने की सूचना मिली थी।
आशंका जताई गई थी कि जमीन विवाद में दोनों की हत्या कर शवों को जंगल में जला दिया गया है। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस अधीक्षक अमित रेणु के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई।
तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सात आरोपितों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर अंचलाधिकारी और रांची से आई एफएसएल टीम की मौजूदगी में गुफा से अवशेष बरामद किए गए।
जून में खेत की मेड़ काटने को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस के प्रारंभिक अनुसंधान में सामने आया है कि जून 2026 में खेत की मेड़ काटने को लेकर कुनी कुई और आरोपित यदुनाथ बिरुवा के बीच विवाद हुआ था।
वहीं, कुनी कुई के पहले पति के परिवार से जुड़े त्रिभुवन बिरुवा पर आरोप है कि वह रासिका बिरुवा की मृत्यु के बाद से ही मां-बेटी को घर से भगाने का प्रयास कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, मां-बेटी के रहते वह जमीन पर कब्जा नहीं कर पा रहा था। इसी रंजिश में त्रिभुवन ने अन्य लोगों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
13 अक्टूबर की शाम की गई हत्या
एसडीपीओ के अनुसार, 13 अक्टूबर 2026 की शाम करीब सात बजे कुनी कुई और नामसी की हत्या कर दी गई। इसके बाद दोनों के शवों को जंगल स्थित दावबुरु पहाड़ की गुफा में ले जाया गया।
वहां डीजल डालकर शवों को जलाया गया और हड्डियों समेत बचे अवशेषों को गुफा में दफना दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से अवशेष बरामद कर जांच के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की।
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