विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सरायकेला में लू और गर्मी का कहर, अस्पतालों में डायरिया-हीटस्ट्रोक के मरीजों की भीड़

Published: Thu, 30 Apr 2026 03:26 PM (IST)

सरायकेला-खरसावां जिले में भीषण गर्मी और लू के कारण अस्पतालों पर मरीजों का दबाव बढ़ गया है। सदर अस्पताल समेत ...और पढ़ें

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, सरायकेला। सरायकेला-खरसावां जिले में बढ़ते तापमान और लू की मार ने स्वास्थ्य सेवाओं को हांफने पर मजबूर कर दिया है। सरायकेला के सदर अस्पताल व प्रखंडों के स्वास्थ्य केंद्रों में डायरिया, उल्टी, लूज मोशन और हीटस्ट्रोक से ग्रस्त मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

सदर अस्पातल में प्रत्येक दिन डायरिया, बुखार व हीटस्ट्रोक से पीड़ित पांच से छह मरीजों को प्रतिदिन सदर अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है सरायकेला सदर अस्पताल के ओपीडी में रोजाना 230 से 260 के करीब मरीज पहुंचते हैं लेकिन गर्मी के कारण रोजाना 300 से अधिक मरीज यहां पहुंच रहे हैं।

यहां 50 से 60 मरीज कमजोरी, चक्कर और डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। यही हाल पूरे जिले के अस्पतालों का है। जहां मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। गर्मी के कारण पानी की कमी से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो रहा है।

यह मौसमी बीमारी का प्रकोप है, जो गंदे पानी, प्रदूषित भोजन और अत्यधिक गर्मी से जुड़ा है। जिले का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों में स्थिति गंभीर है।

लू लगने के प्रमुख लक्षण

  • तेज बुखार: शरीर का तापमान अचानक 103-104°F या उससे ऊपर होना।
  • त्वचा में बदलाव: त्वचा का बहुत गर्म, लाल और शुष्क (रूखा) हो जाना, पसीना आना बंद हो जाना।
  • सिरदर्द और चक्कर: तेज सिरदर्द और कमजोरी के साथ चक्कर आना।
  • उल्टी और जी मिचलाना: लगातार जी मिचलाना या उल्टी होना।
  • तेज धड़कन और सांस: दिल की धड़कन तेज होना और सांस लेने में तकलीफ।
  • मांसपेशियों में ऐंठन: शरीर में अकड़न या जकड़न महसूस होना।

यह भी पढ़ें- गुमला में कार्बाइड मुक्त फल अभियान शुरू, स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

यह भी पढ़ें- हजारीबाग ट्रिपल मर्डर: इरफान अंसारी के समर्थक मीडिया के सवाल पर भड़के, पत्रकारों की पिटाई का वीडियो वायरल

गर्मी के कारण हीटस्ट्रोक के मरीजों में इजाफा हुआ है। इस मौसम में ताजे फल जैसे तरबूज, खीरा, नींबू-पानी और छाछ को आहार में शामिल करें। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप से पूरी तरह परहेज करें। हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें, सिर पर टोपी या छाता इस्तेमाल करें।

-

डॉ. नकुल चौधरी, उपाधीक्षक सदर अस्पताल सरायकेला

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।