पुलिस संस्मरण दिवस: देशभर में 154 जवानों ने दिया सर्वोच्च बलिदान, साहिबगंज में शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
Sahibganj News: पुलिस संस्मरण दिवस पर साहिबगंज में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बीते एक साल में देशभर ...और पढ़ें

साहिबगंज पुलिस लाइन में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते एसपी अतिम कुमार सिंह और जवान। (फोटो जागरण)
HighLights
साहिबगंज में पुलिस संस्मरण दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
देशभर में 154 जवानों ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
झारखंड के तीन पुलिसकर्मी भी शहीद जवानों में शामिल थे।
संवाद सहयोगी, साहिबगंज। पुलिस संस्मरण दिवस (Police Commemoration Day) हर वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों की वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान को याद करने तथा उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए समर्पित है।
बुधवार को झारखंड के साहिबगंज जिले में भी पुलिस संस्मरण दिवस मनाया गया। पुलिस लाइन परिसर स्थित शहीद स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि सभा हुई। एसपी अमित कुमार सिंह ने देशभर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए पुलिस जवानों को याद करते हुए पुष्प अर्पित किए और उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
बीते एक साल में देशभर में कुल 154 जवानों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। इनमें झारखंड के तीन जवान भी शामिल हैं। बलिदान देने वाले झारखंड के जवानों में पुअनि हेमंत भगत, आरक्षी सुनील राम और संतन कुमार मेहता के नाम शामिल हैं। सभा में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम में मौजूद पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान देश की सुरक्षा, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस बल के योगदान को याद किया गया।
एसपी अमित कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस संस्मरण दिवस पुलिसकर्मियों के त्याग, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। यह दिवस उन जवानों को समर्पित है, जिन्होंने देश और समाज की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। कार्यक्रम में शहीद जवानों के बलिदान को याद कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
मौके पर मुख्यालय डीएसपी रविकांत साव, सदर एसडीपीओ सुशील कुमार, सार्जेंट मेजर रोहित दुबे, नगर थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता सहित कई पुलिस पदाधिकारी और जवान मौजूद थे।
उधर, साहिबगंज जीआरपी थाना में बुधवार की सुबह पुलिस स्मरण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर देश के लिए जान न्योछावर करने वाले शहीद अर्धसैनिक बल और पुलिस जवानों को याद किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी सत्यदेव राम, एसआइ रंजीत पासवान, एसआइ सुनील कुजूर, एएसआइ मंगल हांसदा और अन्य पुलिस जवान मौजूद रहे।
21 अक्टूबर को ही क्यों मनाया जाता है?
21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 10 जवान शहीद हो गए थे। वे भारतीय क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गश्त कर रहे थे। उनके अदम्य साहस और बलिदान की स्मृति में इस दिन को पुलिस संस्मरण दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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एक साल में देशभर के 154 जवानों ने दिया सर्वोच्च बलिदान
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्यवार और विभिन्न सुरक्षा बलों में बलिदान देने वाले जवानों की संख्या इस प्रकार है—
आंध्र प्रदेश — 01
तेलंगाना — 04
अरुणाचल प्रदेश — 01
उत्तर प्रदेश — 06
असम — 06
उत्तराखंड — 01
बिहार — 12
दिल्ली — 03
छत्तीसगढ़ — 06
पश्चिम बंगाल — 05
जम्मू-कश्मीर — 09
गुजरात — 02
असम राइफल्स — 06
हरियाणा — 04
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) — 25
कर्नाटक — 05
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) — 04
केरल — 01
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) — 02
मध्य प्रदेश — 09
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) — 09
महाराष्ट्र — 02
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) — 05
मणिपुर — 01
एफएस, सीडी, एचजी — 01
पंजाब — 02
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) — 08
राजस्थान — 05
झारखंड — 03
तमिलनाडु — 06
